केंद्र सरकार का बड़ा कदम: सभी मंत्रालयों को ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों की पहचान के निर्देश, PMReF पोर्टल पर नया 'रिफॉर्म' मॉड्यूल लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2026 को सभी मंत्रालयों और विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे आम नागरिकों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' और उद्योग जगत के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाने वाले सुधारों की पहचान करें और उन्हें धरातल पर लागू करें। इस पहल की निगरानी के लिए सरकार ने PMReF पोर्टल पर एक नया 'रिफॉर्म' मॉड्यूल मंगलवार से सक्रिय कर दिया है।
नया रिफॉर्म मॉड्यूल: क्या है और कैसे काम करेगा
PMReF (प्रधानमंत्री रिफरेंस/रिफॉर्म्स) पोर्टल एक सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय मंत्रालय और सरकारी विभाग करते हैं। नया 'रिफॉर्म' मॉड्यूल एक केंद्रीय रिपॉजिटरी के रूप में कार्य करेगा, जहाँ सभी मंत्रालय और विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक उपायों और सुशासन से जुड़ी पहलों का विवरण अपलोड करेंगे।
यह पोर्टल नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक पहलों और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी के साथ-साथ प्रगति जैसे अन्य प्लेटफॉर्म से भी जुड़ा है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय, जवाबदेही और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्रालयों के लिए क्या हैं निर्देश
सरकारी निर्देशों के अनुसार, सभी मंत्रालयों को ऐसे सुधारों की पहचान करनी होगी जो प्रक्रियाओं को सरल बनाएँ, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएँ और देश में कारोबार के माहौल को अधिक अनुकूल बनाएँ। ये सुधार तीन स्रोतों पर आधारित हो सकते हैं — उच्च स्तरीय समिति (HLC) की सिफारिशें, अनौपचारिक मंत्रिसमूह (IGOM) के सुझाव, अथवा संबंधित मंत्रालयों द्वारा स्वयं तैयार किए गए प्रस्ताव।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार विभिन्न मंत्रालयों में लागू होने वाले सुधारों की निगरानी को एक संस्थागत ढाँचे में लाने की कोशिश कर रही है, ताकि नीतिगत और प्रशासनिक बदलावों की प्रभावी समीक्षा संभव हो सके।
साप्ताहिक जवाबदेही: हर शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट अनिवार्य
सुधारों की निरंतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वह इस सप्ताह से प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक पोर्टल पर अपनी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अपलोड करे। यह व्यवस्था मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सुधार उपायों के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने के उद्देश्य से की गई है।
गौरतलब है कि PMReF पोर्टल के माध्यम से PMO और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों, निर्णयों और संदर्भों की भी निगरानी की जाती है, जिससे शासन में पारदर्शिता और दक्षता दोनों सुनिश्चित होती हैं।
इस पहल का व्यापक महत्व
सरकार का उद्देश्य इस पहल के ज़रिए सुधार प्रक्रिया को एक व्यवस्थित ढाँचे के अंतर्गत संस्थागत रूप देना है। यह कदम उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत केंद्र सरकार डिजिटल गवर्नेंस को मज़बूत करते हुए नागरिकों और उद्योगों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले हफ्तों में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा अपलोड की जाने वाली सुधार योजनाएँ इस पहल की वास्तविक दिशा और गति तय करेंगी।