हेमंत सोरेन ने भरा एसआईआर फॉर्म, झारखंड मतदाताओं से समय पर सत्यापन की अपील
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 3 जुलाई 2025 को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत स्वयं एन्यूमरेशन प्रपत्र भरकर राज्य के नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने मतदाता विवरण का सत्यापन सुनिश्चित कराने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कैसे भरा फॉर्म
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में 64-हटिया विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-290 की बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) वेरोनिका देवी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एन्यूमरेशन प्रपत्र भरा। इस अवसर पर उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन ने भी अपना एसआईआर प्रपत्र भरकर जमा किया। यह कदम आम नागरिकों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि मतदान का अधिकार सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'प्रत्येक नागरिक की लोकतांत्रिक भागीदारी ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।' उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार, पड़ोस और समाज के अन्य लोगों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
एसआईआर अभियान का उद्देश्य
निर्वाचन आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और सूची पूरी तरह अद्यतन एवं त्रुटिरहित हो। इस अभियान के तहत राज्यभर में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं तथा मतदाताओं के विवरण का सत्यापन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
इस कार्यक्रम में रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ)-सह-अपर समाहर्ता धनंजय, उप निर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन तथा बीएलओ वेरोनिका देवी सहित निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह अभियान चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और मुख्यमंत्री की सहभागिता इसे जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास है।