22 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश विधानसभा में दिव्यांग बच्चों का भ्रमण, अध्यक्ष तोमर की पहल पर मिला लोकतंत्र का सीधा अनुभव

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मध्य प्रदेश विधानसभा में दिव्यांग बच्चों का भ्रमण, अध्यक्ष तोमर की पहल पर मिला लोकतंत्र का सीधा अनुभव

सारांश

भोपाल के 24 दिव्यांग बच्चों ने पहली बार विधानसभा की कार्यवाही प्रत्यक्ष देखी — यह सिर्फ एक भ्रमण नहीं था, बल्कि लोकतंत्र से उन बच्चों को जोड़ने की कोशिश थी जिन्हें अब तक यह अनुभव केवल टीवी स्क्रीन तक सीमित था।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की पहल पर 22 जुलाई को 24 दिव्यांग बच्चों ने विधानसभा परिसर का भ्रमण किया।
समर्थनम ट्रस्ट एवं शासकीय दृष्टि एवं वाक बाधित स्कूल के बच्चों ने निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर बहस को दर्शक दीर्घा में देखा।
बच्चों की सुविधा के लिए दर्शक दीर्घा में इन्टरप्रिटर की विशेष व्यवस्था की गई थी।
आयुक्त दिव्यांगजन डॉ.
अजय खेमरिया के आग्रह पर यह भ्रमण कार्यक्रम संभव हुआ।
दृष्टि बाधित बालिकाओं ने अध्यक्ष के स्वागत में गीत गाया; अध्यक्ष ने बच्चों से संसदीय व्यवस्था पर सीधा संवाद किया।

मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की विशेष पहल पर भोपाल के दो संस्थानों के 24 दिव्यांग बच्चों ने 22 जुलाई को विधानसभा परिसर का भ्रमण किया और सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा में बैठकर प्रत्यक्ष रूप से देखा। आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया के आग्रह पर अध्यक्ष तोमर ने दिव्यांग बच्चों के लिए विधानसभा के द्वार खोलने के निर्देश दिए थे।

मुख्य घटनाक्रम

समर्थनम ट्रस्ट एवं शासकीय दृष्टि एवं वाक बाधित स्कूल के बच्चों ने विधानसभा में निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर हो रही बहस को दर्शक दीर्घा में बैठकर देखा। बच्चों की सुविधा के लिए दर्शक दीर्घा में इन्टरप्रिटर की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, ताकि श्रवण बाधित बच्चे भी कार्यवाही को पूरी तरह समझ सकें।

अध्यक्ष तोमर से संवाद

परिसर भ्रमण के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बच्चों के साथ कांफ्रेंस हाल में सीधा संवाद किया और उनसे संसदीय व्यवस्था को लेकर सवाल पूछे। बच्चों ने बताया कि वे अब तक टीवी पर संसद की कार्यवाही देखते थे और आज प्रत्यक्ष रूप से यहाँ आकर यह अनुभव उनके लिए 'अद्भुत और प्रेरक' रहा। इस अवसर पर दृष्टि बाधित बालिकाओं ने अध्यक्ष के स्वागत में गीत का गायन भी किया।

दिव्यांगजन कल्याण की जानकारी

इस दौरान डॉ. अजय खेमरिया ने आयुक्त कार्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति विधानसभा अध्यक्ष को भेंट की। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजन कल्याण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में चल रहे नवाचारों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

अध्यक्ष का संदेश

विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण कार्यक्रमों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना, उन्हें शासन व्यवस्था से जोड़ना तथा आत्मविश्वास का विकास करना है। उन्होंने कहा कि इससे ये बच्चे भविष्य में समाज की मुख्यधारा में सक्रिय एवं सशक्त भूमिका निभा सकेंगे।

आगे क्या

यह पहल मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन समावेश की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है। ऐसे भ्रमण कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाने की संभावना है, जो दिव्यांग बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से सीधे जोड़ने का अवसर देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसी पहलें नीतिगत निरंतरता में बदलती हैं या केवल एकबारगी आयोजन बनकर रह जाती हैं। मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए शिक्षा और रोज़गार के ढाँचागत अंतर अभी भी बड़े हैं। लोकतांत्रिक जागरूकता की यह शुरुआत तभी सार्थक होगी जब विधानसभा में दिव्यांगजन से जुड़े विधेयकों पर भी उतनी ही सक्रियता दिखे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश विधानसभा में दिव्यांग बच्चों का भ्रमण कब और किसकी पहल पर हुआ?
यह भ्रमण 22 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की पहल पर हुआ। आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया के आग्रह पर अध्यक्ष तोमर ने दिव्यांग बच्चों के लिए विधानसभा के दरवाज़े खोलने के निर्देश दिए थे।
इस भ्रमण में कौन-से संस्थानों के बच्चे शामिल थे?
समर्थनम ट्रस्ट एवं शासकीय दृष्टि एवं वाक बाधित स्कूल, भोपाल के कुल 24 दिव्यांग बच्चों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
बच्चों ने विधानसभा में क्या देखा और उनके लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई थी?
बच्चों ने दर्शक दीर्घा में बैठकर निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर हो रही बहस देखी। श्रवण बाधित बच्चों के लिए दर्शक दीर्घा में इन्टरप्रिटर की विशेष व्यवस्था की गई थी।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने इस पहल का उद्देश्य क्या बताया?
अध्यक्ष तोमर ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना, उन्हें शासन व्यवस्था से जोड़ना और आत्मविश्वास का विकास करना है।
इस अवसर पर आयुक्त दिव्यांगजन ने विधानसभा अध्यक्ष को क्या भेंट किया?
डॉ. अजय खेमरिया ने आयुक्त कार्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति विधानसभा अध्यक्ष को भेंट की और प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजन कल्याण एवं सशक्तिकरण में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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