सीबीएसई का स्पष्टीकरण: 'रोल नंबर नॉट फाउंड' तकनीकी खराबी नहीं, पात्रता नियम था
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 8 जून 2025 को स्पष्ट किया कि पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर दिखा 'रोल नंबर नॉट फाउंड' संदेश किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं था, बल्कि यह एक पात्रता-आधारित प्रतिबंध था जिसकी जानकारी पहले से आधिकारिक दिशा-निर्देशों में दी जा चुकी थी। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
क्या था 'रोल नंबर नॉट फाउंड' का कारण
बोर्ड ने विस्तृत स्पष्टीकरण में बताया कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध थी जिन्होंने पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया के पहले चरण — यानी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने — के लिए आवेदन किया था। जिन छात्रों ने यह पहला चरण पूरा नहीं किया, उनके रोल नंबर अगले चरण में स्वतः अमान्य हो जाते थे, जिसके कारण उन्हें यह संदेश दिखाई दिया।
यह नियम बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना में पहले से दर्ज था। बोर्ड ने कहा कि इस पात्रता शर्त को लेकर किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया था।
आवेदन प्रक्रिया और भागीदारी के आँकड़े
2 जून से 7 जून 2025 तक चली इस आवेदन विंडो के दौरान 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज़्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में आवेदन दर्ज किए। बोर्ड के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु रही। आवेदन प्रक्रिया की निगरानी सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की विशेषज्ञ टीमों ने की।
सीबीएसई ने यह भी बताया कि पूरी अवधि के दौरान साइबर सुरक्षा टीमें लगातार सक्रिय रहीं और पोर्टल को किसी भी साइबर हमले या दुर्भावनापूर्ण गतिविधि से सुरक्षित रखा गया।
समय सीमा एक दिन बढ़ाई गई थी
मूल रूप से आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून निर्धारित थी, परंतु बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तकनीकी समस्याओं की शिकायत और बढ़ती माँग को देखते हुए बोर्ड ने इसे एक दिन बढ़ाकर 7 जून की रात 11 बजकर 59 मिनट कर दिया। यह पोर्टल विशेष रूप से कक्षा 12वीं के उन छात्रों के लिए था जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे और उत्तर पुस्तिका की पुनः जाँच कराना चाहते थे।
सहायता तंत्र और बोर्ड की प्रतिबद्धता
बोर्ड ने बताया कि हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से छात्रों को पूरी प्रक्रिया के दौरान निरंतर सहायता उपलब्ध कराई गई। सीबीएसई ने दोहराया कि वह पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और भरोसेमंद मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया जब देशभर में सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आगे बोर्ड की ओर से किसी और स्पष्टीकरण की आवश्यकता पड़ने पर आधिकारिक वेबसाइट पर अधिसूचना जारी की जाएगी।