24 जुलाई 2026
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ईडी की नार्को-टेरर फंडिंग पर बड़ी कार्रवाई: पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर छापे, ₹49.9 लाख के खाते फ्रीज

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ईडी की नार्को-टेरर फंडिंग पर बड़ी कार्रवाई: पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर छापे, ₹49.9 लाख के खाते फ्रीज

सारांश

ईडी ने 24 जुलाई को पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर छापे मारकर एक बहुस्तरीय नार्को-टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो पाकिस्तान से हेरोइन मँगाकर आतंकी गतिविधियों को फंड करता था। 60 किलो से अधिक हेरोइन और ₹49.9 लाख के फ्रीज़ खाते इस नेटवर्क की गहराई बताते हैं।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 जुलाई को पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर पीएमएलए, 2002 के तहत छापेमारी की।
नेटवर्क के प्रमुख हैंडलर सतनाम सिंह , मनजीत सिंह उर्फ मान (पंजाब) और सफीर अहमद , कफील अहमद (कुपवाड़ा, एलओसी के निकट) बताए गए हैं।
सितंबर 2023 में बनिहाल में 31 किलोग्राम हेरोइन के 30 पैकेट बरामद; कुल नेटवर्क से 60 किलोग्राम से अधिक हेरोइन का खुलासा।
हेरोइन की खेप कथित तौर पर हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलरों के ज़रिए भेजी जाती थी।
छापेमारी में अहम दस्तावेज़ और बैंक रिकॉर्ड ज़ब्त; ₹49.9 लाख के बैंक खाते फ्रीज़।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 जुलाई को नार्को-टेरर फंडिंग के विरुद्ध ठोस कदम उठाते हुए पंजाब और जम्मू-कश्मीर (नियंत्रण रेखा के निकट) में 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत की गई और जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा पंजाब पुलिस द्वारा पूर्व में दर्ज मामलों की जाँच से जुड़ी है।

बहुस्तरीय नेटवर्क का खुलासा

ईडी की जाँच में एक संगठित और बहुस्तरीय नार्को-टेरर फंडिंग नेटवर्क सामने आया है, जो पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सक्रिय था। जाँच के अनुसार, इस नेटवर्क को पंजाब के सतनाम सिंह और मनजीत सिंह उर्फ मान जैसे हैंडलर संचालित कर रहे थे। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के निकट रहने वाले सफीर अहमद और कफील अहमद भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए गए हैं।

ईडी के अनुसार, पाकिस्तान से हेरोइन की खेप ऐसे हैंडलरों के ज़रिए भारत भेजी जाती थी, जिनका संबंध कथित तौर पर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से है। ये हैंडलर कश्मीर में मौजूद आरोपियों के संपर्क में रहते थे और अमरोही सीमा/एलओसी से सटे क्षेत्रों के रास्ते हेरोइन की तस्करी करते थे।

मुख्य घटनाक्रम: 31 किलो हेरोइन की बरामदगी

जाँच में सामने आया कि एक मामले में 35 पैकेट हेरोइन भारत लाई गई थी। इनमें से 5 पैकेट स्थानीय स्तर पर वितरित किए गए, जबकि शेष 30 पैकेट ट्रक के टायर में छिपाकर श्रीनगर भेजे गए। इसके बाद यह खेप पंजाब के कैरियर सरबजीत सिंह और हनी बसरा को सौंपी गई। सितंबर 2023 में बनिहाल में इन दोनों को रोककर तलाशी ली गई, जहाँ से करीब 31 किलोग्राम वज़न के 30 पैकेट हेरोइन बरामद हुए।

गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी। जाँच में ऐसे कई अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ, जिनमें श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर से पंजाब तक 60 किलोग्राम से अधिक हेरोइन इसी संगठित नेटवर्क के ज़रिए पहुँचाई गई। इस काम के लिए अलग-अलग कैरियर और ट्रांसपोर्टरों की मदद ली जाती थी।

फर्जी दस्तावेज़ और नकद लेनदेन का जाल

ईडी ने पाया कि पंजाब का नेटवर्क फर्जी दस्तावेज़, नकली वाहन कागज़ात, वाहनों में बनाई गई गुप्त जगहों, कई वाहनों और नकद लेनदेन का उपयोग कर हेरोइन की ढुलाई और वितरण करता था। जाँच के दौरान मनजीत सिंह उर्फ मान और सरबजीत सिंह के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा होने के साक्ष्य भी मिले हैं।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ पाकिस्तान से संचालित नार्को-टेरर नेटवर्क पर नज़र कस रही हैं, जो ड्रग मनी को आतंकी वित्तपोषण के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

छापेमारी में क्या मिला

छापेमारी के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, बैंक रिकॉर्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री ज़ब्त की। इसके अतिरिक्त, करीब ₹49.9 लाख की राशि वाले कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। ईडी के अनुसार, हेरोइन की बिक्री से होने वाली कमाई का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने में किया जाता था।

आगे की जाँच

फिलहाल मामले की जाँच जारी है। इस कार्रवाई से नार्को-टेरर नेटवर्क की कड़ियाँ और उजागर होने की संभावना है, जो सीमा पार से संचालित होकर भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने नार्को-टेरर फंडिंग पर यह छापेमारी क्यों की?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मामलों की जाँच के सिलसिले में की। जाँच में सामने आया कि पाकिस्तान से हेरोइन मँगाकर उसकी बिक्री की कमाई आतंकी गतिविधियों को वित्तपोषित करने में इस्तेमाल हो रही थी।
इस नार्को-टेरर नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं?
जाँच के अनुसार पंजाब के सतनाम सिंह और मनजीत सिंह उर्फ मान हैंडलर के रूप में काम करते थे, जबकि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एलओसी के निकट रहने वाले सफीर अहमद और कफील अहमद भी नेटवर्क का हिस्सा थे। हेरोइन पहुँचाने के लिए सरबजीत सिंह और हनी बसरा जैसे कैरियर का उपयोग किया जाता था।
छापेमारी में क्या बरामद हुआ और कितने खाते फ्रीज़ हुए?
ईडी ने छापेमारी में महत्वपूर्ण दस्तावेज़, बैंक रिकॉर्ड और आपत्तिजनक सामग्री ज़ब्त की। इसके अलावा करीब ₹49.9 लाख की राशि वाले कई बैंक खाते फ्रीज़ कर दिए गए हैं।
हेरोइन की तस्करी किस तरह होती थी?
ईडी के अनुसार, हेरोइन को ट्रक के टायरों में छिपाकर, फर्जी दस्तावेज़ों और गुप्त वाहन-कक्षों के ज़रिए एलओसी पार से श्रीनगर और फिर पंजाब तक पहुँचाया जाता था। सितंबर 2023 में बनिहाल में 31 किलोग्राम हेरोइन के 30 पैकेट बरामद हुए थे।
हिजबुल मुजाहिदीन का इस मामले से क्या संबंध बताया गया है?
ईडी के अनुसार, पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों का संबंध कथित तौर पर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से है। ये हैंडलर कश्मीर में आरोपियों के संपर्क में रहते थे और हेरोइन की खेप भारत भेजते थे। जाँच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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