7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चक्रवात मुरासु: आंध्र CM चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह को लिखा पत्र, ₹1,919 करोड़ नुकसान पर तत्काल सहायता माँगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चक्रवात मुरासु: आंध्र CM चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह को लिखा पत्र, ₹1,919 करोड़ नुकसान पर तत्काल सहायता माँगी

सारांश

एक सप्ताह में दो चक्रवातों की दोहरी मार झेल चुके आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्र से तत्काल मदद माँगी है। ₹1,919.59 करोड़ के प्रारंभिक नुकसान और 1,86,063 किसानों पर संकट के बीच यह पत्र राज्य की बढ़ती राहत जरूरतों की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

CM चंद्रबाबू नायडू ने 6 नवंबर 2026 को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात 'मुरासु' के बाद तत्काल वित्तीय सहायता माँगी।
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार चक्रवात से कुल ₹1,919.59 करोड़ का नुकसान हुआ है।
1,43,122 हेक्टेयर में फसलें बर्बाद, 1,86,063 किसान प्रभावित; कृषि नुकसान ₹874.96 करोड़ अनुमानित।
बागवानी क्षेत्र में 6,504.38 हेक्टेयर प्रभावित, 12,178 किसानों को ₹337.10 करोड़ का नुकसान।
आंध्र प्रदेश एक सप्ताह में दो चक्रवातों — 'अरनाब' (27 अक्टूबर) और 'मुरासु' — की मार झेल चुका है।
राज्य 15 दिनों के भीतर केंद्र को विस्तृत नुकसान रिपोर्ट सौंपेगा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 6 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात 'मुरासु' से तबाह हुए जिलों में राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए तत्काल अंतरिम वित्तीय सहायता की माँग की है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार चक्रवात से ₹1,919.59 करोड़ का नुकसान हुआ है और 1,86,063 किसान प्रभावित हुए हैं।

एक हफ्ते में दो चक्रवातों की दोहरी मार

मुख्यमंत्री नायडू ने पत्र में स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश महज एक सप्ताह के भीतर दो विनाशकारी चक्रवातों की चपेट में आया है। राज्य अभी 27 अक्टूबर 2026 को आए चक्रवात 'अरनाब' से हुए नुकसान से उबर भी नहीं पाया था कि चक्रवात 'मुरासु' ने दस्तक दे दी। भारी वर्षा और तीव्र हवाओं के कारण बिजली नेटवर्क, सड़कें और अन्य बुनियादी ढाँचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब किसानों और मछुआरों को एक ही मौसम में दो बार अपनी फसल और आजीविका गँवानी पड़ी — एक दुर्लभ और अत्यंत कठिन परिस्थिति जो राज्य की राहत क्षमता को सीमा पर धकेल रही है।

नुकसान का विस्तृत आँकड़ा

मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्र को बताया कि चक्रवात 'मुरासु' के कारण 1,43,122 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। कृषि क्षेत्र में प्रारंभिक नुकसान ₹874.96 करोड़ आँका गया है, जबकि 6,504.38 हेक्टेयर में बागवानी फसलें तबाह हुई हैं जिससे 12,178 किसान और प्रभावित हुए हैं — इस मद में नुकसान ₹337.10 करोड़ अनुमानित है।

इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास, सिंचाई, बिजली, पंचायती राज, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी भारी क्षति दर्ज की गई है। गौरतलब है कि ये आँकड़े केवल प्रारंभिक हैं — बाढ़ का पानी उतरने के बाद व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा।

केंद्र से माँगी गई सहायता

मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि किसानों, मछुआरों, घर गँवाने वाले परिवारों और अन्य प्रभावित वर्गों के लिए तत्काल अंतरिम वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाए। साथ ही, राज्यभर में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे और सेवाओं की बहाली के लिए भी सहयोग देने का अनुरोध किया गया है।

नायडू ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद अगले 15 दिनों के भीतर केंद्र को एक विस्तृत नुकसान रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

आम जनता पर असर

दो चक्रवातों की लगातार मार से आंध्र प्रदेश के तटीय और कृषि-प्रधान जिलों में आजीविका का संकट गहरा गया है। किसान और मछुआरे दोहरी फसल हानि से जूझ रहे हैं, जबकि क्षतिग्रस्त बिजली और सड़क नेटवर्क ने पुनर्वास प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि केंद्र की सहायता मिलते ही राहत कार्यों में तेज़ी लाई जाएगी।

आगे क्या होगा

फिलहाल केंद्र सरकार के स्तर पर सहायता की घोषणा का इंतजार है। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रखते हुए नुकसान का व्यापक आकलन कर रही है। 15 दिनों में सौंपी जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही अंतिम सहायता राशि तय होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो राज्य अनिवार्यतः केंद्र पर निर्भर हो जाता है। असली सवाल यह है कि केंद्र की प्रतिक्रिया कितनी तेज़ी से आती है — 2014 के हुदहुद और 2018 के तितली चक्रवात के अनुभव बताते हैं कि देरी से किसानों और मछुआरों की रबी की तैयारी भी चौपट हो सकती है। ₹1,919 करोड़ का यह प्रारंभिक आँकड़ा निश्चित रूप से बढ़ेगा — और तब केंद्र-राज्य वित्तीय समन्वय की परीक्षा होगी।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात मुरासु से आंध्र प्रदेश को कितना नुकसान हुआ है?
प्रारंभिक आकलन के अनुसार चक्रवात 'मुरासु' से आंध्र प्रदेश को ₹1,919.59 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें कृषि क्षेत्र में ₹874.96 करोड़ और बागवानी में ₹337.10 करोड़ का नुकसान शामिल है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अंतिम आँकड़ा और अधिक हो सकता है।
CM चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से क्या माँगा है?
मुख्यमंत्री नायडू ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर किसानों, मछुआरों, घर गँवाने वाले परिवारों और अन्य प्रभावित वर्गों के लिए तत्काल अंतरिम वित्तीय सहायता माँगी है। साथ ही बुनियादी ढाँचे की बहाली के लिए भी सहायता का आग्रह किया गया है।
चक्रवात मुरासु से कितने किसान प्रभावित हुए हैं?
चक्रवात 'मुरासु' से 1,86,063 किसान प्रभावित हुए हैं और 1,43,122 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें नष्ट हो गई हैं। बागवानी क्षेत्र में 6,504.38 हेक्टेयर प्रभावित हुआ है जिससे 12,178 किसानों को अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
आंध्र प्रदेश में एक हफ्ते में दो चक्रवात क्यों आए?
आंध्र प्रदेश 27 अक्टूबर को चक्रवात 'अरनाब' और उसके कुछ ही दिनों बाद चक्रवात 'मुरासु' की चपेट में आया। बंगाल की खाड़ी में मौसमी परिस्थितियाँ इस अवधि में सक्रिय चक्रवाती प्रणालियाँ उत्पन्न कर रही थीं। इससे किसानों और मछुआरों को एक ही सीजन में दोहरा नुकसान झेलना पड़ा।
केंद्र सरकार को विस्तृत नुकसान रिपोर्ट कब मिलेगी?
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा और अगले 15 दिनों के भीतर केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। फिलहाल केंद्र से तत्काल अंतरिम सहायता की माँग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 साल पहले