बिटकॉइन घोटाला: ईडी ने कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को दूसरा समन जारी किया, मनी लॉन्ड्रिंग जाँच तेज़
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 जून 2026 को कर्नाटक के शांतिनगर विधायक एन.ए. हारिस के पुत्र एवं युवा कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाद को करोड़ों रुपये के कर्नाटक बिटकॉइन घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरी बार पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। पहले समन पर नलपाद ने राजनीतिक व्यस्तताओं का हवाला देकर उपस्थिति से परहेज किया था, जिसके बाद एजेंसी ने यह दूसरा नोटिस जारी किया।
मामले की पृष्ठभूमि
कर्नाटक बिटकॉइन घोटाला 2021 में सामने आया था। इसके केंद्र में हैकर और कथित साइबर अपराधी श्रीकृष्णा रमेश उर्फ 'श्रीकी' हैं, जिन पर प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों के परिजनों का संरक्षण प्राप्त करने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने श्रीकी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है, जिसमें नलपाद से उनके कथित संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
नलपाद पर क्या आरोप हैं
जाँचकर्ताओं को संदेह है कि मोहम्मद नलपाद कथित तौर पर श्रीकी के साथ नियमित संपर्क में रहते थे और उनके लिए आलीशान होटलों में आवास की व्यवस्था कर उनकी गतिविधियों में सहायता करते थे। ये आरोप ईडी की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के दायरे में हैं और अभी तक न्यायालय में साबित नहीं हुए हैं।
छापेमारी और जब्त साक्ष्य
इससे पहले ईडी के अधिकारियों ने नलपाद, वरिष्ठ नेता रहीम खान और अन्य संबंधित व्यक्तियों के आवासों एवं कार्यालयों पर लगातार तीन दिनों तक तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान कथित तौर पर डिजिटल साक्ष्य और मामले से जुड़े कई दस्तावेज़ जब्त किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी ने श्रीकी को हिरासत में लेकर जाँच का दायरा व्यापक किया है।
राजनीतिक असर
गौरतलब है कि विधायक एन.ए. हारिस कर्नाटक मंत्रिमंडल में पद के दावेदारों में से एक माने जाते हैं। उनके पुत्र पर ईडी की यह कार्रवाई उनकी राजनीतिक संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए भी असहज स्थिति पैदा करता है, विशेषकर तब जब पार्टी कर्नाटक में सत्ता में है।
आगे क्या हो सकता है
सूत्रों का कहना है कि यदि जाँचकर्ता नलपाद और श्रीकी के बीच वित्तीय लेनदेन के ठोस साक्ष्य जुटाने में सफल होते हैं, तो एजेंसी हिरासत में पूछताछ सहित आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकती है। मामले की अगली दिशा काफी हद तक 1 जून की पूछताछ में नलपाद की उपस्थिति और उनके बयान पर निर्भर करेगी।