29 अक्टूबर 2026
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यूपी सरकार के आदेश पर दीपक बैज का हमला: '1 नवंबर की रैली से डरी सरकार, 10 लाख लोग आएंगे दिल्ली'

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यूपी सरकार के आदेश पर दीपक बैज का हमला: '1 नवंबर की रैली से डरी सरकार, 10 लाख लोग आएंगे दिल्ली'

सारांश

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने यूपी सरकार के प्रदर्शनकारियों से जुड़े आदेश को 'तुगलकी फरमान' बताया और आरोप लगाया कि यह 1 नवंबर की दिल्ली रैली से भय का परिणाम है। उनका दावा है कि 10 लाख से अधिक लोग रैली में शामिल होंगे और ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग बरकरार रहेगी।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 29 अक्टूबर 2026 को यूपी सरकार के प्रदर्शनकारी-विरोधी आदेश को 'तुगलकी फरमान' करार दिया।
बैज ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली से सरकार भयभीत है।
कांग्रेस ने रैली के लिए विशेष ट्रेन माँगी थी, जो राशि तैयार होने के बावजूद कथित तौर पर रद्द कर दी गई।
राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा है कि ज्ञानेश कुमार को हटाने की घोषणा होते ही 30 सेकंड में रैली समाप्त कर दी जाएगी।
बैज का दावा — रैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे।
वाराणसी , इलाहाबाद और नागपुर में BJP की हार का हवाला देते हुए बैज ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग दोहराई।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 29 अक्टूबर 2026 को रायपुर में उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें प्रदर्शनकारियों को सरकारी नौकरियों के लिए अयोग्य ठहराने का प्रावधान बताया जा रहा है। बैज ने इसे 'तुगलकी फरमान' करार देते हुए आरोप लगाया कि यह कदम 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी रैली को रोकने की नीयत से उठाया गया है।

आदेश पर क्या बोले दीपक बैज

बैज ने कहा, 'ये तुगलकी फरमान है। क्या इस देश में प्रजातंत्र में आंदोलन करने का अधिकार नहीं है? संविधान में यह दिया गया है कि अपनी बात रखने का अधिकार हर व्यक्ति को है। प्रदर्शन और आंदोलन करने का अधिकार भी हर व्यक्ति को है।' उन्होंने आगे कहा कि ये लोग संविधान को बदलने और कुचलने का काम कर रहे हैं।

बैज के अनुसार, इस आदेश से यह 'साफ दिखता है' कि 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली से सरकार भयभीत है। उन्होंने दावा किया कि सरकार चाहे जो कदम उठा ले, युवा, छात्र और कार्यकर्ता इस रैली में हिस्सा लेंगे।

ट्रेन रद्द करने का आरोप

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रैली के लिए विशेष ट्रेन की माँग की थी। बैज ने बताया कि पहले रेलवे की ओर से कहा गया कि निर्धारित राशि जमा करने पर ट्रेन उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन राशि तैयार होने के बावजूद ट्रेन रद्द कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब इसलिए किया गया ताकि कार्यकर्ता दिल्ली न पहुँच सकें।

ज्ञानेश कुमार और रैली की माँग

बैज ने कहा कि राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा है कि यदि ज्ञानेश कुमार को हटाने की घोषणा की जाए तो '30 मिनट क्या, 30 सेकंड में भी रैली समाप्त कर देंगे।' उन्होंने यह भी तर्क दिया कि देशभर से 10 लाख से अधिक लोगों के दिल्ली आने से चाय विक्रेताओं, व्यापारियों, टैक्सी चालकों और होटल व्यवसायियों को आर्थिक लाभ होगा, क्योंकि दीपावली का सीजन चल रहा है।

बैज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए केंद्र और BJP-शासित राज्य सरकारें एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि BJP की प्रतिष्ठा इस मुद्दे से जुड़ी है।

वाराणसी एमएलसी चुनाव और बैलेट पेपर की माँग

बैज ने हाल के उपचुनावों का हवाला देते हुए कहा कि वाराणसी, इलाहाबाद और नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पराजय का सामना करना पड़ा है। यह चुनाव अप्रत्यक्ष थे, फिर भी पार्टी अपने परंपरागत गढ़ नहीं बचा पाई। उन्होंने माँग की कि आम चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ, यह कहते हुए कि 'यदि चुनाव बैलेट पेपर से होंगे तो भाजपा जीत नहीं पाएगी।'

आगे की स्थिति

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्ष 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर पूरी तरह तैयारी में है। गौरतलब है कि बैज के ये सभी बयान आरोप के रूप में दिए गए हैं; उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रैली की सफलता और उसमें शामिल होने वाली भीड़ का आकड़ा आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का केंद्र रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे 'तुगलकी फरमान' की व्याख्या एकपक्षीय रह जाती है। ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस की माँग लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन इसे रैली की शर्त बनाना राजनीतिक दबाव की रणनीति का हिस्सा लगता है। वाराणसी और नागपुर में अप्रत्यक्ष चुनावों की हार को ईवीएम विरोध से जोड़ने की कवायद पुरानी पटकथा को नए आँकड़ों के साथ दोहराने की कोशिश है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी सरकार का वह आदेश क्या है जिस पर दीपक बैज ने आपत्ति जताई?
उत्तर प्रदेश सरकार ने कथित तौर पर ऐसा आदेश जारी किया है जिसमें प्रदर्शनकारियों को सरकारी नौकरियों के संदर्भ में प्रभावित करने का प्रावधान है। इस आदेश की विस्तृत सामग्री पर सरकार ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
1 नवंबर की दिल्ली रैली किसलिए आयोजित की जा रही है?
यह रैली मुख्य रूप से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को लेकर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का दावा है कि इसमें 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे।
ट्रेन रद्द होने का मामला क्या है?
दीपक बैज के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रैली के लिए विशेष ट्रेन की माँग की थी और निर्धारित राशि जमा करने की तैयारी भी थी, लेकिन इसके बाद भी ट्रेन रद्द कर दी गई। यह आरोप है; रेलवे या राज्य सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई।
ज्ञानेश कुमार विवाद क्या है और राहुल गांधी ने क्या कहा?
ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त हैं और विपक्ष उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाता रहा है। बैज के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार को हटाने की घोषणा होते ही '30 सेकंड में' रैली समाप्त कर दी जाएगी।
वाराणसी एमएलसी चुनाव में भाजपा की हार का क्या संदर्भ है?
हाल के अप्रत्यक्ष (एमएलसी) चुनावों में वाराणसी , इलाहाबाद और नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हार का सामना करना पड़ा। बैज ने इसे आधार बनाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग दोहराई है।
राष्ट्र प्रेस
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