1 अगस्त 2026
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सनातन बोर्ड के लिए देवकीनंदन ठाकुर का वृंदावन में हस्ताक्षर अभियान, पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर भी बोले

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सनातन बोर्ड के लिए देवकीनंदन ठाकुर का वृंदावन में हस्ताक्षर अभियान, पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर भी बोले

सारांश

देवकीनंदन ठाकुर ने वृंदावन में सनातन बोर्ड की माँग को जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश की है। हस्ताक्षर अभियान के साथ-साथ उन्होंने पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर सवाल उठाकर यह संदेश दिया कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग सनातन भावनाओं को आहत करता है।

मुख्य बातें

देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने 1 अगस्त 2026 को वृंदावन, मथुरा में सनातन बोर्ड के गठन की माँग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया।
ठाकुर ने कहा कि लोग अब जागरूक हो रहे हैं और सरकार को सनातन बोर्ड बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर संसद में प्रदर्शन पर ठाकुर ने कहा कि भगवा धारण करने वालों को संयम बरतना चाहिए।
कांवड़ यात्रियों के पैर दबाने के दावों को ठाकुर ने 'लोगों के दावे' बताया और कहा कि उन्होंने ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा।
ठाकुर ने विपक्ष से अपील की कि मुद्दे उठाते समय सनातन भावनाओं को ठेस न पहुँचाएँ।

आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने 1 अगस्त 2026 को वृंदावन, मथुरा में सनातन बोर्ड के गठन की माँग को लेकर एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य सरकार पर जनदबाव बनाकर एक स्वतंत्र सनातन बोर्ड की स्थापना सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर संसद में प्रदर्शन करने पर भी अपनी तीखी राय रखी।

हस्ताक्षर अभियान का उद्देश्य

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, 'मेरा मानना है कि लोग अब जागरूक हो रहे हैं और सनातन बोर्ड बनाने की माँग कर रहे हैं। उनका मानना है कि सरकारों को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं, मैं खुद भी एक अभियान चला रहा हूँ, और दूसरे लोग भी अपने-अपने तरीके से ऐसे अभियान आयोजित कर रहे हैं।' यह अभियान ऐसे समय में आया है जब सनातन बोर्ड की माँग देशभर में विभिन्न धार्मिक संगठनों की ओर से लगातार उठाई जा रही है।

पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर तीखी प्रतिक्रिया

राम मंदिर दान में कथित चोरी के मुद्दे पर पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर संसद में विरोध प्रदर्शन करने पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, 'मुझे एक वीडियो दिखाया गया जिसमें विपक्ष ने कथित दान चोरी को लेकर एक तरह का ड्रामा किया। ऐसे आरोपों से मुझे भी दुख होता है, शायद उनसे भी ज़्यादा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवा वस्त्र धारण करने वालों को संयम और समझदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से भी अपील करते हुए कहा, 'अगर आप कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं, तो उसे इस तरह उठाएँ जिससे सनातन या उसे मानने वालों की भावनाओं को ठेस न पहुँचे।'

कांवड़ यात्रियों की सेवा पर ठाकुर का पक्ष

पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ यात्रियों के पैर दबाने के दावों पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि उन्होंने स्वयं ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा है। उन्होंने कहा, 'काम करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को टैक्स देने वालों का पैसा वेतन के तौर पर मिलता है, और पैदल चलने वाले कई तीर्थयात्री भी टैक्स देने वाले ही होते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि अधिकारी बेहतर सड़कें, पेयजल या अन्य सुविधाएँ प्रदान करते हैं, तो यह सनातन परंपरा के अनुरूप सेवाभाव ही है।

सनातन बोर्ड की माँग: पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सनातन बोर्ड की माँग पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न धार्मिक नेताओं और संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है। इस बोर्ड की परिकल्पना हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में एक स्वायत्त निकाय के रूप में की जाती है। देवकीनंदन ठाकुर का यह अभियान उस व्यापक माँग को जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास है।

आगे की राह

देवकीनंदन ठाकुर के इस हस्ताक्षर अभियान के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस माँग पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती है। धार्मिक नेताओं का यह दबाव राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन सकता है, विशेषकर जब संसद में इससे जुड़े मुद्दे पहले से ही गूँज रहे हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन देवकीनंदन ठाकुर का हस्ताक्षर अभियान इसे संगठित जन-दबाव में बदलने की कोशिश है — जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर आई है जब संसद में धार्मिक मुद्दे गूँज रहे हैं। पप्पू यादव प्रकरण पर उनकी प्रतिक्रिया यह रेखांकित करती है कि धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग को लेकर आध्यात्मिक नेताओं में गहरी बेचैनी है। हालाँकि, सनातन बोर्ड के ढाँचे, अधिकार-क्षेत्र और वित्तपोषण पर कोई ठोस प्रस्ताव अभी सामने नहीं आया है — बिना इसके यह माँग प्रतीकात्मक ही बनी रहेगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सनातन बोर्ड क्या है और देवकीनंदन ठाकुर इसकी माँग क्यों कर रहे हैं?
सनातन बोर्ड एक प्रस्तावित स्वायत्त निकाय है जो हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन की देखरेख करे। देवकीनंदन ठाकुर का मानना है कि जनजागरूकता बढ़ी है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, इसीलिए उन्होंने वृंदावन में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।
पप्पू यादव के भगवा पहनावे पर देवकीनंदन ठाकुर ने क्या कहा?
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि भगवा वस्त्र धारण करने वालों को समझदारी और संयम बरतना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि मुद्दे उठाते समय सनातन परंपराओं और उनके अनुयायियों की भावनाओं का ध्यान रखा जाए।
कांवड़ यात्रियों के पैर दबाने के विवाद पर ठाकुर का क्या कहना है?
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई वीडियो नहीं देखा और इसे 'लोगों के दावे' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अधिकारी तीर्थयात्रियों को सुविधाएँ देते हैं तो यह सनातन सेवाभाव के अनुरूप है।
यह हस्ताक्षर अभियान किसलिए चलाया जा रहा है?
यह अभियान केंद्र सरकार पर जनदबाव बनाने के लिए चलाया जा रहा है ताकि सनातन बोर्ड का गठन हो सके। देवकीनंदन ठाकुर स्वयं इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं और अन्य लोग भी अपने-अपने स्तर पर ऐसे अभियान चला रहे हैं।
सनातन बोर्ड की माँग का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह माँग ऐसे समय में उठी है जब संसद में धार्मिक मुद्दे — जैसे राम मंदिर दान विवाद — पहले से ही चर्चा में हैं। धार्मिक नेताओं का यह जन-अभियान सरकार और विपक्ष दोनों के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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