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ईडी की बड़ी कार्रवाई: मेगा मिलेनियम के परिसरों पर छापे, दुबई-सिंगापुर से अवैध विदेशी मुद्रा का आरोप

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: मेगा मिलेनियम के परिसरों पर छापे, दुबई-सिंगापुर से अवैध विदेशी मुद्रा का आरोप

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने एक साथ दो बड़े मोर्चों पर कार्रवाई की — मेगा मिलेनियम के परिसरों पर दुबई-सिंगापुर से अवैध विदेशी मुद्रा के आरोप में, और महाराष्ट्र में आईवीएफ केंद्रों पर मानव अंडाणु रैकेट की जांच में। करोड़ों की बरामदगी ने दोनों मामलों की गंभीरता उजागर की है।

मुख्य बातें

ईडी ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मुंबई , नई दिल्ली और महाराष्ट्र के कर्जत फार्महाउस सहित आधा दर्जन परिसरों पर पीएमएलए, 2002 के तहत तलाशी ली।
कंपनी के निदेशक हरीश देधिया और उनकी पत्नी धारा देधिया पर दुबई व सिंगापुर स्थित संदिग्ध कंपनियों से अवैध विदेशी मुद्रा लेने का आरोप।
जांच में सामने आया कि कंपनियों के गठन के एक वर्ष के भीतर फर्जी संस्थाओं के ज़रिये सैकड़ों करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।
अलग मामले में ठाणे , बारामती और नासिक के 10 परिसरों पर छापे; ₹29 लाख और डिजिटल साक्ष्य जब्त।
आईवीएफ रैकेट मामले में मंजूषा वानखेड़े और 16 अन्य आरोपी; बीएनएस 2023 , एआरटी अधिनियम 2021 तथा औषधि अधिनियम 1940 के तहत आरोप।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दुबई और सिंगापुर स्थित संदिग्ध कंपनियों से कथित तौर पर अवैध विदेशी मुद्रा प्राप्त करने के मामले में मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालयों व आवासीय संपत्तियों सहित आधा दर्जन परिसरों तथा महाराष्ट्र में एक फार्महाउस पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई। तलाशी के दौरान करोड़ों रुपए की विदेशी मुद्रा, भारतीय मुद्रा और कीमती सामान बरामद होने की जानकारी दी गई है।

तलाशी अभियान का केंद्र बिंदु

ईडी के बयान के अनुसार इस अभियान का मुख्य केंद्र मुंबई स्थित सलाहकार और कंपनी के निदेशक हरीश देधिया रहे। जांच में सामने आया कि देधिया ने अपने ही कर्मचारियों अथवा फर्जी व्यक्तियों को निदेशक नियुक्त कर कई कंपनियाँ बनाईं। ईडी के अनुसार इन कंपनियों के गठन के एक वर्ष के भीतर ही इन्हें सैकड़ों करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जिन्हें अनेक फर्जी संस्थाओं के माध्यम से स्थानांतरित किया गया।

एजेंसी ने बताया कि हरीश देधिया और उनकी पत्नी धारा देधिया सहित कंपनी के निदेशकों ने दुबई और सिंगापुर स्थित संदिग्ध कंपनियों से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा हासिल की थी। तलाशी के दौरान मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी जब्त किए गए। महाराष्ट्र के कर्जत में स्थित फार्महाउस पर भी तलाशी ली गई।

अंडाणु रैकेट मामले में अलग कार्रवाई

इसी दिन एक अलग मामले में ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय-II ने 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के ठाणे, बारामती और नासिक में अस्पतालों तथा आईवीएफ केंद्रों सहित 10 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान डिजिटल साक्ष्य के साथ-साथ ₹29 लाख की नकदी जब्त की गई।

यह जांच महाराष्ट्र के ठाणे स्थित बदलापुर (पूर्व) पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज एफआईआर और बाद में दाखिल आरोप-पत्र पर आधारित है। आरोप-पत्र में मंजूषा वानखेड़े और 16 अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी के साथ-साथ सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।

संगठित नेटवर्क का खुलासा

जांच में पता चला है कि यह मामला एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं को मानव अंडाणु दान के लिए भर्ती करता था। ये महिलाएँ दाता-आपूर्ति एजेंटों के जरिये विभिन्न आईवीएफ केंद्रों और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) बैंकों को अंडाणु उपलब्ध कराती थीं। गौरतलब है कि यह नेटवर्क अलग-अलग स्वामित्व वाली कंपनियों की आड़ में संचालित था, जिससे इसका पर्दाफाश जटिल हो गया था।

आगे की जांच और संभावित कदम

दोनों मामलों में पीएमएलए के तहत जब्त डिजिटल उपकरणों और दस्तावेज़ों की फोरेंसिक जांच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी ने हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और अवैध एआरटी रैकेट के खिलाफ अपनी जांच तेज़ की है। जांचकर्ताओं के अनुसार बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह आर्थिक कमज़ोरी का शोषण कर महिलाओं के शरीर को व्यावसायिक संसाधन में बदलने की कोशिश दर्शाता है। मुख्यधारा की कवरेज दोनों मामलों को अलग-अलग देख रही है, जबकि दोनों में संगठित नेटवर्क और फर्जी संस्थाओं का समान ढाँचा दिखता है — जो जांच के एकीकृत दृष्टिकोण की जरूरत रेखांकित करता है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड पर ईडी की कार्रवाई क्यों हुई?
ईडी ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड पर दुबई और सिंगापुर स्थित संदिग्ध कंपनियों से अवैध विदेशी मुद्रा प्राप्त करने के आरोप में पीएमएलए, 2002 के तहत कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि कंपनी के निदेशकों ने फर्जी संस्थाओं के ज़रिये सैकड़ों करोड़ रुपए का हस्तांतरण किया।
ईडी की तलाशी में क्या बरामद हुआ?
तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों के अनुसार करोड़ों रुपए की विदेशी मुद्रा, भारतीय मुद्रा और कीमती सामान बरामद हुआ। इसके अलावा डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी जब्त किए गए।
हरीश देधिया कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
हरीश देधिया मुंबई स्थित एक सलाहकार और मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। ईडी के अनुसार उन्होंने अपने कर्मचारियों व फर्जी व्यक्तियों को निदेशक बनाकर कंपनियाँ खड़ी कीं और दुबई-सिंगापुर से अवैध विदेशी मुद्रा प्राप्त की।
महाराष्ट्र में आईवीएफ केंद्रों पर छापे का मामला क्या है?
ईडी ने 16 अक्टूबर 2026 को ठाणे, बारामती और नासिक में 10 परिसरों पर तलाशी ली, जो मानव अंडाणु रैकेट की जांच का हिस्सा थी। यह रैकेट आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं को अंडाणु दान के लिए भर्ती कर विभिन्न आईवीएफ केंद्रों को आपूर्ति करता था। इस दौरान ₹29 लाख और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।
आईवीएफ रैकेट मामले में कौन-से कानूनों के तहत आरोप हैं?
मंजूषा वानखेड़े और 16 अन्य आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी, सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के उल्लंघन के आरोप हैं। ईडी ने बदलापुर (पूर्व) पुलिस स्टेशन की एफआईआर और आरोप-पत्र के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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