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सीबीएसई का स्पष्टीकरण: 'रोल नंबर नॉट फाउंड' तकनीकी खराबी नहीं, पात्रता नियम था

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सीबीएसई का स्पष्टीकरण: 'रोल नंबर नॉट फाउंड' तकनीकी खराबी नहीं, पात्रता नियम था

सारांश

सीबीएसई पोर्टल पर 'रोल नंबर नॉट फाउंड' का संदेश देखकर घबराए छात्रों को बोर्ड ने राहत दी — यह तकनीकी गड़बड़ी नहीं, पात्रता नियम था। 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन किए, और 7 जून की रात समय सीमा समाप्त हुई।

मुख्य बातें

सीबीएसई ने 8 जून 2025 को स्पष्ट किया कि 'रोल नंबर नॉट फाउंड' संदेश तकनीकी खराबी नहीं, पात्रता-आधारित प्रतिबंध था।
यह संदेश केवल उन छात्रों को दिखा जिन्होंने पहले चरण (उत्तर पुस्तिका स्कैन कॉपी) के लिए आवेदन नहीं किया था।
1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज़्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 2 से 7 जून के बीच आवेदन दर्ज किए।
आवेदन की समय सीमा 6 जून से बढ़ाकर 7 जून रात 11:59 बजे की गई थी।
पोर्टल की निगरानी सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की विशेषज्ञ टीमों ने की।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 8 जून 2025 को स्पष्ट किया कि पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर दिखा 'रोल नंबर नॉट फाउंड' संदेश किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं था, बल्कि यह एक पात्रता-आधारित प्रतिबंध था जिसकी जानकारी पहले से आधिकारिक दिशा-निर्देशों में दी जा चुकी थी। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

क्या था 'रोल नंबर नॉट फाउंड' का कारण

बोर्ड ने विस्तृत स्पष्टीकरण में बताया कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध थी जिन्होंने पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया के पहले चरण — यानी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने — के लिए आवेदन किया था। जिन छात्रों ने यह पहला चरण पूरा नहीं किया, उनके रोल नंबर अगले चरण में स्वतः अमान्य हो जाते थे, जिसके कारण उन्हें यह संदेश दिखाई दिया।

यह नियम बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना में पहले से दर्ज था। बोर्ड ने कहा कि इस पात्रता शर्त को लेकर किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया था।

आवेदन प्रक्रिया और भागीदारी के आँकड़े

2 जून से 7 जून 2025 तक चली इस आवेदन विंडो के दौरान 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज़्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में आवेदन दर्ज किए। बोर्ड के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु रही। आवेदन प्रक्रिया की निगरानी सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की विशेषज्ञ टीमों ने की।

सीबीएसई ने यह भी बताया कि पूरी अवधि के दौरान साइबर सुरक्षा टीमें लगातार सक्रिय रहीं और पोर्टल को किसी भी साइबर हमले या दुर्भावनापूर्ण गतिविधि से सुरक्षित रखा गया।

समय सीमा एक दिन बढ़ाई गई थी

मूल रूप से आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून निर्धारित थी, परंतु बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तकनीकी समस्याओं की शिकायत और बढ़ती माँग को देखते हुए बोर्ड ने इसे एक दिन बढ़ाकर 7 जून की रात 11 बजकर 59 मिनट कर दिया। यह पोर्टल विशेष रूप से कक्षा 12वीं के उन छात्रों के लिए था जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे और उत्तर पुस्तिका की पुनः जाँच कराना चाहते थे।

सहायता तंत्र और बोर्ड की प्रतिबद्धता

बोर्ड ने बताया कि हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से छात्रों को पूरी प्रक्रिया के दौरान निरंतर सहायता उपलब्ध कराई गई। सीबीएसई ने दोहराया कि वह पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और भरोसेमंद मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया जब देशभर में सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आगे बोर्ड की ओर से किसी और स्पष्टीकरण की आवश्यकता पड़ने पर आधिकारिक वेबसाइट पर अधिसूचना जारी की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल चुकी थीं और हज़ारों छात्र-अभिभावक भ्रमित हो चुके थे। पात्रता नियम यदि पहले से दिशा-निर्देशों में था, तो पोर्टल पर ही स्पष्ट संदेश क्यों नहीं दिखाया गया कि 'आपने पहला चरण पूरा नहीं किया'? यह उस बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है जिसमें बोर्ड तकनीकी संचार में पारदर्शिता की कमी रखता है। समय सीमा का एक दिन बढ़ाया जाना यह भी दर्शाता है कि प्रारंभिक योजना में छात्रों की वास्तविक ज़रूरतों का पूरा अनुमान नहीं लगाया गया था।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई पोर्टल पर 'रोल नंबर नॉट फाउंड' संदेश क्यों आया?
यह संदेश उन छात्रों को दिखाई दिया जिन्होंने पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया के पहले चरण — उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन — नहीं किया था। सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा केवल पहले चरण के आवेदकों के लिए उपलब्ध थी, इसलिए अन्य छात्रों के रोल नंबर अगले चरण में मान्य नहीं थे।
क्या सीबीएसई पोर्टल में तकनीकी खराबी थी?
नहीं, सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि यह तकनीकी खराबी नहीं थी। पोर्टल पूरी तरह सुचारु रहा और साइबर सुरक्षा टीमें लगातार सक्रिय रहीं। 'रोल नंबर नॉट फाउंड' संदेश पात्रता नियम के कारण था।
सीबीएसई उत्तर पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या थी?
आवेदन की अंतिम तिथि 7 जून 2025 की रात 11 बजकर 59 मिनट थी। मूल रूप से यह समय सीमा 6 जून थी, जिसे छात्रों की तकनीकी समस्याओं की शिकायतों और बढ़ती माँग को देखते हुए एक दिन के लिए बढ़ाया गया।
कितने छात्रों ने सीबीएसई पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया में आवेदन किया?
2 जून से 7 जून 2025 के बीच 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज़्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में आवेदन दर्ज किए। इस प्रक्रिया की निगरानी सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की विशेषज्ञ टीमों ने की।
सीबीएसई पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं का लाभ कौन उठा सकता है?
यह सुविधा सीबीएसई कक्षा 12वीं के उन छात्रों के लिए थी जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे और उत्तर पुस्तिका की पुनः जाँच कराना चाहते थे। इसके लिए पहले चरण में उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करना अनिवार्य था।
राष्ट्र प्रेस
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