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डीवीएसी के सामने 15 जुलाई को पेश होंगे तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु, ₹3.23 करोड़ टेंडर घोटाले में होगी पूछताछ

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डीवीएसी के सामने 15 जुलाई को पेश होंगे तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु, ₹3.23 करोड़ टेंडर घोटाले में होगी पूछताछ

सारांश

तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु सिंगापुर से लौटने के बाद सीधे विवाद के केंद्र में आ गए। हाईवे टेंडर में ₹3.23 करोड़ की कथित गड़बड़ी और 20 ठिकानों पर छापेमारी के बाद अब 15 जुलाई को उनकी डीवीएसी के सामने पेशी तय है — जांच से बचने के आरोपों को उन्होंने मेडिकल रिकॉर्ड के साथ नकारा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ई.वी.
वेलु 15 जुलाई को डीवीएसी के समक्ष पेश होंगे।
हाईवे विभाग के टेंडर में कथित ₹3.23 करोड़ की अनियमितता के मामले में पूछताछ होगी।
25 जून को 20 ठिकानों पर छापेमारी में ₹40 लाख नकद और दस्तावेज़ जब्त किए गए।
वेलु ने सिंगापुर यात्रा को माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में पूर्व-निर्धारित मेडिकल जाँच बताया।
मामला 'अराप्पोर इयक्कम' की शिकायत पर दर्ज; वेलु के अलावा नौ सरकारी अधिकारी और एक निजी ठेकेदार भी आरोपी।

तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु ने 12 जुलाई को स्पष्ट किया कि वे 15 जुलाई को डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (डीवीएसी) के समक्ष उपस्थित होंगे। उन पर हाईवे विभाग के टेंडर आवंटन में कथित तौर पर ₹3.23 करोड़ की अनियमितता का आरोप है। सिंगापुर से चेन्नई लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वेलु ने उन अटकलों को सिरे से खारिज किया कि उनकी विदेश यात्रा जांच से बचने की कोशिश थी।

मामले का पृष्ठभूमि

डीवीएसी ने नागरिक संगठन 'अराप्पोर इयक्कम' की शिकायत के आधार पर वेलु, नौ सरकारी अधिकारियों और एक निजी ठेकेदार के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हाईवे विभाग के ठेके देने में गड़बड़ी की गई, जिससे सरकारी खजाने को ₹3.23 करोड़ की क्षति हुई।

25 जून की छापेमारी और यात्रा का विवाद

25 जून को डीवीएसी अधिकारियों ने चेन्नई, तिरुवन्नामलाई, करूर, डिंडीगुल, कोयंबटूर और तिरुपुर में 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान सरकारी रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ और ₹40 लाख नकद जब्त किए गए। उसी दिन सुबह वेलु के आवास पर भी तलाशी ली गई, जिसके कारण उन्हें अपनी पूर्व-निर्धारित सिंगापुर यात्रा एक दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी और वे 26 जून को रवाना हुए।

वेलु का पक्ष — मेडिकल यात्रा का दावा

वेलु के अनुसार, सिंगापुर के माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में उनका नियमित इलाज 2016 से चल रहा है और वे 2023 में भी वहाँ चिकित्सा के लिए गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने 15 जून को वीज़ा के लिए आवेदन किया, 17 जून को वीज़ा मिला और 25 जून की यात्रा पहले से बुक थी। सिंगापुर प्रवास के दौरान उन्होंने कार्डियक, न्यूरोलॉजिकल, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और एलर्जी से संबंधित जाँचें करवाईं। वेलु ने कहा, "मेरे पास सभी मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की रिपोर्ट हैं। मैंने डर या जांच से बचने के लिए यात्रा नहीं की। मेरी यात्रा सिर्फ मेडिकल इलाज के लिए थी।"

डीवीएसी के समक्ष पेशी का आश्वासन

छापेमारी के बाद डीवीएसी ने वेलु को पूछताछ के लिए समन भेजा, जिस पर उनके वकीलों ने विदेश में इलाज का हवाला देते हुए 10 दिन का अतिरिक्त समय माँगा था। अब वेलु ने सार्वजनिक रूप से कहा, "मैं निश्चित रूप से 15 जुलाई को डीवीएसी के सामने पेश होऊंगा और जांच में पूरा सहयोग करूंगा। मामला कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है और मुझे यकीन है कि न्याय होगा।" गौरतलब है कि यह मामला तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल के एक वरिष्ठ नेता से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें 15 जुलाई की पेशी पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन छापेमारी के उसी दिन विदेश रवानगी की टाइमिंग ने जो सवाल खड़े किए, वे रिकॉर्ड पेश करने भर से नहीं मिटते। 15 जुलाई की पेशी यह तय करेगी कि यह मामला राजनीतिक दबाव में ठंडा पड़ता है या आगे बढ़ता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई.वी. वेलु के खिलाफ डीवीएसी का मामला क्या है?
डीवीएसी ने नागरिक संगठन 'अराप्पोर इयक्कम' की शिकायत पर वेलु, नौ सरकारी अधिकारियों और एक निजी ठेकेदार के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। आरोप है कि हाईवे विभाग के ठेके देने में अनियमितता हुई जिससे सरकारी खजाने को कथित तौर पर ₹3.23 करोड़ का नुकसान हुआ।
डीवीएसी ने छापेमारी में क्या जब्त किया?
25 जून को चेन्नई, तिरुवन्नामलाई, करूर, डिंडीगुल, कोयंबटूर और तिरुपुर में 20 ठिकानों पर छापेमारी में ₹40 लाख नकद, सरकारी रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ जब्त किए गए।
वेलु की सिंगापुर यात्रा विवादास्पद क्यों बनी?
छापेमारी उसी दिन हुई जब वेलु की सिंगापुर यात्रा तय थी, जिससे जाँच से बचने की अटकलें लगाई गईं। वेलु ने स्पष्ट किया कि यात्रा माउंट एलिज़ाबेथ अस्पताल में पूर्व-निर्धारित मेडिकल जाँच के लिए थी और उन्होंने डीवीएसी को पहले ही इसकी जानकारी दी थी।
ई.वी. वेलु डीवीएसी के सामने कब पेश होंगे?
वेलु ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि वे 15 जुलाई को डीवीएसी के सामने उपस्थित होंगे और जाँच में पूरा सहयोग करेंगे।
क्या वेलु ने आरोपों को स्वीकार किया है?
नहीं। वेलु ने सभी आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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