4 सितंबर 2026
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सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी का केंद्र पर हमला: संसद सत्र बर्बाद, GDP आँकड़े 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग'

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सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी का केंद्र पर हमला: संसद सत्र बर्बाद, GDP आँकड़े 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग'

सारांश

सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने दिल्ली में पोलित ब्यूरो बैठक के बाद केंद्र पर दोहरा हमला बोला — संसद सत्र को 'बर्बाद' और GDP आँकड़ों को 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' करार दिया। छात्र आंदोलन में सरकार के 'यू-टर्न' को BJP की कमज़ोरी बताते हुए उन्होंने देश में नई राजनीतिक जागृति का दावा किया।

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने 4 सितंबर को नई दिल्ली में पोलित ब्यूरो बैठक के बाद केंद्र सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने संसद के पिछले सत्र को 'पूरी तरह बर्बाद' बताया और आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल विपक्षी मुद्दों पर चर्चा से बचता रहा।
GDP विकास दर के आँकड़ों को 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' करार दिया; पूर्व वित्त सचिव और कई अर्थशास्त्रियों के सवालों का हवाला दिया।
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में सरकार के वादे से पलटने पर आलोचना; सरकार को सर्वोच्च न्यायालय जाकर मामले वापस लेने का अनुरोध करना पड़ा।
बिहार के बांकीपुर में BJP अध्यक्ष की सीट पर हार का हवाला देते हुए BJP को 'बैकफुट' पर बताया।
पोलित ब्यूरो बैठक के बाद एक-दो दिन में GDP पर पार्टी की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी होने की उम्मीद।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने 4 सितंबर को नई दिल्ली में पार्टी की पोलित ब्यूरो बैठक के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद का पिछला सत्र पूरी तरह बर्बाद हो गया और सरकार द्वारा पेश किए जा रहे जीडीपी विकास दर के आँकड़े 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' से ज़्यादा कुछ नहीं हैं।

पोलित ब्यूरो बैठक और संसद सत्र पर स्थिति

बेबी ने बताया कि सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो की बैठक हर महीने या डेढ़ महीने में एक बार होती है, जिसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात का जायज़ा लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के पिछले सत्र में विपक्ष जिन अहम मुद्दों को उठाना चाहता था, सत्ताधारी दल उन पर चर्चा के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सुनने में आ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसी विशेष एजेंडे के साथ विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है, जिसके मद्देनज़र पार्टी समग्र स्थिति का आकलन कर आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम के लिए खुद को तैयार करेगी।

GDP आँकड़ों पर गंभीर आरोप

एमए बेबी ने जीडीपी विकास दर को लेकर केंद्र सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये आँकड़े पेश किए जा रहे हैं, उसकी पोल खुद पूर्व वित्त सचिव ने खोली है और कई अर्थशास्त्री भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, 'आप आँकड़ों से कुछ भी कर सकते हैं — असली बात यह है कि उनका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जीडीपी के ज़रिए जो 'अद्भुत' विकास दर दिखाई जा रही है, वह उनके शब्दों में 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' है। पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में पार्टी का इस पर विस्तृत पक्ष सामने आएगा।

छात्र आंदोलन और सरकार की पीछे हटने की कोशिश

बेबी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए कहा कि छात्रों को शुरुआती जीत मिली, लेकिन सरकार ने समझौते से पलटने की कोशिश की। समझौते के तहत शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी 'फर्ज़ी मामले' वापस लिए जाने थे, परंतु सरकार इस वादे से मुकर गई। इसके बाद छात्र संगठनों ने 5 सितंबर को नए सिरे से प्रदर्शन का ऐलान किया। बेबी के अनुसार, इस दबाव में आकर सरकार को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा और सभी मामले वापस लेने का अनुरोध करना पड़ा।

BJP पर 'बैकफुट' का आरोप

बेबी ने दावा किया कि BJP फिलहाल बैकफुट पर है। उन्होंने बिहार के बांकीपुर में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर हुई हार का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश में एक नई राजनीतिक स्थिति उभर रही है — छात्रों और युवाओं ने निडरता का संदेश दिया है — और यह बदलाव धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। सीपीआई (एम) इस उभरती राजनीतिक स्थिति को लेकर आशावादी है।

आगे क्या होगा

पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद एक-दो दिन में जीडीपी आँकड़ों और समग्र राजनीतिक स्थिति पर पार्टी की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी होने की उम्मीद है। 5 सितंबर को प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन और संभावित विशेष संसद सत्र — दोनों पर पार्टी की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सीपीआई (एम) को यह भी बताना होगा कि विपक्ष की एकजुट रणनीति क्या होगी — केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं। छात्र आंदोलन में सरकार का यू-टर्न ज़रूर BJP के लिए असहज करने वाला है, पर इसे 'नई राजनीतिक जागृति' का नाम देना जल्दबाज़ी होगी — जब तक यह ऊर्जा संगठित चुनावी ताक़त में न बदले।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमए बेबी ने संसद के पिछले सत्र के बारे में क्या कहा?
एमए बेबी ने कहा कि संसद का पिछला सत्र पूरी तरह बर्बाद हो गया, क्योंकि सत्ताधारी दल विपक्ष के उठाए मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि BJP किसी विशेष एजेंडे के साथ विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है।
सीपीआई (एम) ने GDP आँकड़ों पर क्या आरोप लगाए?
बेबी ने GDP विकास दर को 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' करार दिया और कहा कि पूर्व वित्त सचिव तथा कई अर्थशास्त्री इन आँकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। पोलित ब्यूरो बैठक के बाद पार्टी इस पर विस्तृत विज्ञप्ति जारी करेगी।
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन और सरकार के बीच क्या विवाद हुआ?
सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने का वादा किया था, लेकिन बाद में उससे मुकर गई। इसके बाद छात्र संगठनों ने 5 सितंबर को नए प्रदर्शन का ऐलान किया, जिस दबाव में सरकार को सर्वोच्च न्यायालय से मामले वापस लेने का अनुरोध करना पड़ा।
बेबी ने BJP को 'बैकफुट' पर क्यों बताया?
बेबी ने बिहार के बांकीपुर में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर हुई हार और छात्र आंदोलन में सरकार के यू-टर्न को BJP की कमज़ोरी के प्रमाण के रूप में पेश किया। उनका कहना था कि आरएसएस और BJP की रणनीति अब काम नहीं कर रही।
सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो की बैठक कितनी बार होती है और इसमें क्या होता है?
बेबी के अनुसार पोलित ब्यूरो की बैठक हर महीने या डेढ़ महीने में एक बार होती है, जिसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात का जायज़ा लिया जाता है और आगे की रणनीति तय की जाती है। बैठक के बाद पार्टी की आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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