धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई: उत्तराखंड मंत्री भरत चौधरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने 20 जुलाई 2026 को देहरादून में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के मामलों, जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन, संसद के मानसून सत्र और उत्तराखंड में बिजली संकट सहित कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य और केंद्र सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है, जबकि उनके अनुसार विपक्ष के पास जनता से जुड़े ठोस मुद्दों का सर्वथा अभाव है।
धार्मिक भावनाओं पर कड़ा रुख
मंत्री भरत चौधरी ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे किसी भी मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके शब्दों में, सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुँचाना 'केवल अपराध ही नहीं, बल्कि एक जघन्य पाप भी है।' उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे लोगों के विरुद्ध कानून के तहत अधिकतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को कठोर सजा दिलाने का हर संभव प्रयास होगा।
जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन और वहाँ लगाए गए नारों पर चौधरी ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहाँ सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस स्वतंत्रता का अर्थ देश-विरोधी या गैर-जिम्मेदाराना नारेबाजी करना नहीं है। उनके अनुसार, 'कुछ सौ लोगों की भीड़ इकट्ठा कर इस प्रकार की नारेबाजी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं' और लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की एक संवैधानिक व नैतिक सीमा होती है।
मानसून सत्र और महिला आरक्षण विधेयक
संसद के मानसून सत्र को लेकर मंत्री चौधरी ने कहा कि यह सत्र कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के लिहाज से अहम साबित होगा। सरकार इस सत्र में छह से सात महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सरकार व्यापक सहमति बनाने की दिशा में सकारात्मक माहौल तैयार करने में जुटी है।
उत्तराखंड में बिजली संकट और मानसून तैयारी
राज्य में बढ़ती बिजली खपत पर चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड में तेज़ औद्योगिक विकास के कारण बिजली की माँग बढ़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, जिस पर सकारात्मक आश्वासन मिला है। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि एसडीआरएफ, नागरिक प्रशासन, पुलिस और संबंधित एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि न्यूनतम समय में राहत कार्य शुरू हो सके।
विपक्ष पर तीखा हमला
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भरत चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं और वह दशकों से तुष्टिकरण की राजनीति पर निर्भर है। उनके अनुसार, जनता पहले भी इस रणनीति को नकार चुकी है और भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में है।