27 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी का जश्न वायरल, अमित मालवीय ने आंदोलन की मंशा पर उठाए सवाल

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी का जश्न वायरल, अमित मालवीय ने आंदोलन की मंशा पर उठाए सवाल

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी सदस्यों के जश्न का वीडियो वायरल हुआ। BJP के अमित मालवीय ने एक्स पर सवाल उठाया — जो आंदोलन छात्रों की आत्महत्या की पीड़ा पर खड़ा था, वह जीत पर नाचते-गाते कैसे समाप्त हो सकता है? जंतर-मंतर पर आए ईमानदार छात्रों के साथ क्या हुआ?

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद सीजेपी सदस्यों के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
BJP आईटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने 27 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर आंदोलन की नैतिक नींव पर सवाल उठाए।
मालवीय ने विजेता दहिया के मंच पर डांस और अभिजीत दिपके के समूह — सौरव , रांका व अन्य — के जश्न के वीडियो का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर पहुँचे हज़ारों छात्रों को यह पूछने का अधिकार है कि कहीं उनकी भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तो नहीं हुआ।
आंदोलन समर्थकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों और आंदोलन से जुड़े कुछ व्यक्तियों के जश्न मनाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गए हैं। इन वीडियो को साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने 27 जुलाई को आंदोलन की नैतिक नींव और उसकी मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मालवीय ने एक्स पर क्या लिखा

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को परिश्रम के बाद जश्न मनाने का अधिकार है, किंतु इसके लिए समय और स्थान का विवेक भी ज़रूरी होता है। उन्होंने लिखा कि जब किसी आंदोलन को छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया जाता है और उसकी नैतिक नींव छात्रों की आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं पर आधारित बताई जाती है, तब उसके तुरंत बाद नाच-गाने और उत्सव के दृश्य 'कई लोगों को बेहद असंवेदनशील लग सकते हैं।'

मालवीय ने यह भी कहा कि यह स्थिति ऐसी प्रतीत होती है 'मानो किसी के निधन पर शोक जताने का दावा करते हुए उसी समय जश्न मनाया जा रहा हो।'

किन लोगों के वीडियो आए सामने

BJP नेता ने अपनी पोस्ट में बताया कि इससे पहले मंच पर विजेता दहिया के डांस का वीडियो वायरल हुआ था। अब अभिजीत दिपके के समूह से जुड़े लोगों — जिनमें सौरव, रांका और अन्य शामिल बताए जा रहे हैं — के जश्न मनाने के वीडियो सामने आने से नए विवाद खड़े हो गए हैं। मालवीय के अनुसार, ये वीडियो आंदोलन के घोषित उद्देश्यों और उसके वास्तविक चरित्र के बीच के अंतर को उजागर करते हैं।

आम छात्रों पर क्या असर

मालवीय ने पूछा कि इन तस्वीरों और वीडियो से उन हज़ारों युवाओं को क्या संदेश जाएगा, जो जंतर-मंतर पर यह सोचकर पहुँचे थे कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहे एक गंभीर आंदोलन का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, अब कई छात्रों को यह महसूस हो सकता है कि उन्हें गुमराह किया गया। उन्होंने कहा कि जो छात्र ईमानदारी से इस आंदोलन में शामिल हुए, उन्हें यह पूछने का पूरा अधिकार है कि कहीं उनकी भावनाओं का उपयोग किसी राजनीतिक अभियान के लिए तो नहीं किया गया।

BJP का व्यापक आरोप

मालवीय ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा कि देश के युवाओं को 'दिखावे की नहीं, बल्कि ईमानदारी और गंभीरता की आवश्यकता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बनी हुई है और विपक्षी खेमे में इसे अपनी जीत के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि BJP इन वीडियो के ज़रिये आंदोलन की विश्वसनीयता को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है, जबकि आंदोलन समर्थकों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी कथा को जनता के सामने रखने की कोशिश में लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो भी उनका समय और संदर्भ आंदोलन की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता दिखता है। दूसरी ओर, BJP का यह कदम भी उतना ही सुविधाजनक है — इस्तीफे की राजनीतिक ज़िम्मेदारी से ध्यान हटाकर आंदोलनकारियों के चरित्र पर बहस केंद्रित करना। असली सवाल यह है कि जिन छात्रों ने ईमानदारी से इस लड़ाई में हिस्सा लिया, उनकी माँगें अब कहाँ हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कौन-सा वीडियो वायरल हुआ?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी सदस्यों और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों के जश्न मनाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें विजेता दहिया के मंच पर डांस और अभिजीत दिपके के समूह से जुड़े सौरव, रांका व अन्य के उत्सव के दृश्य शामिल बताए जा रहे हैं।
अमित मालवीय ने सीजेपी पर क्या सवाल उठाए?
BJP आईटी सेल प्रभारी अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जो आंदोलन छात्रों की आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं पर अपनी नैतिक नींव बताता है, उसके नेताओं का तुरंत बाद नाच-गाना 'बेहद असंवेदनशील' है। उन्होंने यह भी पूछा कि कहीं जंतर-मंतर पर पहुँचे ईमानदार छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तो नहीं हुआ।
सीजेपी (CJP) क्या है और इस आंदोलन से इसका क्या संबंध है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक संगठन है जिसके सदस्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार की माँग को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़े बताए जाते हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसी संगठन से जुड़े लोगों के जश्न के वीडियो वायरल होने पर विवाद खड़ा हुआ है।
इस विवाद का जंतर-मंतर पर आए छात्रों पर क्या असर पड़ सकता है?
मालवीय के अनुसार, जो छात्र शिक्षा सुधार के लिए गंभीर आंदोलन समझकर जंतर-मंतर पहुँचे थे, उन्हें इन वीडियो से यह महसूस हो सकता है कि उनकी भावनाओं का इस्तेमाल किसी राजनीतिक अभियान के लिए किया गया। आंदोलन समर्थकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या आंदोलन के नेताओं ने मालवीय के आरोपों का जवाब दिया है?
रिपोर्टों के अनुसार, 27 जुलाई तक आंदोलन से जुड़े नेताओं या सीजेपी की ओर से अमित मालवीय के सवालों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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