एनआईए की चार्जशीट: सीपीआई (माओवादी) सदस्य गाडे इन्नैया पर अंतिम संस्कार में भीड़ भड़काने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 18 जून 2026 को सीपीआई (माओवादी) के सक्रिय सदस्य गाडे इन्नैया उर्फ गाडे इन्ना रेड्डी के खिलाफ हैदराबाद की नामपल्ली स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोप है कि उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन के एक मृत सदस्य के अंतिम संस्कार के दौरान जमा भीड़ को माओवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए उकसाया।
मुख्य आरोप
चार्जशीट में गाडे इन्नैया पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए के अनुसार, यह चार्जशीट जांच के दौरान एकत्र किए गए तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों पर आधारित है।
जांच एजेंसी ने पाया कि आरोपी — जिसे दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था — ने अक्टूबर 2025 में सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य कथा रामचंद्र रेड्डी के अंतिम संस्कार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था।
अंतिम संस्कार में क्या हुआ
एनआईए के अनुसार, गाडे ने अंतिम संस्कार में जुटे लगभग 200 लोगों की भीड़ को सीपीआई (माओवादी) की विचारधारा को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने और 'क्रांति को कभी खत्म न होने देने' के लिए उकसाया। इसके अलावा, उसने उन पूर्व माओवादी कैडरों की कड़ी आलोचना की जिन्होंने सरकारी एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ और अन्य प्रभावित राज्यों में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किए हुए थे। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक आयोजन संगठन की भर्ती और प्रचार रणनीति का हिस्सा होते हैं।
संगठनात्मक संबंध और फ्रंटल नेटवर्क
एनआईए की जांच में सामने आया कि गाडे माओवादी संगठन के कई वरिष्ठ कैडरों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा था और छत्तीसगढ़ के जंगली इलाकों में उनसे मुलाकात करता था। इसके अतिरिक्त, वह 'भारत बचाओ' नामक एक फ्रंटल संगठन का सह-संस्थापक था और उसके माध्यम से माओवादी विचारधारा का प्रचार कर रहा था।
यह ऐसी पहली घटना नहीं है — एनआईए अतीत में भी कई फ्रंटल संगठनों को प्रतिबंधित माओवादी ढाँचे से जोड़ चुकी है। जांच एजेंसी का तर्क है कि ऐसे संगठन वैध दिखते हुए आतंकी नेटवर्क को सहयोग प्रदान करते हैं।
क्या होगा आगे
नामपल्ली की एनआईए स्पेशल कोर्ट अब चार्जशीट का संज्ञान लेगी और आगे की सुनवाई तय करेगी। गाडे इन्नैया दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में है। यह मामला उस व्यापक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके तहत एनआईए माओवादी संगठन के शहरी नेटवर्क और फ्रंटल संगठनों को निशाना बना रही है।