कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर के अंतिम संस्कार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई: दिलीप जायसवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर के अंतिम संस्कार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई: दिलीप जायसवाल

सारांश

कांग्रेस के विधायकों के स्थानांतरण पर दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के अंतिम संस्कार के लिए जमीन न देने की बात की और उनके प्रति कांग्रेस के सम्मान का मुद्दा उठाया।

मुख्य बातें

अंबेडकर के अंतिम संस्कार में मदद नहीं की।
दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर अपने विधायकों पर विश्वास न करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने अतीत में कांग्रेस की जिम्मेदारियों की कमी की बात कही।
कांशी राम जैसे नेताओं को अलग राजनीति की ओर बढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पटना, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को स्थानांतरित करने पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "संभवतः कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, जबकि हमारे विधायक पटना में सक्रिय हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि हम अपने पार्टी सिद्धांतों पर दृढ़ता से खड़े हैं। ये सिद्धांत किसी व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा कांशी राम पर की गई टिप्पणी पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "यदि कांग्रेस ने कांशी राम, जगजीवन राम और डॉ. बी.आर. अंबेडकर जैसे महान नेताओं का सचमुच सम्मान किया होता, तो आजादी के इतने वर्षों बाद भी डॉ. बी.आर. अंबेडकर को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के कारण भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया जाता। डॉ. बी.आर. अंबेडकर के निधन पर कांग्रेस ने उनके शव को दफनाने और स्मारक बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई थी। उनकी पत्नी को शव को मुंबई ले जाना पड़ा और दफनाना पड़ा। कांग्रेस ने अपने परिवार के लिए 200 एकड़ में स्मारक बनाया है, लेकिन डॉ. भीम राव का स्मारक कांग्रेस ने 70 वर्षों तक नहीं बनाया। जब केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आई, तो दिल्ली में भीम राव अंबेडकर का स्मारक स्थापित किया गया। कांग्रेसियों को पूरे देश को यह बताना चाहिए कि उनका दलित प्रेम क्या है।

वास्तव में, लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा था कि यदि कांशीराम पं. नेहरू के समय में होते, तो वे कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री होते। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने अतीत में अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया, जिसके कारण कांशी राम जैसे नेताओं को अलग राजनीतिक रास्ता चुनना पड़ा।

उन्होंने कहा कि यदि उस समय कांग्रेस ने प्रभावी रूप से कार्य किया होता, तो कांशी राम को अलग से संघर्ष करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। नेहरू यह सुनिश्चित करते कि कांशी राम मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी में गूढ़ता और जिम्मेदारी की आवश्यकता है। डॉ. अंबेडकर के प्रति सम्मान की कमी की बातें न केवल इतिहास की ओर इशारा करती हैं, बल्कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में भी गहराई से समाहित हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर की याद में स्मारक क्यों नहीं बनाया?
कांग्रेस ने 70 वर्षों तक डॉ. अंबेडकर के स्मारक का निर्माण नहीं किया, जबकि अन्य नेताओं के लिए स्मारक बनाए गए हैं।
क्या दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर अन्य आरोप भी लगाए?
हाँ, उन्होंने कांग्रेस के विधायकों पर भरोसा न करने का भी आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले