बारामती उपचुनाव 2026: कांग्रेस ने आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया
सारांश
Key Takeaways
- आकाश मोरे
- यह सीट अजीत पवार के निधन के बाद खाली हुई थी।
- उपचुनाव 23 अप्रैल 2026 को होंगे।
- कांग्रेस ने महा विकास अघाड़ी के भीतर नई चर्चाएं शुरू की हैं।
- आकाश मोरे स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी उपचुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पार्टी ने बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 201-बारामती निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे की उम्मीदवारी को स्वीकृति दी है। यह निर्णय ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में किया गया है। महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 5 अप्रैल 2026 को इसकी जानकारी दी।
बारामती सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार के निधन के कारण खाली हुई थी। अजीत पवार की पत्नी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार एनसीपी की उम्मीदवार हैं, जबकि कांग्रेस ने अब अपना उम्मीदवार पेश कर चुनावी मैदान को रोचक बना दिया है।
बारामती विधानसभा क्षेत्र पुणे जिले में स्थित है और इसे पारंपरिक रूप से पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। अजीत पवार ने इस सीट पर आठ बार जीत हासिल की थी। उनके निधन के बाद 23 अप्रैल 2026 को बारामती और राहुरी विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव आयोजित किए जाएंगे। मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
कांग्रेस ने बारामती में उम्मीदवार उतारकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर एक नई बहस को भी जन्म दिया है। पार्टी का मानना है कि बारामती जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में उनकी उपस्थिति मजबूत होनी चाहिए। अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे स्थानीय स्तर पर सक्रिय वकील हैं और कांग्रेस पार्टी में एक युवा चेहरा माने जाते हैं। पार्टी आशा करती है कि वे स्थानीय मुद्दों जैसे किसान समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्यों पर जोर देते हुए अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने पहले ही बारामती और राहुरी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव और सहानुभूति दो अलग बातें हैं। कांग्रेस ने बारामती के लिए कई आकांक्षियों के साक्षात्कार भी आयोजित किए थे, जिनके बाद आकाश मोरे का नाम अंतिम रूप से चुना गया।