17 जुलाई 2026
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बिटकॉइन घोटाला: ईडी ने कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को दूसरा समन जारी किया, मनी लॉन्ड्रिंग जाँच तेज़

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बिटकॉइन घोटाला: ईडी ने कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को दूसरा समन जारी किया, मनी लॉन्ड्रिंग जाँच तेज़

सारांश

ईडी ने कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को बिटकॉइन घोटाले में दूसरी बार तलब किया है। पहले समन को नज़रअंदाज़ करने के बाद अब एजेंसी की जाँच सीधे उनके और कथित सरगना 'श्रीकी' के बीच के संबंधों पर केंद्रित है — और विधायक एन.ए. हारिस की मंत्रिमंडल दावेदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 1 जून 2026 को युवा कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को कर्नाटक बिटकॉइन घोटाले में दूसरा समन जारी किया।
नलपाद ने पहले समन पर राजनीतिक व्यस्तताओं का हवाला देकर उपस्थिति से परहेज किया था।
कथित सरगना श्रीकृष्णा रमेश उर्फ 'श्रीकी' ईडी की हिरासत में हैं; उनसे पूछताछ में नलपाद से कथित संबंधों की जानकारी मिली है।
ईडी ने नलपाद, रहीम खान और अन्य के ठिकानों पर लगातार तीन दिन छापेमारी कर डिजिटल साक्ष्य जब्त किए।
हारिस कर्नाटक मंत्रिमंडल में पद के दावेदार माने जाते हैं; यह घटनाक्रम उनकी संभावनाओं पर असर डाल सकता है।
ठोस वित्तीय साक्ष्य मिलने पर ईडी हिरासत में पूछताछ सहित आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 जून 2026 को कर्नाटक के शांतिनगर विधायक एन.ए. हारिस के पुत्र एवं युवा कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को करोड़ों रुपये के कर्नाटक बिटकॉइन घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरी बार पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। पहले समन पर नलपाद ने राजनीतिक व्यस्तताओं का हवाला देकर उपस्थिति से परहेज किया था, जिसके बाद एजेंसी ने यह दूसरा नोटिस जारी किया।

मामले की पृष्ठभूमि

कर्नाटक बिटकॉइन घोटाला 2021 में सामने आया था। इसके केंद्र में हैकर और कथित साइबर अपराधी श्रीकृष्णा रमेश उर्फ 'श्रीकी' हैं, जिन पर प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों के परिजनों का संरक्षण प्राप्त करने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने श्रीकी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है, जिसमें नलपाद से उनके कथित संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

नलपाद पर क्या आरोप हैं

जाँचकर्ताओं को संदेह है कि मोहम्मद नलपाद कथित तौर पर श्रीकी के साथ नियमित संपर्क में रहते थे और उनके लिए आलीशान होटलों में आवास की व्यवस्था कर उनकी गतिविधियों में सहायता करते थे। ये आरोप ईडी की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के दायरे में हैं और अभी तक न्यायालय में साबित नहीं हुए हैं।

छापेमारी और जब्त साक्ष्य

इससे पहले ईडी के अधिकारियों ने नलपाद, वरिष्ठ नेता रहीम खान और अन्य संबंधित व्यक्तियों के आवासों एवं कार्यालयों पर लगातार तीन दिनों तक तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान कथित तौर पर डिजिटल साक्ष्य और मामले से जुड़े कई दस्तावेज़ जब्त किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी ने श्रीकी को हिरासत में लेकर जाँच का दायरा व्यापक किया है।

राजनीतिक असर

गौरतलब है कि विधायक एन.ए. हारिस कर्नाटक मंत्रिमंडल में पद के दावेदारों में से एक माने जाते हैं। उनके पुत्र पर ईडी की यह कार्रवाई उनकी राजनीतिक संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए भी असहज स्थिति पैदा करता है, विशेषकर तब जब पार्टी कर्नाटक में सत्ता में है।

आगे क्या हो सकता है

सूत्रों का कहना है कि यदि जाँचकर्ता नलपाद और श्रीकी के बीच वित्तीय लेनदेन के ठोस साक्ष्य जुटाने में सफल होते हैं, तो एजेंसी हिरासत में पूछताछ सहित आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकती है। मामले की अगली दिशा काफी हद तक 1 जून की पूछताछ में नलपाद की उपस्थिति और उनके बयान पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि पहले समन को 'राजनीतिक व्यस्तता' बताकर टालना एजेंसी के लिए कानूनी रूप से और अधिक आक्रामक कदम उठाने का आधार बनाता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद नलपाद को ईडी ने क्यों समन जारी किया है?
ईडी ने नलपाद को कर्नाटक बिटकॉइन घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि नलपाद कथित सरगना श्रीकृष्णा रमेश 'श्रीकी' के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों में सहायता करते थे।
कर्नाटक बिटकॉइन घोटाला क्या है?
यह 2021 में सामने आया एक हाई-प्रोफाइल क्रिप्टोकरेंसी मामला है, जिसके केंद्र में हैकर और कथित साइबर अपराधी श्रीकृष्णा रमेश उर्फ 'श्रीकी' हैं। उन पर बड़े पैमाने पर बिटकॉइन की हेराफेरी और प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों का संरक्षण लेने के आरोप हैं।
नलपाद ने पहले समन पर उपस्थित क्यों नहीं हुए?
नलपाद ने राजनीतिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देकर ईडी के पहले समन पर उपस्थित होने से इनकार किया था। इसके बाद ईडी ने 1 जून 2026 को दूसरा समन जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।
इस मामले में एन.ए. हारिस की क्या भूमिका है?
विधायक एन.ए. हारिस मोहम्मद नलपाद के पिता हैं और शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हैं। वे कर्नाटक मंत्रिमंडल में पद के दावेदार माने जाते हैं, और उनके पुत्र पर यह जाँच उनकी राजनीतिक संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
ईडी आगे क्या कदम उठा सकती है?
सूत्रों के अनुसार, यदि ईडी नलपाद और श्रीकी के बीच वित्तीय लेनदेन के ठोस साक्ष्य जुटाने में सफल होती है, तो एजेंसी हिरासत में पूछताछ सहित आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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