दिल्ली कोर्ट ने बिहार BJP विधायक राजू कुमार सिंह को हर्ष फायरिंग में दोषी ठहराया, महिला की हुई थी मौत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 6 जून 2026 को बिहार के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक राजू कुमार सिंह को 31 दिसंबर 2018 की रात वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में की गई हर्ष फायरिंग के मामले में दोषी करार दिया है। इस फायरिंग में एक निर्दोष महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। फैसले के तुरंत बाद विधायक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले का पूरा घटनाक्रम
31 दिसंबर 2018 की रात विधायक राजू कुमार सिंह ने वसंत कुंज के एक फार्महाउस में नववर्ष के उपलक्ष्य में पार्टी का आयोजन किया था। पार्टी के दौरान उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हवा में फायरिंग की। इस दौरान निकली एक गोली वहाँ मौजूद एक महिला को जा लगी, जिससे उसकी तत्काल मृत्यु हो गई। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने विधायक सहित उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत का फैसला और आरोप
विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि भीड़भाड़ वाली पार्टी में गोली चलाना अत्यंत लापरवाहीपूर्ण कृत्य है और आरोपी को भली-भाँति ज्ञात था कि ऐसी परिस्थिति में फायरिंग से किसी की जान जा सकती है। अदालत ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (भाग-2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में इसी मामले में आरोप तय किए गए थे।
अन्य आरोपियों को बरी किया गया
विधायक की पत्नी रेनू सिंह तथा अन्य दो आरोपियों — राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह — को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन तीनों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे।
विधायक को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद राजू कुमार सिंह को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला इस लिहाज से भी अहम है क्योंकि यह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग का मामला है, जो सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है।
आगे क्या होगा
दोषसिद्धि के बाद अब सज़ा के निर्धारण की सुनवाई होगी। आईपीसी की धारा 304 (भाग-2) के तहत अधिकतम 10 वर्ष की सज़ा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। राजनीतिक हलकों में यह देखा जाएगा कि BJP इस मामले में क्या रुख अपनाती है।