सीजेपी नेता आशुतोष रांका बोले — सीईसी के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा, संगठन में जरूरी बदलाव होंगे
सारांश
मुख्य बातें
सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के सह संयोजक आशुतोष रांका ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग वाला आंदोलन किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकेगा। एक सप्ताह की न्यायिक हिरासत के बाद तिहाड़ जेल से रिहा हुए रांका ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संगठन अनुभवों से सीखकर अपने भीतर जरूरी बदलाव करेगा।
मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुँचे सीजेपी नेता
आशुतोष रांका, सौरव दास (सह संयोजक) और अजिंक्य शिंदे (राष्ट्रीय संगठन प्रभारी) शुक्रवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुँचे। उनके साथ सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह भी मौजूद थीं। तीनों नेताओं को गुरुवार दोपहर राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था, जिसके लिए उन्होंने अतिरिक्त समय माँगा था।
जमानत सत्यापन प्रक्रिया पूरी, अगली तारीख नवंबर में
पुलिस स्टेशन से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रांका ने बताया, 'आज हमारी जमानत के लिए सत्यापन प्रक्रिया थी। सब कुछ ठीक रहा। हमें अगली तारीख मिल गई है, जो नवंबर के तीसरे सप्ताह में है।' उन्होंने यह भी कहा कि क्राइम ब्रांच की अगली तारीख की पुष्टि का अभी इंतजार है।
13 अक्टूबर की घटना और गिरफ्तारी का पृष्ठभूमि
यह मामला 13 अक्टूबर की उस घटना से जुड़ा है जब दास, रांका और शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जंतर-मंतर में घुसे थे। गौरतलब है कि जंतर-मंतर को अब विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया था। शिंदे को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया, जबकि दास और रांका एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आए।
रांका का बयान — 'हम संरक्षक हैं, नेता नहीं'
रांका ने अपने संगठन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा, 'हम नेता नहीं हैं। हम इस मंच के संरक्षक हैं, जो हमें इस देश के लोगों ने दिया है।' उन्होंने जोड़ा, 'आंदोलन तब भी जारी रहता है जब हम जेल के अंदर होते हैं या बाहर। हमने अपने बारे में और मौजूदा शासन के काम करने के तरीके के बारे में बहुत कुछ सीखा है और हम निश्चित रूप से खुद में जरूरी बदलाव लाएंगे।'
क्राइम ब्रांच को सौंपे गए मामले
इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने सीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामलों को क्राइम ब्रांच को हस्तांतरित कर दिया। यह कदम मामले की संवेदनशीलता और व्यापक जाँच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। आने वाले हफ्तों में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और नवंबर में होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।