लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े वकील दीपक खत्री की पुलिस हिरासत 2 दिन और बढ़ी, UAPA में है मामला
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम के सदस्य और वकील दीपक खत्री की पुलिस हिरासत 2 दिन और बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से 5 दिन की अतिरिक्त हिरासत की माँग की थी, लेकिन अदालत ने केवल दो दिन के पुलिस रिमांड को ही मंजूरी दी। खत्री पर गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
मामले का पृष्ठभूमि
इससे पहले कोर्ट ने 29 अगस्त को दीपक खत्री की पुलिस हिरासत 5 दिन के लिए बढ़ाई थी। खत्री को उस UAPA मामले में गिरफ्तार किया गया था जिसमें अवैध हथियारों की आपूर्ति और रंगदारी से जुड़े आरोपियों की जाँच चल रही है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, खत्री बिश्नोई गैंग और कानूनी व्यवस्था के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था।
पुलिस का खुलासा
डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि 45 वर्षीय दीपक खत्री, जिसे उर्फ 'मामा' के नाम से जाना जाता है, पिछले एक दशक से बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है। हाल ही में हथियारों की तस्करी के एक मामले में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और वकालत
जाँच से जुड़े एक अन्य अधिकारी के अनुसार, दीपक खत्री ने करीब दो साल पहले मेरठ के वेंकटवेश्वर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उसने दिल्ली बार काउंसिल की सदस्यता ली और दिल्ली की निचली अदालतों में वकालत शुरू की।
कथित भूमिका और आरोप
अधिकारियों के अनुसार, खत्री कथित तौर पर मुवक्किलों की व्यवस्था करता था, आपसी समझौतों में हिस्सेदार होता था, और दिल्ली की निचली अदालतों में सक्रिय वकीलों के लिए संपर्क सूत्र का काम करता था। जाँचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसने अपनी वकालत की आड़ में गैंग के लिए संदेश और संसाधन पहुँचाने का काम किया। आगामी सुनवाई में अदालत तय करेगी कि जाँच की दिशा कहाँ जाती है।