कोयंबटूर में ₹824 करोड़ की भूमिगत ड्रेनेज योजना: कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती को मिलेगा सीवर नेटवर्क
सारांश
मुख्य बातें
कोयंबटूर नगर निगम (CCMC) ने कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती के कुछ हिस्सों में भूमिगत जल निकासी नेटवर्क बिछाने के लिए ₹824 करोड़ की अनुमानित लागत वाली एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की है। यह प्रस्ताव अनुमोदन के लिए नगर प्रशासन निदेशालय को भेजा जा चुका है। शहर के उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों में तेज़ी से बढ़ती आबादी और अनुपस्थित सीवेज अवसंरचना को देखते हुए यह परियोजना दीर्घकालिक स्वच्छता सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
प्रस्तावित नेटवर्क में 411 किलोमीटर सीवर पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 15,777 मैनहोल का निर्माण किया जाएगा। इस नेटवर्क से 33,637 घरों को सीवर कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य है। योजना में 10 सीवेज पंपिंग स्टेशन और 5 सीवेज लिफ्टिंग स्टेशन भी शामिल हैं।
एकत्रित सीवेज को ओंडीपुदुर में प्रस्तावित उपचार संयंत्र तक पहुँचाया जाएगा, जिसकी उपचार क्षमता 17.66 मिलियन लीटर प्रतिदिन होगी। उपचारित अपशिष्ट जल को नोय्याल नदी में छोड़ने का प्रस्ताव है।
जनसंख्या और सीवेज अनुमान
परियोजना को दीर्घकालिक जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। अनुमानों के अनुसार, प्रस्तावित सेवा क्षेत्र की जनसंख्या 2030 तक 1,30,264, 2045 तक 1,72,132 और 2060 तक 2,24,999 हो जाएगी।
इसी आधार पर सीवेज उत्पादन का अनुमान 2030 में 13.37 मिलियन लीटर प्रतिदिन, 2045 में 17.66 मिलियन लीटर और 2060 तक 23.09 मिलियन लीटर प्रतिदिन लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अपशिष्ट जल के व्यवस्थित संग्रहण और परिवहन के लिए सीवर नेटवर्क को भूभाग के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है।
मौजूदा स्थिति और अंतराल
वर्तमान में तमिलनाडु जल आपूर्ति और ड्रेनेज बोर्ड (TWAD) सरवनमपट्टी, थुदियालुर, कवुंडमपालयम, वडावल्ली, वीरकेरलम और वेल्लाकिनार में जल निकासी कार्य कर रहा है। हालाँकि, उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों के कई हिस्से अभी भी मौजूदा भूमिगत जल निकासी योजनाओं के दायरे से बाहर हैं। यह नई परियोजना उन्हीं वंचित इलाकों को कवर करने के लिए प्रस्तावित की गई है।
गौरतलब है कि कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती में आवासीय और वाणिज्यिक विस्तार तेज़ी से हो रहा है, जिससे मौजूदा स्वच्छता अवसंरचना पर दबाव बढ़ रहा है।
आम जनता पर असर
एक बार चालू होने के बाद यह नेटवर्क वार्ड 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 21, 22 और 23 के निवासियों को सीधे लाभ पहुँचाएगा। CCMC आयुक्त कट्टा रवि तेजा ने पुष्टि की कि पूरी DPR नगर प्रशासन निदेशालय को भेज दी गई है और यह परियोजना उन अधिकांश क्षेत्रों को कवर करेगी जो अब तक भूमिगत जल निकासी से वंचित रहे हैं।
वित्त पोषण और आगे की राह
नगर निगम केंद्रीय वित्त आयोग के राज्य प्रोत्साहन अनुदान घटक के माध्यम से इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता जुटाने की योजना बना रहा है। लागत अनुमान को अंतिम रूप देने और प्रारंभिक कार्य पूरा करने की प्रक्रिया जारी है। निदेशालय की मंजूरी मिलने के बाद ही परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी।