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सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी का केंद्र पर हमला: संसद सत्र बर्बाद, GDP आंकड़े 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग'

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सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी का केंद्र पर हमला: संसद सत्र बर्बाद, GDP आंकड़े 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग'

सारांश

सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने केंद्र पर दोहरा हमला बोला — संसद सत्र को 'बर्बाद' बताया और GDP आंकड़ों को 'हेरफेर' करार दिया। जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में सरकार की पीछेहट और बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार को उन्होंने नई राजनीतिक करवट का संकेत बताया।

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने 4 सितंबर को नई दिल्ली में पोलित ब्यूरो बैठक के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने संसद के पिछले सत्र को 'पूरी तरह बर्बाद' बताया और कहा कि सत्ताधारी दल विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा से बचता रहा।
बेबी के अनुसार, सरकार के GDP आंकड़े 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' हैं — यह बात पूर्व वित्त सचिव और कई अर्थशास्त्री भी उठा चुके हैं।
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में सरकार की वादे से पीछेहट के बाद 5 सितंबर के प्रदर्शन की घोषणा पर सरकार को सर्वोच्च न्यायालय जाना पड़ा।
बेबी ने बिहार के बांकीपुर में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर हार का हवाला देते हुए पार्टी को 'बैकफुट' पर बताया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने 4 सितंबर को नई दिल्ली में पार्टी की पोलित ब्यूरो बैठक के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने संसद के पिछले सत्र को 'पूरी तरह बर्बाद' करार दिया और सरकार द्वारा पेश किए जा रहे जीडीपी विकास दर के आंकड़ों को 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' बताया।

संसद सत्र पर सवाल

एमए बेबी ने कहा कि संसद का पिछला सत्र विपक्ष के लिए निराशाजनक रहा। उनके अनुसार, विपक्ष जिन अहम मुद्दों को संसद में उठाना चाहता था, सत्ताधारी दल उन पर खुलकर चर्चा करने को तैयार नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि अब सुनने में आ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसी विशेष एजेंडे के साथ एक विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीआई (एम) इस संभावित घटनाक्रम के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी।

जीडीपी आंकड़ों पर गंभीर आरोप

जीडीपी विकास दर को लेकर बेबी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जीडीपी के आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, उसकी पोल खुद पूर्व वित्त सचिव ने खोल दी है और कई स्वतंत्र अर्थशास्त्री भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आंकड़ों से कुछ भी किया जा सकता है — असली सवाल यह है कि आप उनका इस्तेमाल कैसे करते हैं।' बेबी के अनुसार, जीडीपी में दिखाई जा रही 'अद्भुत' वृद्धि दर वास्तव में 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' है। उन्होंने बताया कि पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद जारी होने वाली विज्ञप्ति में पार्टी का इस विषय पर विस्तृत पक्ष सामने आएगा।

छात्र आंदोलन और सरकार की पीछेहट

बेबी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस आंदोलन में छात्रों को जीत मिली, लेकिन सरकार समझौते से मुकर गई। उनके अनुसार, समझौते में यह तय हुआ था कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज सभी 'फर्जी मामले' वापस लिए जाएंगे, परंतु सरकार इस वादे से पीछे हट गई। इसके बाद जब छात्र संगठनों ने 5 सितंबर को फिर से प्रदर्शन का ऐलान किया, तो सरकार को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा और मामले वापस लेने का अनुरोध करना पड़ा।

भाजपा पर राजनीतिक हमला

बेबी ने दावा किया कि BJP राजनीतिक रूप से 'बैकफुट' पर है। उन्होंने बिहार के बांकीपुर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर हुई हार का हवाला दिया। उनका कहना था कि जनता अब भाजपा और कांग्रेस दोनों को भली-भांति समझ रही है और आरएसएस-भाजपा की रणनीति अब काम नहीं आने वाली।

आगे की राजनीतिक दिशा

बेबी ने कहा कि देश में एक नई राजनीतिक स्थिति उभर रही है, जो धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के लिए सकारात्मक है। उन्होंने युवाओं और छात्रों के निडर रवैये को इस बदलाव का प्रतीक बताया। सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो बैठक के बाद जारी होने वाला आधिकारिक बयान आने वाले एक-दो दिनों में सार्वजनिक होने की उम्मीद है, जिसमें जीडीपी आंकड़ों और संसद सत्र पर पार्टी का विस्तृत रुख स्पष्ट किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक उपचुनाव से राष्ट्रीय प्रवृत्ति निकालना जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा यह होगी कि सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो विज्ञप्ति GDP पर कोई ठोस वैकल्पिक विश्लेषण पेश करती है या केवल आरोप लगाकर रुक जाती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमए बेबी ने संसद के पिछले सत्र को 'बर्बाद' क्यों कहा?
बेबी के अनुसार, सत्ताधारी दल ने विपक्ष के उन मुद्दों पर संसद में चर्चा करने से इनकार कर दिया जो जनहित से जुड़े थे, जिससे पूरा सत्र बिना किसी सार्थक बहस के समाप्त हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष सत्र की अटकलें हैं जो किसी छिपे एजेंडे के साथ बुलाया जा सकता है।
सीपीआई (एम) ने GDP आंकड़ों पर क्या आरोप लगाए हैं?
सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने दावा किया कि सरकार द्वारा पेश की जा रही जीडीपी विकास दर 'हेरफेर वाली अकाउंटिंग' है। उन्होंने कहा कि इस पर पूर्व वित्त सचिव और कई स्वतंत्र अर्थशास्त्री भी सवाल उठा चुके हैं, और पार्टी जल्द ही अपना विस्तृत विश्लेषण जारी करेगी।
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में सरकार ने क्या वादा किया था और क्यों मुकरी?
बेबी के अनुसार, समझौते में तय था कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे, लेकिन सरकार इस वादे से पीछे हट गई। इसके बाद छात्र संगठनों ने 5 सितंबर को प्रदर्शन का ऐलान किया, जिससे सरकार को सर्वोच्च न्यायालय जाकर मामले वापस लेने का अनुरोध करना पड़ा।
बांकीपुर सीट का BJP के लिए क्या महत्व है?
बिहार के बांकीपुर में हुई हार को बेबी ने इसलिए अहम बताया क्योंकि यह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट मानी जाती है। उनके अनुसार, इस हार से साफ होता है कि जनता का भाजपा से मोहभंग हो रहा है।
सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो बैठक कितनी बार होती है और इसमें क्या होता है?
एमए बेबी के अनुसार, पोलित ब्यूरो की बैठक हर महीने या डेढ़ महीने में एक बार होती है। इसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात का जायजा लिया जाता है, विश्लेषण किया जाता है और आगे की रणनीति तय की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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