दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई को टाला, अगली सुनवाई 28 मार्च को
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई टाली।
- अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।
- पीड़िता ने पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग की।
- मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा बढ़ाने की अपील की गई।
- निचली अदालत ने सेंगर को 10 वर्ष की सजा सुनाई थी।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई को टाल दिया है, जिसमें उसने अपने पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषियों की सजा को बढ़ाने की मांग की है। इस याचिका में मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य आरोपियों की सजा बढ़ाने की अपील की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने की अनुमति दी।
कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया जाता है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को तय की है। उन्नाव रेप पीड़िता ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने पिता की कथित हिरासत में मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ सजा बढ़ाने की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के परिवार ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता ने अपने पिता की कथित पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा बढ़ाने की मांग की है। निचली अदालत ने पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सेंगर को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई थी और उस पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था।
निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के मामले में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। हालाँकि, पीड़िता का पक्ष है कि यह सजा अपराध की गंभीरता के अनुरूप नहीं है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए।