दिलीप घोष का बागी TMC सांसदों पर तीखा वार: 'नया दल बनाने से लोग बातें नहीं भूलेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने सोमवार, 15 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात और 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में विलय की चर्चाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नया दल बनाने भर से जनता उन नेताओं की करतूतें नहीं भूल सकती।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात पर क्या बोले घोष
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए दिलीप घोष ने कहा, 'कोई भी सांसद स्पीकर से मिलकर अपनी बात रख सकता है। मुझे बातचीत के खास मकसद या डिटेल के बारे में पता नहीं है, लेकिन यह सच है कि बहुत कुछ चल रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि जब लिखित में जानकारी दी जाएगी और उसकी जाँच होगी, तब लोकसभा अध्यक्ष कोई फैसला लेंगे। घोष ने यह भी जोड़ा कि यदि बागी सांसदों को अलग पार्टी के तौर पर मान्यता मिलती है, तो उन्हें सदन में अलग बैठने का अधिकार होगा।
TMC के भविष्य पर सीधा हमला
NCPI में विलय की चर्चाओं पर घोष ने कहा, 'हम लोग पहले से बोल रहे हैं कि TMC सत्ता से बाहर होते ही खत्म हो जाएगी।' उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर के लोग भी यह जानते थे कि सत्ता रहने तक साथ रहेंगे, बाद में अपना-अपना रास्ता देखेंगे। दिलीप घोष के अनुसार आज पार्षद से लेकर विधायक और सांसद — सभी TMC से अलग होना चाहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
भ्रष्टाचार और प्रशासन पर निशाना
घोष ने पश्चिम बंगाल में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर की नाराजगी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'सिर्फ ममता बनर्जी की बात नहीं है — हमने सभी लोगों का व्यवहार देखा है।' उन्होंने दोहराया कि 'नया दल बनाने से लोग उनकी बातों को नहीं भूल सकते।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे नेताओं पर सीधा प्रहार है जो TMC छोड़कर नई राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में हैं।
अंडे से हमले और विदेश में बैठे सांसद
TMC नेताओं पर बंगाल में अंडों से हमलों का जिक्र करते हुए घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'कुछ सांसद विदेश में भी बैठे हैं, मगर वे जानते हैं कि उनके लिए भी अंडा खरीदकर रखा गया है।' उन्होंने कहा कि विदेश से संदेश आ रहे हैं कि हमले पर केस किया जाएगा — लेकिन इन नेताओं में डर है और यह डर 'अच्छा' है।
अभिषेक बनर्जी और जाँच एजेंसियाँ
TMC नेता अभिषेक बनर्जी को CID के समन पर घोष ने कहा कि उन्हें बार-बार जाना पड़ा है और वे पहले भी जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी नोटिस भेज रही है। आलोचकों का कहना है कि जाँच एजेंसियों की यह सक्रियता बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए राजनीतिक दबाव का नया मोर्चा खोल रही है।