30 जुलाई 2026
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टीएमसी के 20 बागी सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में होंगे विलय, काकोली घोष का बड़ा दावा

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टीएमसी के 20 बागी सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में होंगे विलय, काकोली घोष का बड़ा दावा

सारांश

तृणमूल कांग्रेस में बड़ी दरार की आहट — 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग बैठने की माँग की और 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में विलय का ऐलान किया। सुदीप बंदोपाध्याय ने जुलाई में 'तृणमूल कांग्रेस' नाम पर कानूनी दावे का संकेत दिया।

मुख्य बातें

TMC की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि 20 सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' में विलय करेंगे।
बागी सांसदों ने 14 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
बागी खेमे का दावा है कि उनके पास TMC सांसदों का दो-तिहाई से अधिक समर्थन है, जो दल-बदल विरोधी कानून के तहत विलय को वैध बनाता है।
सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि जुलाई में 'तृणमूल कांग्रेस' नाम की माँग कोर्ट के ज़रिए की जाएगी।
बागी सांसदों ने NDA के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई है; किसी भी पक्ष से आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार, 14 जून को नई दिल्ली में दावा किया कि पार्टी के करीब 20 सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' में विलय करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात कर अलग बैठने की व्यवस्था और टीएमसी नेतृत्व के विरुद्ध शिकायतों का ज्ञापन सौंपा। हालांकि, इस दावे पर किसी आधिकारिक राजनीतिक दल की ओर से तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

बागी सांसदों के समूह ने 14 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पर जाकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सदन में अलग बैठने की माँग की गई। काकोली घोष दस्तीदार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इन सांसदों के पास TMC के कुल सांसदों में से दो-तिहाई से अधिक का समर्थन है, जो संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वैधानिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

बागी खेमे के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने स्पष्ट किया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सभी 20 हस्ताक्षरों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि समूह पहले 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' — जो एक क्षेत्रीय दल है — में विलय करेगा, और बाद में उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत 'तृणमूल कांग्रेस' नाम की माँग करेगा।

सुदीप बंदोपाध्याय का बयान

बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेंगे। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है। नियम यही है — जब आप पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं माँग सकते।' उन्होंने आगे कहा कि जुलाई में वे 'तृणमूल कांग्रेस' नाम की माँग करेंगे, और यह मामला अंततः न्यायालय में तय होगा।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही उथल-पुथल का माहौल है और TMC के भीतर असंतोष की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

एनडीए के साथ काम करने की इच्छा

काकोली घोष दस्तीदार ने यह भी कहा कि बागी सांसद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। यदि यह बदलाव वास्तव में होता है, तो यह लोकसभा में शक्ति-संतुलन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, NDA की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।

यह ऐसे समय में हो रहा है जब दल-बदल विरोधी कानून के तहत दो-तिहाई बहुमत की शर्त पूरी होने पर ही किसी सांसद का विलय वैध माना जाता है। बागी खेमे का दावा है कि उनके पास यह संख्या है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

आगे क्या होगा

कथित तौर पर जुलाई में बागी सांसद 'तृणमूल कांग्रेस' नाम और चुनाव चिह्न पर दावे के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय और चुनाव आयोग (ECI) के हाथों में होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में दूरगामी परिणाम ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर 'तृणमूल कांग्रेस' नाम पर कोर्ट के ज़रिए दावा। यह वही रास्ता है जो अतीत में कई दल-बदलों में अपनाया गया है। असली सवाल यह है कि क्या इन सांसदों के पास वास्तव में दो-तिहाई बहुमत है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि यह दावा सच निकला, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह भूचाल ममता बनर्जी की पार्टी की संसदीय ताकत को गहरी चोट पहुँचा सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काकोली घोष दस्तीदार ने क्या दावा किया है?
TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने 14 जून को दावा किया कि पार्टी के करीब 20 बागी सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' में विलय करेंगे और NDA के साथ काम करने के इच्छुक हैं। इस दावे पर अभी तक किसी आधिकारिक दल की पुष्टि नहीं आई है।
बागी TMC सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से क्यों मुलाकात की?
बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में अलग बैठने की व्यवस्था और TMC नेतृत्व के विरुद्ध शिकायतों का ज्ञापन सौंपने के लिए मुलाकात की। सुदीप बंदोपाध्याय के अनुसार, अध्यक्ष ने सभी 20 हस्ताक्षरों की पुष्टि की।
'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में विलय क्यों, सीधे TMC नाम क्यों नहीं?
दल-बदल विरोधी कानून के तहत किसी सांसद को पहले एक मौजूदा दल में विलय करना होता है। सुदीप बंदोपाध्याय ने स्पष्ट किया कि पहले दिन से ही 'तृणमूल कांग्रेस' नाम की माँग नहीं की जा सकती, इसलिए वे पहले क्षेत्रीय दल में विलय करेंगे और जुलाई में कोर्ट के ज़रिए TMC नाम पर दावा करेंगे।
इस राजनीतिक बदलाव का क्या असर पड़ सकता है?
यदि बागी खेमे का दो-तिहाई बहुमत का दावा सही साबित होता है, तो लोकसभा में TMC की संसदीय ताकत कमज़ोर पड़ सकती है और NDA को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। अंतिम निर्णय चुनाव आयोग और न्यायालय के हाथों में होगा।
क्या TMC नेतृत्व ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
रिपोर्टों के अनुसार, बागी सांसदों के दावों पर TMC नेतृत्व या किसी अन्य आधिकारिक राजनीतिक दल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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