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मुर्रम शिवानी: CM चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करने वाली 10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या

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मुर्रम शिवानी: CM चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करने वाली 10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या

सारांश

पढ़ाई में होनहार, मुख्यमंत्री के साथ मंच पर उत्साह से बोलने वाली आदिवासी छात्रा मुर्रम शिवानी ने महज तीन दिन बाद अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट में माता-पिता के सपने पूरे न कर पाने का दर्द था। घटना ने छात्रों पर मानसिक दबाव के मुद्दे को फिर केंद्र में ला दिया है।

मुख्य बातें

मुर्रम शिवानी , 10वीं कक्षा की छात्रा, ने 28 जुलाई 2025 को इर्लापल्ली गाँव में दादी के घर पर आत्महत्या की।
शिवानी ने 24 जुलाई को रामपाचोडावरम के जिला परिषद हाई स्कूल में CM चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा किया था।
छात्रा ने हाथ से लिखा सुसाइड नोट छोड़ा; माता-पिता के सपने पूरे न कर पाने की माफी माँगी।
आत्महत्या का सटीक कारण अधिकारियों के अनुसार अभी तक अज्ञात है; पुलिस जाँच जारी ।
CM नायडू ने एक्स पर शोक व्यक्त किया और गहन जाँच के आदेश दिए।
शिवानी के माता-पिता कोरुकोंडा में काम करते थे; वह दादी के साथ रहकर पढ़ाई करती थी।

आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले के रामपाचोडावरम स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में आयोजित 'मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग 4.0' के दौरान मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा मुर्रम शिवानी ने सोमवार, 28 जुलाई 2025 को इर्लापल्ली गाँव में अपनी दादी के घर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

शिवानी ने हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपने माता-पिता के सपने पूरे न कर पाने के लिए उनसे माफी माँगी। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। शिवानी के माता-पिता कोरुकोंडा के एक होटल में काम करते हैं, और वह अपनी दादी के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी।

मंच पर शिवानी का भाषण

मात्र तीन दिन पहले, 24 जुलाई 2025 को, शिवानी ने उसी स्कूल में आयोजित मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग 4.0 में अपने भाषण से सबका ध्यान खींचा था। पढ़ाई में होनहार मानी जाने वाली इस छात्रा ने कड़ी मेहनत करने और अगले साल 'शाइनिंग स्टार अवॉर्ड' जीतने की इच्छा जताई थी। भाषण के बाद मुख्यमंत्री नायडू ने उसे अपने बगल में बिठाया और उससे बातचीत की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री नारा लोकेश भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'यह दुखद है कि रामपाचोडावरम में मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान मंच पर इतने उत्साह के साथ बोलने वाली शिवानी ने अपनी जान दे दी। मुझे उस दिन अपनी पढ़ाई और अपनी बड़ी महत्वाकांक्षाओं के बारे में मुझसे कही गई उसकी बातें याद हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'इतने उज्ज्वल भविष्य वाली आदिवासी लड़की का इस तरह से जान गँवाना दिल तोड़ने वाला है। चाहे कारण कुछ भी हों, यह बात मुझे बहुत परेशान करती है कि वह अपने सपने पूरे करने से पहले ही चली गई।' नायडू ने अधिकारियों को शिवानी की मौत की गहन जाँच के आदेश दिए।

युवाओं को मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं से आग्रह किया कि वे दबाव, निराशा या हताशा के आगे न झुकें। उन्होंने कहा, 'हर समस्या का समाधान होता है। कृपया अपना दुख और परेशानी अपने परिवार, दोस्तों और अपनों के साथ साझा करें। सरकार हर तरह से आपके साथ खड़ी है।'

मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग क्या है

आंध्र प्रदेश सरकार राज्यभर के सरकारी स्कूलों में 'मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग' का आयोजन करती है, जिसका उद्देश्य छात्रों की बेहतर प्रगति के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और समुदायों को एक मंच पर लाना है। यह इस शृंखला का चौथा संस्करण था। इस आयोजन में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने छात्रों के साथ लंच भी किया था।

शिवानी जैसी प्रतिभाशाली छात्रा की असामयिक मृत्यु ने छात्रों पर पड़ने वाले अदृश्य मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जाँच के नतीजे आने के बाद ही इस घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पहली पीढ़ी के छात्रों पर परिवार की उम्मीदें और सार्वजनिक मान्यता मिलकर डालती हैं। यह विडंबना गहरी है कि जिस मंच पर उसने 'शाइनिंग स्टार' बनने का सपना साझा किया, उसी के तीन दिन बाद वह नहीं रही। सरकारी स्कूलों में मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग जैसे आयोजन छात्रों की प्रगति को उजागर करते हैं, लेकिन उनके मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी का कोई ढाँचा दिखाई नहीं देता। जाँच के नतीजे जो भी हों, इस घटना को सरकारी स्कूलों में काउंसलिंग अवसंरचना की गंभीर समीक्षा का अवसर बनना चाहिए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुर्रम शिवानी कौन थी और उसने आत्महत्या क्यों की?
मुर्रम शिवानी आंध्र प्रदेश के रामपाचोडावरम के जिला परिषद हाई स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा थी। उसने 28 जुलाई 2025 को इर्लापल्ली गाँव में दादी के घर पर आत्महत्या की। सुसाइड नोट में माता-पिता के सपने पूरे न कर पाने का उल्लेख था, लेकिन पुलिस के अनुसार आत्महत्या का सटीक कारण अभी जाँच का विषय है।
शिवानी ने CM चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच कब साझा किया था?
शिवानी ने 24 जुलाई 2025 को रामपाचोडावरम के जिला परिषद हाई स्कूल में आयोजित 'मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग 4.0' में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा किया था। उसके भाषण से प्रभावित होकर नायडू ने उसे अपने बगल में बिठाया और बातचीत की थी।
CM नायडू ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि 'इतने उज्ज्वल भविष्य वाली आदिवासी लड़की का इस तरह जान गँवाना दिल तोड़ने वाला है।' उन्होंने अधिकारियों को गहन जाँच के आदेश दिए और युवाओं से दबाव में परिवार व दोस्तों से मदद लेने का आग्रह किया।
मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग आंध्र प्रदेश सरकार की एक पहल है, जिसके तहत राज्यभर के सरकारी स्कूलों में अभिभावकों, शिक्षकों और समुदायों को छात्रों की प्रगति के लिए एक मंच पर लाया जाता है। यह इस शृंखला का चौथा संस्करण था, जिसमें CM नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी भाग लिया।
शिवानी के परिवार की पृष्ठभूमि क्या थी?
शिवानी के माता-पिता कोरुकोंडा के एक होटल में काम करते थे और वह अपनी दादी के साथ इर्लापल्ली गाँव में रहकर रामपाचोडावरम के सरकारी हाई स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। वह एक आदिवासी परिवार से थी और पढ़ाई में होनहार मानी जाती थी।
राष्ट्र प्रेस
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