खारी बावली में नकली मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़: ₹800 किलो मिलावटी माल जब्त, एक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 23 मई 2026 को पुरानी दिल्ली के खारी बावली इलाके में नया बांस, मकान नंबर 98 पर छापा मारकर एक अवैध मसाला निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 801.88 किलोग्राम मिलावटी मसाले जब्त किए गए और 31 वर्षीय कमलजीत, निवासी गुरु नानक देव कॉलोनी, मुकुंदपुर, को गिरफ्तार किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को 23 मई को खारी बावली में नकली मसाले बनाने की गुप्त सूचना मिली। इस पर एसीपी पंकज अरोड़ा के निर्देशन और इंस्पेक्टर अमित सोलंकी की देखरेख में क्राइम ब्रांच की टीम ने तत्काल छापेमारी की। मौके पर एक पूरी तरह सक्रिय अवैध मसाला पीसने और तैयार करने की यूनिट मिली, जिसमें मशीनें, कच्चा माल और तैयार मिलावटी उत्पाद बड़ी मात्रा में पाए गए।
मिलावट का तरीका
पूछताछ में आरोपी कमलजीत ने स्वीकार किया कि वह घटिया गुणवत्ता के पदार्थों में कृत्रिम रंग, चावल के टुकड़े, मिर्च के डंठल और अन्य मिलावटी सामग्री मिलाकर हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, पीली मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, अमचूर पाउडर और गरम मसाला तैयार करता था। इन्हें असली मसालों के रूप में दिल्ली-एनसीआर के बाज़ारों में सप्लाई किया जाता था।
जब्त सामग्री और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मौके से मसाला पीसने की मशीनें, नकली मसाले बनाने का कच्चा माल और कुल 801.88 किलोग्राम मिलावटी मसाले जब्त किए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी छापेमारी के दौरान मौके पर पहुँचे और मसालों के नमूने लेकर जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई।
क्राइम ब्रांच में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत ने आरोपी की दो दिन की पुलिस रिमांड भी मंज़ूर की है।
आम जनता पर असर
खारी बावली दिल्ली का सबसे बड़ा मसाला थोक बाज़ार है, जहाँ से पूरे एनसीआर में आपूर्ति होती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खाद्य मिलावट के मामलों को लेकर उपभोक्ता संगठन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। कृत्रिम रंगों और निम्न गुणवत्ता के पदार्थों से तैयार मसाले दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं, आलोचकों का कहना है।
क्या होगा आगे
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और खरीदारों की पहचान में जुटी है। लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई कर सकता है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यह नेटवर्क अकेले कमलजीत तक सीमित नहीं हो सकता।