दिल्ली हाईकोर्ट शशि थरूर के डीपफेक वीडियो हटाने का अंतरिम आदेश देगा, मेटा-एक्स को नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 8 मई 2026 को कांग्रेस सांसद शशि थरूर के 'व्यक्तित्व' और 'प्रचार' अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश जारी करने का संकेत दिया है। यह मामला उन कथित डीपफेक वीडियो और एआई-जनरेटेड सामग्री को हटाने से जुड़ा है, जिनमें थरूर को भ्रामक तरीके से पाकिस्तान की प्रशंसा करते हुए दिखाया गया है। न्यायालय ने प्रतिवादियों — जिनमें केंद्र सरकार, मेटा और एक्स (पूर्व में ट्विटर) शामिल हैं — को चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
जस्टिस मिनी पुष्करणा की एकल-न्यायाधीश पीठ ने थरूर की याचिका पर समन जारी किया। आदेश लिखवाते समय न्यायमूर्ति पुष्करणा ने स्पष्ट किया कि निषेधाज्ञा आवेदन में की गई 'प्रार्थनाओं 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी'' के अनुरूप अंतरिम निर्देश जारी किए जाएंगे। थरूर ने न्यायालय का दरवाजा इसलिए खटखटाया है ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, रूप, छवि और पहचान के कथित तौर पर बिना अनुमति के उपयोग के विरुद्ध कानूनी सुरक्षा मिल सके।
वरिष्ठ अधिवक्ता की दलीलें
थरूर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने दलील दी कि कई डीपफेक वीडियो में कांग्रेस नेता के नाम से झूठे तौर पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील बयान जोड़े गए हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। सिब्बल ने कहा,