21 जुलाई को कांग्रेस करेगी जवाबी रैली, TMC के शहीद दिवस पर 'मनीष गुप्ता फाइल' खोलने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 21 जुलाई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वार्षिक 'शहीद दिवस' रैली के जवाब में एक प्रतिरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस जवाबी रैली की केंद्रीय माँग है कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार 21 जुलाई 1993 की पुलिस फायरिंग में तत्कालीन गृह सचिव मनीष गुप्ता की भूमिका से जुड़ी फाइलें तत्काल सार्वजनिक करे।
शहीद दिवस का इतिहास और विवाद
TMC हर वर्ष 21 जुलाई को 1993 में वामपंथी सरकार के कार्यकाल में हुई उस पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कार्यकर्ताओं की स्मृति में 'शहीद दिवस' रैली आयोजित करती है। गौरतलब है कि मूल रूप से यह आयोजन कांग्रेस का था। 1998 में जब ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की, तब से यह रैली TMC के बैनर तले होने लगी।
यह ऐसे समय में आया है जब इस वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में TMC को भारी पराजय का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद कांग्रेस ने इस तारीख को राजनीतिक रूप से पुनः अपने पक्ष में भुनाने की रणनीति बनाई है।
कांग्रेस की मुख्य माँग: 'मनीष गुप्ता फाइल'
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने कहा, 'उस समय, पश्चिम बंगाल के तत्कालीन गृह सचिव मनीष गुप्ता प्रशासन में एक महत्वपूर्ण पद पर थे। पश्चिम बंगाल के लोगों को उस दिन की घटनाओं, प्रशासनिक फैसलों और फायरिंग के पीछे की असली सच्चाई जानने का अधिकार है। इसलिए, पूरी पारदर्शिता और सच्चाई सामने लाने के मकसद से 'मनीष गुप्ता फाइल' को तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए।'
कांग्रेस के एक अन्य राज्य नेता ने यह भी सवाल उठाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार ने 2011 से 2026 तक अपने 15 वर्षों के शासनकाल में इस फायरिंग में मनीष गुप्ता की भूमिका की कोई ठोस जाँच क्यों नहीं करवाई।
मनीष गुप्ता: एक विवादास्पद राजनीतिक यात्रा
मनीष गुप्ता बाद में TMC में शामिल हो गए और 2011 में दक्षिण 24 परगना जिले की जादवपुर विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े। इसी चुनाव के साथ 34 वर्षों के वाम मोर्चा शासन का अंत हुआ। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को 16,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया।
इसके बाद गुप्ता ने 2011 से 2016 तक ममता बनर्जी की पहली कैबिनेट में बिजली मंत्री के रूप में कार्य किया। 2016 के चुनाव में जादवपुर सीट पर सीपीएम के सुजन चक्रवर्ती ने उन्हें 14,000 से अधिक मतों से हराया, जिसके बाद TMC नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा भेजा।
राजनीतिक समीकरण और आगे की राह
विधानसभा चुनावों में TMC की पराजय के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव आया है। कांग्रेस की यह जवाबी रैली उस बदलाव का लाभ उठाने और 1993 की घटना के इर्द-गिर्द एक नया राजनीतिक आख्यान गढ़ने का प्रयास है। 21 जुलाई 2026 को दोनों दलों की रैलियाँ कोलकाता की राजनीतिक गर्मी को और तेज़ करेंगी।