4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जयपुर में ईपीएफओ अधिकारी ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जयपुर में ईपीएफओ अधिकारी ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

सारांश

जयपुर में एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी ने पीएफ अंशदान मामले में एफआईआर से बचाने और बैंक खाते फ्रीज न करने के बदले ₹2 लाख की माँग की थी।

मुख्य बातें

एसीबी ने 4 नवंबर 2026 को जयपुर में ईपीएफओ प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को ₹1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
आरोपी ने पीएफ अंशदान न जमा होने के मामले में एफआईआर से बचाने और बैंक खाते फ्रीज न करने के बदले कथित तौर पर ₹2 लाख की माँग की थी।
कार्रवाई एसीबी डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन और एएसपी मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज; एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस.
परिमला के निर्देशन में पूछताछ जारी।
एसीबी अन्य संभावित आरोपियों की भी जाँच कर रही है; नागरिक शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1064 उपलब्ध।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जयपुर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को कथित तौर पर ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की जयपुर सिटी-4 इकाई ने ट्रैप ऑपरेशन के तहत यह कार्रवाई अंजाम दी।

मामले की पृष्ठभूमि

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को सूचित किया था कि आरोपी अधिकारी ने उसकी कंपनी के कर्मचारियों का भविष्य निधि (पीएफ) अंशदान जमा न होने के मामले में एफआईआर दर्ज करने से बचाने के बदले ₹2 लाख की माँग की थी। आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता की कंपनी के बैंक खाते फ्रीज करने की धमकी भी दी थी।

शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने आरोप का सत्यापन किया, जिसमें पुष्टि हुई कि अधिकारी ₹1 लाख की रिश्वत लेने पर सहमत हुआ था।

ट्रैप कार्रवाई और गिरफ्तारी

बुधवार को आरोपी सोनू मौर्य ने शिकायतकर्ता की कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की उपस्थिति में ₹1 लाख की रिश्वत राशि स्वीकार कर ली। इसके तत्काल बाद एसीबी की टीम ने मौके पर पहुँचकर रकम बरामद की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

यह पूरी कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन और जयपुर सिटी-4 इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुई।

जाँच की दिशा और कानूनी कार्रवाई

एसीबी ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एसीबी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है।

ब्यूरो इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जाँच कर रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मामला महज एक अधिकारी तक सीमित नहीं हो सकता।

आम नागरिकों के लिए एसीबी की अपील

ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज होने की जानकारी मिलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत एसीबी से संपर्क कर अपना पक्ष रख सकता है। एसीबी तथ्यों और स्पष्टीकरण की जाँच के बाद ही आगे की कार्रवाई करती है।

ब्यूरो ने नागरिकों से 24 घंटे की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। यह मामला राजस्थान में सरकारी तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की एसीबी की जारी कोशिशों का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस ढाँचागत कमज़ोरी की भी कहानी है जिसमें प्रवर्तन अधिकार रखने वाले अधिकारी जाँच की आड़ में छोटे कारोबारियों पर दबाव बना सकते हैं। एसीबी की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ईपीएफओ के भीतर आंतरिक सतर्कता तंत्र इतना कमज़ोर था कि शिकायतकर्ता को बाहरी ब्यूरो का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। जब तक संस्थागत जवाबदेही नहीं सुधरती, ऐसे ट्रैप ऑपरेशन लक्षणों का उपचार करते रहेंगे, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में ईपीएफओ अधिकारी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ईपीएफओ प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को एसीबी ने ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने एक कंपनी के खिलाफ पीएफ अंशदान मामले में एफआईआर दर्ज करने से बचाने और बैंक खाते फ्रीज न करने के बदले ₹2 लाख की माँग की थी।
एसीबी ने यह ट्रैप कार्रवाई कैसे की?
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोप का सत्यापन किया और फिर ट्रैप ऑपरेशन के तहत आरोपी को शिकायतकर्ता की कंपनी के सीए की उपस्थिति में ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई एसीबी की जयपुर सिटी-4 इकाई ने डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में की।
गिरफ्तार अधिकारी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हो रही है?
एसीबी ने सोनू मौर्य के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के निर्देशन में पूछताछ जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भी जाँच की जा रही है।
राजस्थान में भ्रष्टाचार की शिकायत कहाँ दर्ज कराएँ?
एसीबी ने नागरिकों से 24 घंटे उपलब्ध टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
क्या इस मामले में और लोग शामिल हो सकते हैं?
एसीबी ने पुष्टि की है कि वह मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की जाँच कर रही है। अभी तक केवल सोनू मौर्य को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले