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चेन्नई के समुद्र तटों पर लगेंगे 107 वाई-फाई स्मार्ट पोल, रोज़ाना 45 मिनट मुफ्त इंटरनेट सितंबर से

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चेन्नई के समुद्र तटों पर लगेंगे 107 वाई-फाई स्मार्ट पोल, रोज़ाना 45 मिनट मुफ्त इंटरनेट सितंबर से

सारांश

चेन्नई के मरीना, बेसंत नगर और तिरुवनमियुर बीच पर 107 नए वाई-फाई स्मार्ट पोल लगने वाले हैं — रोज़ाना 45 मिनट मुफ्त इंटरनेट के साथ। 2021 की विफल कोशिश के बाद यह दूसरा बड़ा प्रयास है, इस बार CSR फंडिंग और 2,600 पुराने पोलों के ओवरहॉल के साथ।

मुख्य बातें

ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन चेन्नई के समुद्र तटों पर 107 नए वाई-फाई स्मार्ट पोल लगाने की योजना बना रहा है।
प्रत्येक उपयोगकर्ता को प्रतिदिन 45 मिनट निःशुल्क इंटरनेट मिलेगा; सेवा सितंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद।
मरीना बीच पर 75 , बेसंत नगर में 20 और तिरुवनमियुर में 10 पोल एयरटेल द्वारा लगाए जाएंगे।
पूरा खर्च सेवा प्रदाता कंपनियों की CSR पहल के तहत वहन किया जाएगा — निगम पर कोई वित्तीय भार नहीं।
शहर भर में लगे करीब 2,600 पुराने स्मार्ट पोलों का भी ओवरहॉल किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को लेकर नागरिकों ने पुख्ता इंतज़ाम की माँग की है।

ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) शहर के प्रमुख समुद्र तटों पर 107 नए वाई-फाई युक्त स्मार्ट पोल स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत प्रत्येक उपयोगकर्ता को प्रतिदिन 45 मिनट तक निःशुल्क इंटरनेट सेवा उपलब्ध होगी। यह विस्तारित सार्वजनिक वाई-फाई सुविधा सितंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इस पूरी परियोजना का खर्च सेवा प्रदाता कंपनियाँ अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के अंतर्गत वहन करेंगी।

कहाँ-कहाँ लगेंगे नए पोल

नई योजना के अनुसार, मरीना बीच पर सबसे अधिक 75 वाई-फाई पोल लगाए जाएंगे। इसके अलावा बेसंत नगर में 20 और तिरुवनमियुर में 10 पोल स्थापित किए जाएंगे। इन सभी पोलों की स्थापना एयरटेल द्वारा की जाएगी। फ़िलहाल मरीना और बेसंत नगर बीच पर 38 मौजूदा वाई-फाई पोल की देखरेख एसीटी फाइबरनेट और रिलायंस जियो कर रहे हैं।

पुराने ढाँचे की विफलता और नई शुरुआत

ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने 2021 में शहर के 49 स्थानों पर वाई-फाई स्मार्ट पोल लगाए थे, जिनमें ओटीपी सत्यापन के बाद 30 मिनट की मुफ्त इंटरनेट सेवा दी जाती थी। समय के साथ इन पोलों की कनेक्टिविटी बिगड़ती गई — उपयोगकर्ताओं की शिकायत रही कि मोबाइल नेटवर्क से कनेक्शन तो हो जाता है, लेकिन इंटरनेट नहीं चलता। इसी पृष्ठभूमि में नई योजना को पुराने अनुभव से सबक लेते हुए तैयार किया गया है।

इस बार निगम शहर भर में लगे करीब 2,600 पुराने स्मार्ट पोलों का भी ओवरहॉल करेगा, जो लगभग 900 स्थानों — जिनमें सार्वजनिक पार्क, अस्पताल और सरकारी कार्यालय शामिल हैं — पर स्थापित हैं। इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आम जनता पर असर

