डेनमार्क के राजदूत ने ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों से आर्थिक अवसरों की नई संभावनाओं की बात की

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डेनमार्क के राजदूत ने ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों से आर्थिक अवसरों की नई संभावनाओं की बात की

सारांश

भारत और नॉर्डिक देशों के राजदूतों ने ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों के माध्यम से बढ़ते आर्थिक अवसरों पर चर्चा की। जानिए इस मुलाकात के मुख्य बिंदु।

मुख्य बातें

ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों से आर्थिक अवसरों में वृद्धि।
नॉर्डिक देशों के साथ सहयोग की संभावनाएं।
विदेश मंत्री जयशंकर का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रियता।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी का महत्व।
आर्मेनिया के साथ सहयोग से सुरक्षित निकासी।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने दिल्ली में अन्य नॉर्डिक देशों के राजदूतों के साथ विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज से संवाद किया।

क्रिस्टेंसन ने बताया कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं

उन्होंने कहा कि ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए मुक्त व्यापार समझौतों के परिणामस्वरूप आर्थिक सहयोग के अवसर और भी बढ़ गए हैं।

क्रिस्टेंसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर एक पोस्ट में कहा, "नॉर्डिक देशों और भारत के पास एक-दूसरे के लिए बहुत कुछ है, और ईयू-भारत तथा भारत-ईएफटीए मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से यह अवसर और भी विस्तृत हो गए हैं। चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से मिल रही है। आज दिल्ली में अन्य नॉर्डिक राजदूतों के साथ सेक्रेटरी वेस्ट सिबी जॉर्ज से मिलकर बहुत खुशी हुई।"

इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के अनुसार, दो दिवसीय दौरे पर बेल्जियम पहुंचने वाले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी मुलाकात की।

मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "सोमवार दोपहर को यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर बहुत खुशी हुई। इस जनवरी में भारत की उनकी सफल राजकीय यात्रा हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई है। हम इस पर सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं। समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों की हम सराहना करते हैं।"

इसके साथ ही, विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी के लिए आर्मेनिया की सरकार का आभार व्यक्त किया।

मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार विदेशी सरकारों के साथ संपर्क बनाए हुए है।

आर्मेनिया में कुछ भारतीय नागरिक फंसे हुए थे, जिन्हें आज सुरक्षित निकाला गया। इसके लिए मंत्री जयशंकर ने आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान का धन्यवाद किया।

मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग के लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां की जनता का धन्यवाद। इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके सहयोग की सराहना करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक सहयोग का एक उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं। ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों की प्रगति दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई संभावनाएँ खुल रही हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों के क्या लाभ हैं?
ये समझौते व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने और आर्थिक अवसरों को विस्तारित करने में मदद करेंगे।
डेनमार्क के राजदूत ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने दिल्ली में विदेश मंत्रालय में सचिव सिबी जॉर्ज से मुलाकात की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की।
भारत सरकार किस प्रकार भारतीय नागरिकों की सहायता कर रही है?
भारत सरकार विदेशी सरकारों के साथ संपर्क बनाए हुए है ताकि संकट में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके।
आर्मेनिया की सरकार का धन्यवाद क्यों किया गया?
भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग के लिए आर्मेनिया की सरकार का धन्यवाद किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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