सनातन बोर्ड के लिए देवकीनंदन ठाकुर का वृंदावन में हस्ताक्षर अभियान, पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने 1 अगस्त 2026 को वृंदावन, मथुरा में सनातन बोर्ड के गठन की माँग को लेकर एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य सरकार पर जनदबाव बनाकर एक स्वतंत्र सनातन बोर्ड की स्थापना सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर संसद में प्रदर्शन करने पर भी अपनी तीखी राय रखी।
हस्ताक्षर अभियान का उद्देश्य
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, 'मेरा मानना है कि लोग अब जागरूक हो रहे हैं और सनातन बोर्ड बनाने की माँग कर रहे हैं। उनका मानना है कि सरकारों को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं, मैं खुद भी एक अभियान चला रहा हूँ, और दूसरे लोग भी अपने-अपने तरीके से ऐसे अभियान आयोजित कर रहे हैं।' यह अभियान ऐसे समय में आया है जब सनातन बोर्ड की माँग देशभर में विभिन्न धार्मिक संगठनों की ओर से लगातार उठाई जा रही है।
पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर तीखी प्रतिक्रिया
राम मंदिर दान में कथित चोरी के मुद्दे पर पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर संसद में विरोध प्रदर्शन करने पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, 'मुझे एक वीडियो दिखाया गया जिसमें विपक्ष ने कथित दान चोरी को लेकर एक तरह का ड्रामा किया। ऐसे आरोपों से मुझे भी दुख होता है, शायद उनसे भी ज़्यादा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवा वस्त्र धारण करने वालों को संयम और समझदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से भी अपील करते हुए कहा, 'अगर आप कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं, तो उसे इस तरह उठाएँ जिससे सनातन या उसे मानने वालों की भावनाओं को ठेस न पहुँचे।'
कांवड़ यात्रियों की सेवा पर ठाकुर का पक्ष
पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ यात्रियों के पैर दबाने के दावों पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि उन्होंने स्वयं ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा है। उन्होंने कहा, 'काम करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को टैक्स देने वालों का पैसा वेतन के तौर पर मिलता है, और पैदल चलने वाले कई तीर्थयात्री भी टैक्स देने वाले ही होते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि अधिकारी बेहतर सड़कें, पेयजल या अन्य सुविधाएँ प्रदान करते हैं, तो यह सनातन परंपरा के अनुरूप सेवाभाव ही है।
सनातन बोर्ड की माँग: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सनातन बोर्ड की माँग पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न धार्मिक नेताओं और संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है। इस बोर्ड की परिकल्पना हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में एक स्वायत्त निकाय के रूप में की जाती है। देवकीनंदन ठाकुर का यह अभियान उस व्यापक माँग को जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास है।
आगे की राह
देवकीनंदन ठाकुर के इस हस्ताक्षर अभियान के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस माँग पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती है। धार्मिक नेताओं का यह दबाव राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन सकता है, विशेषकर जब संसद में इससे जुड़े मुद्दे पहले से ही गूँज रहे हों।