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एनआईए की चार्जशीट: सीपीआई (माओवादी) सदस्य गाडे इन्नैया पर अंतिम संस्कार में भीड़ भड़काने का आरोप

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एनआईए की चार्जशीट: सीपीआई (माओवादी) सदस्य गाडे इन्नैया पर अंतिम संस्कार में भीड़ भड़काने का आरोप

सारांश

एनआईए ने सीपीआई (माओवादी) सदस्य गाडे इन्नैया पर चार्जशीट दाखिल की — आरोप है कि उसने अक्टूबर 2025 में केंद्रीय समिति सदस्य कथा रामचंद्र रेड्डी के अंतिम संस्कार में 200 लोगों को माओवादी विचारधारा के लिए उकसाया और 'भारत बचाओ' फ्रंटल संगठन के ज़रिए नेटवर्क फैलाया।

मुख्य बातें

एनआईए ने 18 जून 2026 को हैदराबाद की नामपल्ली स्पेशल कोर्ट में गाडे इन्नैया उर्फ गाडे इन्ना रेड्डी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आरोप है कि अक्टूबर 2025 में कथा रामचंद्र रेड्डी के अंतिम संस्कार में लगभग 200 लोगों की भीड़ को माओवादी विचारधारा के लिए उकसाया गया।
गाडे को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था; वह तब से न्यायिक हिरासत में है।
आरोपी पर बीएनएस, 2023 और यूएपीए, 1967 की धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
वह 'भारत बचाओ' नामक फ्रंटल संगठन का सह-संस्थापक था और छत्तीसगढ़ के जंगली इलाकों में वरिष्ठ माओवादी कैडरों से मिलता था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 18 जून 2026 को सीपीआई (माओवादी) के सक्रिय सदस्य गाडे इन्नैया उर्फ गाडे इन्ना रेड्डी के खिलाफ हैदराबाद की नामपल्ली स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोप है कि उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन के एक मृत सदस्य के अंतिम संस्कार के दौरान जमा भीड़ को माओवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए उकसाया।

मुख्य आरोप

चार्जशीट में गाडे इन्नैया पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए के अनुसार, यह चार्जशीट जांच के दौरान एकत्र किए गए तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों पर आधारित है।

जांच एजेंसी ने पाया कि आरोपी — जिसे दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था — ने अक्टूबर 2025 में सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य कथा रामचंद्र रेड्डी के अंतिम संस्कार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था।

अंतिम संस्कार में क्या हुआ

एनआईए के अनुसार, गाडे ने अंतिम संस्कार में जुटे लगभग 200 लोगों की भीड़ को सीपीआई (माओवादी) की विचारधारा को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने और 'क्रांति को कभी खत्म न होने देने' के लिए उकसाया। इसके अलावा, उसने उन पूर्व माओवादी कैडरों की कड़ी आलोचना की जिन्होंने सरकारी एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।

गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ और अन्य प्रभावित राज्यों में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किए हुए थे। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक आयोजन संगठन की भर्ती और प्रचार रणनीति का हिस्सा होते हैं।

संगठनात्मक संबंध और फ्रंटल नेटवर्क

एनआईए की जांच में सामने आया कि गाडे माओवादी संगठन के कई वरिष्ठ कैडरों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा था और छत्तीसगढ़ के जंगली इलाकों में उनसे मुलाकात करता था। इसके अतिरिक्त, वह 'भारत बचाओ' नामक एक फ्रंटल संगठन का सह-संस्थापक था और उसके माध्यम से माओवादी विचारधारा का प्रचार कर रहा था।

यह ऐसी पहली घटना नहीं है — एनआईए अतीत में भी कई फ्रंटल संगठनों को प्रतिबंधित माओवादी ढाँचे से जोड़ चुकी है। जांच एजेंसी का तर्क है कि ऐसे संगठन वैध दिखते हुए आतंकी नेटवर्क को सहयोग प्रदान करते हैं।

क्या होगा आगे

नामपल्ली की एनआईए स्पेशल कोर्ट अब चार्जशीट का संज्ञान लेगी और आगे की सुनवाई तय करेगी। गाडे इन्नैया दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में है। यह मामला उस व्यापक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके तहत एनआईए माओवादी संगठन के शहरी नेटवर्क और फ्रंटल संगठनों को निशाना बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि माओवादी संगठन की उस रणनीति पर है जिसमें सार्वजनिक आयोजनों — यहाँ तक कि अंतिम संस्कार — को भर्ती और प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 'भारत बचाओ' जैसे फ्रंटल संगठनों पर फोकस दर्शाता है कि जांच एजेंसी अब केवल सशस्त्र कैडरों तक सीमित नहीं, बल्कि शहरी समर्थन ढाँचे को भी निशाना बना रही है। हालाँकि, आलोचक यह सवाल उठाते हैं कि यूएपीए के तहत 'उकसावे' की परिभाषा कितनी व्यापक है और क्या भाषण की स्वतंत्रता की सीमाएँ पर्याप्त रूप से स्पष्ट हैं। अदालत का संज्ञान और आगे की सुनवाई यह तय करेगी कि एकत्र साक्ष्य कानूनी कसौटी पर कितने खरे उतरते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाडे इन्नैया के खिलाफ एनआईए ने क्या आरोप लगाए हैं?
एनआईए ने गाडे इन्नैया पर आरोप लगाया है कि उसने अक्टूबर 2025 में सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य कथा रामचंद्र रेड्डी के अंतिम संस्कार में लगभग 200 लोगों की भीड़ को माओवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए उकसाया। उस पर बीएनएस, 2023 और यूएपीए, 1967 की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।
गाडे इन्नैया को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया था?
गाडे इन्नैया को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए की जांच में पाया गया कि वह सीपीआई (माओवादी) के वरिष्ठ कैडरों से छत्तीसगढ़ के जंगली इलाकों में मिलता था और 'भारत बचाओ' नामक फ्रंटल संगठन के ज़रिए माओवादी विचारधारा का प्रचार कर रहा था।
'भारत बचाओ' संगठन और माओवादियों का क्या संबंध है?
एनआईए की जांच के अनुसार, 'भारत बचाओ' एक फ्रंटल संगठन है जिसका इस्तेमाल सीपीआई (माओवादी) की विचारधारा के प्रचार के लिए किया जाता था। गाडे इन्नैया इस संगठन का सह-संस्थापक था और इसके माध्यम से प्रतिबंधित आतंकी संगठन के नेटवर्क को सहयोग देता था।
यह मामला किस कोर्ट में चल रहा है और आगे क्या होगा?
चार्जशीट हैदराबाद के नामपल्ली स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई है। कोर्ट अब चार्जशीट का संज्ञान लेगी और आगे की सुनवाई की तारीख तय करेगी; गाडे दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में है।
एनआईए माओवादी फ्रंटल संगठनों को क्यों निशाना बना रही है?
एनआईए का मानना है कि फ्रंटल संगठन वैध सामाजिक संस्थाओं के रूप में काम करते हुए प्रतिबंधित माओवादी नेटवर्क को वित्तीय, वैचारिक और भर्ती संबंधी सहायता प्रदान करते हैं। इस तरह के मामले उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत एजेंसी सशस्त्र कैडरों के साथ-साथ शहरी समर्थन ढाँचे को भी कानूनी दायरे में लाना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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