22 जुलाई 2026
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डोडीताल श्री गणेश मंदिर: CM धामी ने शेयर किया मनमोहक वीडियो, श्रद्धालुओं से की दर्शन की अपील

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डोडीताल श्री गणेश मंदिर: CM धामी ने शेयर किया मनमोहक वीडियो, श्रद्धालुओं से की दर्शन की अपील

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर डोडीताल के प्राचीन श्री गणेश मंदिर का वीडियो साझा कर इसे आस्था, शांति और प्रकृति का संगम बताया। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह भगवान गणेश की जन्मस्थली है — जहाँ गणपति माँ अन्नपूर्णा के साथ गर्भगृह में विराजमान हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 जुलाई को एक्स पर डोडीताल श्री गणेश मंदिर का वीडियो साझा किया।
मंदिर उत्तरकाशी के असी गंगा केलसू क्षेत्र में डोडीताल झील के तट पर स्थित है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार यह स्थल भगवान गणेश की जन्मस्थली है; स्थानीय भाषा में उन्हें 'डोडीराजा' कहा जाता है।
यह विश्व के उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है जहाँ गणेश जी माता अन्नपूर्णा के साथ गर्भगृह में विराजमान हैं।
केलसू क्षेत्र असी गंगा नदी घाटी के सात गाँवों को मिलाकर बना है और इसे कभी मध्य कैलाश का हिस्सा माना जाता था।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 22 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उत्तरकाशी स्थित डोडीताल श्री गणेश मंदिर का एक मनमोहक वीडियो साझा किया और समस्त श्रद्धालुओं से इस पवित्र स्थल के दर्शन करने की अपील की। देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश तक पहुँचाने के उद्देश्य से की गई यह पहल तेज़ी से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने वीडियो जारी करते हुए लिखा, 'श्री गणेश मंदिर, डोडीताल (उत्तरकाशी) आस्था, शांति और प्राकृतिक सुंदरता का एक पवित्र स्थान है। यह मंदिर हरे-भरे जंगलों, पहाड़ों और शांत डोडीताल झील के पास स्थित है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य और अद्भुत अनुभव मिलता है। अगर आप उत्तरकाशी जाएँ, तो इस पवित्र मंदिर के दर्शन ज़रूर करें।' उनकी इस अपील ने मंदिर की ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।

मंदिर की पौराणिक मान्यताएँ

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार डोडीताल को भगवान गणेश की जन्मस्थली माना जाता है। स्थानीय भाषा में भगवान गणेश को 'डोडीराजा' कहा जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने इसी स्थान पर गणेश जी को जन्म दिया था और यह क्षेत्र कभी मध्य कैलाश का हिस्सा माना जाता था — माता पार्वती और भगवान शिव का स्नान स्थल। यह विश्व के उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है जहाँ भगवान गणेश अपनी माता माँ अन्नपूर्णा के साथ गर्भगृह में विराजमान हैं, जबकि शिव मंदिर मुख्य मंदिर के बाहर स्थित है।

भौगोलिक एवं प्राकृतिक महत्त्व

यह मंदिर उत्तरकाशी के असी गंगा केलसू क्षेत्र में स्थित है। केलसू क्षेत्र असी गंगा नदी घाटी के सात गाँवों को मिलाकर बना है। डोडीताल झील घने जंगलों और हरे-भरे घास के मैदानों के बीच स्थित है, जिसकी अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों और प्रकृति-प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करती है। यह स्थल धार्मिक आस्था और ट्रेकिंग, दोनों के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण है।

पर्यटन और आस्था का संगम

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री धामी द्वारा इस तरह के सोशल मीडिया अभियान राज्य के सुदूर तीर्थस्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सहायक बन रहे हैं। डोडीताल जैसे स्थल, जो अब तक केवल स्थानीय श्रद्धालुओं तक सीमित थे, अब व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँच रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तराखंड के सुदूर तीर्थस्थलों को मुख्यधारा के पर्यटन मानचित्र पर लाने की सुविचारित रणनीति है। डोडीताल जैसे स्थल, जहाँ पहुँचने के लिए दुर्गम ट्रेक करना पड़ता है, उन्हें डिजिटल प्रचार से लोकप्रिय बनाना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी हो सकता है। हालाँकि, बढ़ते पर्यटन के साथ पारिस्थितिकी संरक्षण की चुनौती भी उतनी ही बड़ी है — जिस पर सरकार की ओर से अभी कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोडीताल श्री गणेश मंदिर कहाँ स्थित है?
यह मंदिर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में असी गंगा केलसू क्षेत्र में डोडीताल झील के तट पर स्थित है। यह क्षेत्र असी गंगा नदी घाटी के सात गाँवों को मिलाकर बना है और हरे-भरे जंगलों व पहाड़ों से घिरा हुआ है।
डोडीताल को भगवान गणेश की जन्मस्थली क्यों माना जाता है?
पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने इसी स्थान पर भगवान गणेश को जन्म दिया था। स्थानीय भाषा में भगवान गणेश को 'डोडीराजा' कहा जाता है और यह क्षेत्र कभी मध्य कैलाश का हिस्सा माना जाता था।
CM धामी ने डोडीताल मंदिर का वीडियो कब और कहाँ साझा किया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का वीडियो साझा किया। उन्होंने इसे आस्था, शांति और प्राकृतिक सुंदरता का पवित्र स्थान बताते हुए सभी से दर्शन की अपील की।
डोडीताल मंदिर की क्या विशेषता है जो इसे अन्य गणेश मंदिरों से अलग बनाती है?
यह विश्व के उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है जहाँ भगवान गणेश अपनी माता माँ अन्नपूर्णा के साथ गर्भगृह में विराजमान हैं। शिव मंदिर मुख्य मंदिर के बाहर स्थित है, जो इसकी पूजा-पद्धति को अद्वितीय बनाता है।
डोडीताल झील और इस क्षेत्र की प्राकृतिक विशेषताएँ क्या हैं?
डोडीताल झील घने जंगलों और हरे-भरे घास के मैदानों के बीच स्थित है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों और ट्रेकिंग प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करती है, जिससे यह धार्मिक आस्था और प्रकृति-पर्यटन दोनों का केंद्र है।
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