भीड़भाड़ वाले समुद्र तटों पर विश्वसनीय इंटरनेट की ज़रूरत कई कारणों से महत्वपूर्ण है — पर्यटक और स्थानीय निवासी इंटरनेट कॉल करने, संदेश भेजने, कैब बुक करने, डिजिटल भुगतान करने और परिजनों से संपर्क करने के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। निःशुल्क और भरोसेमंद वाई-फाई सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जिनके पास सीमित मोबाइल डेटा है।

साइबर सुरक्षा की चुनौती

नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ साइबर सुरक्षा एक प्रमुख चिंता बनकर उभरी है। नागरिकों ने माँग की है कि खुले सार्वजनिक नेटवर्क पर हैकिंग, डेटा चोरी और अन्य सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए जाएँ। विशेषज्ञों के अनुसार, सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर एन्क्रिप्शन और उपयोगकर्ता प्रमाणीकरण की मज़बूत व्यवस्था अनिवार्य है।

निगम की निगरानी योजना

ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन आयुक्त जी.एस. समीरन ने बताया कि निगम ने एसीटी फाइबरनेट से उपयोग का डेटा भी माँगा है, ताकि यह समझा जा सके कि लोग सेवा का किस प्रकार उपयोग कर रहे हैं। संबंधित निजी कंपनियों से सार्वजनिक वाई-फाई का दायरा और गुणवत्ता दोनों बढ़ाने को कहा गया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि निगम इस बार केवल बुनियादी ढाँचे की स्थापना तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सेवा की निरंतर निगरानी भी सुनिश्चित करना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना यह स्पष्ट किए कि पिछली विफलता की जड़ में क्या था। CSR फंडिंग का मॉडल खर्च का बोझ तो हटाता है, लेकिन जवाबदेही का सवाल खुला छोड़ देता है — अगर सेवा फिर ठप हो, तो निगम के पास निजी प्रदाताओं पर दबाव का कितना लीवर होगा? उपयोग डेटा माँगने और 2,600 पुराने पोलों के ओवरहॉल की बात सकारात्मक है, लेकिन असली परीक्षा सितंबर के बाद होगी — जब भीड़ भरे मरीना बीच पर 75 पोल एक साथ लोड सँभालने की कोशिश करेंगे।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई के समुद्र तटों पर नई वाई-फाई सेवा कब से शुरू होगी?
यह सेवा सितंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने संबंधित सेवा प्रदाताओं को बुनियादी ढाँचा तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं।
चेन्नई बीच वाई-फाई पर रोज़ाना कितना मुफ्त इंटरनेट मिलेगा?
प्रत्येक उपयोगकर्ता को प्रतिदिन 45 मिनट तक निःशुल्क इंटरनेट सेवा मिलेगी। यह 2021 की पिछली योजना से 15 मिनट अधिक है, जिसमें 30 मिनट की सीमा थी।
नए वाई-फाई पोल किन समुद्र तटों पर लगाए जाएंगे?
107 नए पोलों में से 75 मरीना बीच पर, 20 बेसंत नगर में और 10 तिरुवनमियुर में लगाए जाएंगे। इन सभी की स्थापना एयरटेल द्वारा की जाएगी।
इस वाई-फाई परियोजना का खर्च कौन उठाएगा?
पूरी परियोजना का वित्तपोषण सेवा प्रदाता कंपनियाँ अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत करेंगी। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन पर कोई सीधा वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
2021 की वाई-फाई योजना क्यों विफल रही थी?
2021 में लगाए गए 49 स्मार्ट पोलों की कनेक्टिविटी समय के साथ खराब हो गई थी। उपयोगकर्ताओं की शिकायत थी कि मोबाइल फोन नेटवर्क से कनेक्ट तो हो जाता था, लेकिन वास्तव में इंटरनेट नहीं चलता था। इसी विफलता को देखते हुए अब 2,600 पुराने पोलों का भी ओवरहॉल किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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