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दिशा सालियान केस: गिरीश महाजन बोले — सीबीआई जांच निष्पक्ष हो, निर्दोष को नहीं फंसाएंगे

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दिशा सालियान केस: गिरीश महाजन बोले — सीबीआई जांच निष्पक्ष हो, निर्दोष को नहीं फंसाएंगे

सारांश

दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है — बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI ने FIR दर्ज की है। मंत्री गिरीश महाजन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जबकि पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस थमाया।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने 19 सितंबर 2026 को कहा कि दिशा सालियान केस में किसी निर्दोष को जानबूझकर नहीं फंसाया जाएगा।
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने CBI के समक्ष अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस दिया।
वकील निलेश ओझा ने दावा किया कि उन्हें वकालत न करने देने की धमकी दी गई थी, इसी के जवाब में मातोश्री जाकर नोटिस सौंपा गया।

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने 19 सितंबर 2026 को नाशिक में दिशा सालियान की मौत के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का कोई इरादा किसी निर्दोष व्यक्ति को जानबूझकर इस मामले में फंसाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपनी जांच पूरी करने देनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

जांच की स्थिति और सीबीआई की भूमिका

मंत्री महाजन ने बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मौजूदा दस्तावेज़, फॉरेंसिक सामग्री, पूर्व की जांच रिपोर्टें और संबंधित व्यक्तियों के बयानों की बारीकी से समीक्षा के बाद ही इस मामले में वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। महाजन ने आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताने की अपील की।

पिता सतीश सालियान का पक्ष

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने इस मामले में अनेक तथ्य और जानकारियाँ सार्वजनिक रूप से सामने रखी हैं। महाजन के अनुसार, सतीश सालियान ने CBI के समक्ष अपना पक्ष और संबंधित साक्ष्य पेश किए हैं। इन सभी तथ्यों की जाँच जांच एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।

आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस

इस घटनाक्रम के बीच, सतीश सालियान शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस देने उनके आवास 'मातोश्री' पहुँचे। हालाँकि, उन्हें और उनके वकील को परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद नोटिस मुख्य गेट पर ही सौंप दिया गया।

गौरतलब है कि सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें पहले यह धमकी दी गई थी कि उन्हें वकालत नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी के जवाब में वे मातोश्री पहुँचे और वहीं जाकर नोटिस सौंपा।

सरकार का रुख

मंत्री महाजन ने दोहराया कि सरकार की भूमिका केवल निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और कानून के अनुसार कार्रवाई तक सीमित रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पूरी तरह जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आना चाहिए — किसी राजनीतिक दबाव में नहीं। यह मामला अब CBI की निगरानी में है और आने वाले समय में इसमें नए घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न किसी पर आरोप, केवल 'प्रक्रिया पर भरोसा रखें' की अपील। लेकिन असली सवाल यह है कि बॉम्बे हाई कोर्ट को CBI जांच का निर्देश क्यों देना पड़ा — यानी पहले की जांच में क्या कमियाँ रहीं, यह अभी भी अनुत्तरित है। ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस और वकील को मिली कथित धमकी इस मामले को कानूनी से राजनीतिक अखाड़े में धकेल रही है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि CBI की FIR के बाद अब जांच की समयसीमा और पारदर्शिता को लेकर कोई ठोस जवाबदेही तंत्र स्थापित हुआ है या नहीं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिशा सालियान केस में CBI जांच क्यों शुरू हुई?
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। पूर्व की जांच में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने के बाद अदालत ने यह कदम उठाया।
मंत्री गिरीश महाजन ने दिशा सालियान केस पर क्या कहा?
मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति को जानबूझकर इस मामले में नहीं फंसाया जाएगा और CBI को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से जांच करने देनी चाहिए। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का नोटिस क्यों दिया?
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को मानहानि के आरोप में ₹500 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजा। यह नोटिस मातोश्री पर मुख्य गेट पर सौंपा गया क्योंकि उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
वकील निलेश ओझा ने क्या दावा किया?
वकील निलेश ओझा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें पहले धमकी दी गई थी कि उन्हें वकालत नहीं करने दी जाएगी। इसी के जवाब में वे मातोश्री पहुँचे और वहीं जाकर कानूनी नोटिस सौंपा।
दिशा सालियान केस में आगे क्या होगा?
CBI अब उपलब्ध दस्तावेज़, फॉरेंसिक साक्ष्य, पूर्व की जांच रिपोर्टें और संबंधित व्यक्तियों के बयानों की समीक्षा करेगी। मंत्री महाजन के अनुसार अंतिम निष्कर्ष इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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