चक्रवात मुरासु: आंध्र CM चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह को लिखा पत्र, ₹1,919 करोड़ नुकसान पर तत्काल सहायता माँगी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 6 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात 'मुरासु' से तबाह हुए जिलों में राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए तत्काल अंतरिम वित्तीय सहायता की माँग की है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार चक्रवात से ₹1,919.59 करोड़ का नुकसान हुआ है और 1,86,063 किसान प्रभावित हुए हैं।
एक हफ्ते में दो चक्रवातों की दोहरी मार
मुख्यमंत्री नायडू ने पत्र में स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश महज एक सप्ताह के भीतर दो विनाशकारी चक्रवातों की चपेट में आया है। राज्य अभी 27 अक्टूबर 2026 को आए चक्रवात 'अरनाब' से हुए नुकसान से उबर भी नहीं पाया था कि चक्रवात 'मुरासु' ने दस्तक दे दी। भारी वर्षा और तीव्र हवाओं के कारण बिजली नेटवर्क, सड़कें और अन्य बुनियादी ढाँचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब किसानों और मछुआरों को एक ही मौसम में दो बार अपनी फसल और आजीविका गँवानी पड़ी — एक दुर्लभ और अत्यंत कठिन परिस्थिति जो राज्य की राहत क्षमता को सीमा पर धकेल रही है।
नुकसान का विस्तृत आँकड़ा
मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्र को बताया कि चक्रवात 'मुरासु' के कारण 1,43,122 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। कृषि क्षेत्र में प्रारंभिक नुकसान ₹874.96 करोड़ आँका गया है, जबकि 6,504.38 हेक्टेयर में बागवानी फसलें तबाह हुई हैं जिससे 12,178 किसान और प्रभावित हुए हैं — इस मद में नुकसान ₹337.10 करोड़ अनुमानित है।
इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास, सिंचाई, बिजली, पंचायती राज, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी भारी क्षति दर्ज की गई है। गौरतलब है कि ये आँकड़े केवल प्रारंभिक हैं — बाढ़ का पानी उतरने के बाद व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा।
केंद्र से माँगी गई सहायता
मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि किसानों, मछुआरों, घर गँवाने वाले परिवारों और अन्य प्रभावित वर्गों के लिए तत्काल अंतरिम वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाए। साथ ही, राज्यभर में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे और सेवाओं की बहाली के लिए भी सहयोग देने का अनुरोध किया गया है।
नायडू ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद अगले 15 दिनों के भीतर केंद्र को एक विस्तृत नुकसान रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
आम जनता पर असर
दो चक्रवातों की लगातार मार से आंध्र प्रदेश के तटीय और कृषि-प्रधान जिलों में आजीविका का संकट गहरा गया है। किसान और मछुआरे दोहरी फसल हानि से जूझ रहे हैं, जबकि क्षतिग्रस्त बिजली और सड़क नेटवर्क ने पुनर्वास प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि केंद्र की सहायता मिलते ही राहत कार्यों में तेज़ी लाई जाएगी।
आगे क्या होगा
फिलहाल केंद्र सरकार के स्तर पर सहायता की घोषणा का इंतजार है। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रखते हुए नुकसान का व्यापक आकलन कर रही है। 15 दिनों में सौंपी जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही अंतिम सहायता राशि तय होने की संभावना है।