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क्या सीबीआई ने 3.81 करोड़ के साइबर ठगी मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया?

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क्या सीबीआई ने 3.81 करोड़ के साइबर ठगी मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया?

सारांश

सीबीआई ने 3.81 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी नीरज को गिरफ्तार किया है। जांच में म्यूल अकाउंट के माध्यम से हुई धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। यह गिरफ्तारी मामले में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है। क्या यह गिरफ्तारी और भी अज्ञात आरोपियों को पकड़ने में मदद करेगी?

मुख्य बातें

सीबीआई ने 3.81 करोड़ रुपए की साइबर धोखाधड़ी के आरोपी को गिरफ्तार किया।
धोखाधड़ी म्यूल अकाउंट के माध्यम से की गई थी।
जांच में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावनाएं हैं।
सीबीआई की तकनीकी निगरानी से आरोपी का पता लगाया गया।
मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।

मुंबई, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 3.81 करोड़ रुपए की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े फरार आरोपी नीरज को गिरफ्तार किया है। इस मामले में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी एक ही दिन में म्यूल अकाउंट के जरिए की गई थी।

जुलाई माह में सीबीआई, मुंबई द्वारा दर्ज की गई इस जांच में यह खुलासा हुआ कि सुधीर पालांडे नाम के व्यक्ति द्वारा खोले गए इंडसइंड बैंक के म्यूल अकाउंट का उपयोग करके 3.81 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की गई थी। यह राशि एक ही दिन में धोखे से इस खाते में ट्रांसफर की गई और फिर उसी दिन अन्य खातों में भेज दी गई।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी नीरज ने सह-आरोपी सुधीर पालांडे (जो अब न्यायिक हिरासत में हैं) को म्यूल अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, नीरज ने सुधीर की मुंबई से नागपुर तक की यात्रा की व्यवस्था भी की थी ताकि वह इस खाते को संचालित कर सके और अवैध रूप से मिली रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर कर सके।

सीबीआई ने तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया जानकारी और भौतिक निगरानी के आधार पर नीरज का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

प्रारंभिक चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है और अब तक तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। नीरज की गिरफ्तारी से केस की प्रॉसिक्यूशन को मजबूती मिलेगी और इससे कुछ अन्य अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।

गिरफ्तार नीरज को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई का कहना है कि इस मामले की जांच अब भी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दिखाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां किस तरह से तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी का उपयोग कर अपराधियों का पता लगाने में सक्षम हैं। हम सभी को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए ताकि हम ऐसे धोखाधड़ी से बच सकें।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने किस आरोपी को गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने नीरज नाम के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है।
यह धोखाधड़ी कितने रुपए की थी?
यह धोखाधड़ी 3.81 करोड़ रुपए की थी।
इस मामले में म्यूल अकाउंट का क्या रोल है?
इस मामले में म्यूल अकाउंट का उपयोग करके धोखाधड़ी की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी नीरज ने क्या किया?
नीरज ने सह-आरोपी सुधीर पालांडे को म्यूल अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
हाँ, इस मामले में और भी आरोपी हैं जो न्यायिक हिरासत में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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