चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: CBI ने मुजफ्फरनगर से फरार शार्पशूटर राजकुमार सिंह को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार आरोपी राजकुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के अनुसार राजकुमार सिंह को सोमवार, 18 मई को दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर स्थित छपार टोल प्लाजा से पकड़ा गया। उसे इस हत्याकांड में शामिल गैंग का सक्रिय शार्पशूटर बताया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
CBI को सूचना मिली थी कि आरोपी हरिद्वार की ओर से मुजफ्फरनगर होते हुए गुजरने वाला है। इस इनपुट के आधार पर CBI की टीम ने स्थानीय छपार पुलिस के साथ समन्वय कर टोल प्लाजा पर घेराबंदी की और राजकुमार सिंह को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से CBI उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई।
आरोपी की पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी राजकुमार सिंह, पिता त्रिभुवन नारायण सिंह, उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के रत्तोपुर गाँव का रहने वाला है। वह स्नातक प्रथम वर्ष तक ही पढ़ा है। उसके खिलाफ वर्ष 2022 में गाँव में नाली विवाद को लेकर मारपीट और हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है।
परिवार की प्रतिक्रिया
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही आरोपी के परिजनों में हड़कंप मच गया। पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि राजकुमार करीब तीन दिन पहले घर से निकला था और उसने अपना गंतव्य नहीं बताया था। उन्हें सोमवार सुबह CBI की ओर से फोन कर बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पिता ने यह भी दावा किया कि परिवार का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है और CBI निष्पक्ष जाँच करे तो सच सामने आ जाएगा। उन्होंने बताया कि वे स्वयं अयोध्या राम मंदिर निर्माण परियोजना में इलेक्ट्रिशियन के रूप में काम कर चुके हैं और मार्च से घर पर ही थे।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या से जुड़ा है। हत्या के बाद से ही CBI आरोपियों की तलाश में सक्रिय थी। यह गिरफ्तारी उस लंबी जाँच-प्रक्रिया की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
आगे की जाँच
फिलहाल CBI आरोपी राजकुमार सिंह से गहन पूछताछ कर रही है। इस हत्याकांड से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी बताई जा रही है। जाँच एजेंसी का ध्यान गैंग के बाकी सदस्यों और हत्या की साजिश की पूरी कड़ी उजागर करने पर केंद्रित है।