3 अगस्त 2026
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एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई: वेनोलेक्स फोर्टे पर तत्काल प्रतिबंध, मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस निलंबित

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एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई: वेनोलेक्स फोर्टे पर तत्काल प्रतिबंध, मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस निलंबित

सारांश

एफएसएसएआई ने एक साथ दो मोर्चों पर कार्रवाई की — मोहाली की नोबल हेल्थकेयर के वेनोलेक्स फोर्टे पर तत्काल प्रतिबंध और त्रिपुरा की मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस निलंबन। भ्रामक लेबलिंग और अनुमति-रहित औषधीय तत्वों का यह मामला हेल्थ सप्लीमेंट बाज़ार की नियामकीय खामियों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

एफएसएसएआई ने 3 अगस्त 2026 को वेनोलेक्स फोर्टे (निर्माता: नोबल हेल्थकेयर, मोहाली, पंजाब ) पर तत्काल प्रतिबंध लगाया।
उत्पाद में कैल्शियम डोबेसिलेट , डायोसमिन और यूफोर्बिया प्रोस्ट्राटा — खाद्य नियमों में अनुमति-रहित औषधीय तत्व — पाए गए।
विटामिन-सी की मात्रा 90 मिलीग्राम — आईसीएमआर-एनआईएन 2020 गाइडलाइन की आरडीए सीमा से अधिक।
उत्पाद की लेबलिंग भ्रामक पाई गई; एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर को गलत तरीके से विशेष मंजूरी के रूप में प्रदर्शित किया गया था।
त्रिपुरा की मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के कारण निलंबित किया गया।
कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36(3)(बी) के तहत की गई।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 3 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आधार पर दो कंपनियों के विरुद्ध कठोर नियामकीय कदम उठाए। त्रिपुरा स्थित मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि पंजाब के मोहाली में स्थित नोबल हेल्थकेयर के उत्पाद वेनोलेक्स फोर्टे के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा के लिए खाद्य क्षेत्र में प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा।

वेनोलेक्स फोर्टे पर प्रतिबंध का आधार

एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36(3)(बी) के तहत यह कार्रवाई की। जाँच में पाया गया कि वेनोलेक्स फोर्टे में कैल्शियम डोबेसिलेट, डायोसमिन और यूफोर्बिया प्रोस्ट्राटा जैसे औषधीय प्रभाव वाले तत्व शामिल हैं। ये तीनों सामग्रियाँ खाद्य सुरक्षा एवं मानक (हेल्थ सप्लीमेंट, न्यूट्रास्यूटिकल, विशेष आहार उपयोग, विशेष चिकित्सकीय उपयोग, फंक्शनल फूड और नॉवेल फूड) विनियम, 2022 के तहत अनुमत सामग्री की सूची में सम्मिलित नहीं हैं।

इसके अतिरिक्त, उत्पाद में विटामिन-सी की मात्रा 90 मिलीग्राम पाई गई, जो आईसीएमआर-एनआईएन (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन) की 2020 की गाइडलाइन में निर्धारित अनुशंसित दैनिक मात्रा (आरडीए) से अधिक प्रतीत होती है।

भ्रामक लेबलिंग और झूठी नियामकीय छवि

एफएसएसएआई ने पाया कि वेनोलेक्स फोर्टे को 'डायटरी फूड सप्लीमेंट' के रूप में प्रचारित किया जा रहा था और उत्पाद के नाम के ठीक नीचे एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। नियामक संस्था के अनुसार, इससे उपभोक्ताओं के बीच यह गलत धारणा बन सकती थी कि उत्पाद को खाद्य नियामक की विशेष स्वीकृति प्राप्त है।

उत्पाद की लेबलिंग और समग्र प्रस्तुति भी भ्रामक पाई गई, जिससे यह संदेश जा सकता था कि यह सभी एफएसएसएआई मानकों का पूर्णतः पालन करता है — जबकि शुरुआती जाँच में यह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया।

मातृ ड्रिंकिंग वाटर पर कार्रवाई

त्रिपुरा की मातृ ड्रिंकिंग वाटर के विरुद्ध भी गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के आधार पर लाइसेंस निलंबित किया गया है। एफएसएसएआई ने दोनों मामलों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि नियमों के उल्लंघन के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

उपभोक्ताओं पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की बिक्री तेज़ी से बढ़ रही है और उनकी नियामकीय निगरानी को लेकर विशेषज्ञ लगातार चिंता जताते रहे हैं। गौरतलब है कि एफएसएसएआई की यह कार्रवाई उन उत्पादों के विरुद्ध है जो दवा और खाद्य पूरक की सीमारेखा पर काम करते हैं, जिससे उपभोक्ता अक्सर भ्रमित होते हैं। नोबल हेल्थकेयर और मातृ ड्रिंकिंग वाटर दोनों के पास अब नियामक आदेशों का पालन करने और अपना पक्ष रखने का अवसर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उन्हें 'डायटरी सप्लीमेंट' की आड़ में बेचा जा रहा था। असली सवाल यह है कि ऐसे उत्पाद बाज़ार में इतने समय तक कैसे बने रहे — यह प्रवर्तन की सफलता से ज़्यादा निगरानी तंत्र की कमज़ोरी को दर्शाता है। जब तक एफएसएसएआई सक्रिय निगरानी की जगह प्रतिक्रियाशील कार्रवाई पर निर्भर रहेगा, उपभोक्ता जोखिम में रहेंगे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेनोलेक्स फोर्टे पर एफएसएसएआई ने प्रतिबंध क्यों लगाया?
एफएसएसएआई ने पाया कि वेनोलेक्स फोर्टे में कैल्शियम डोबेसिलेट, डायोसमिन और यूफोर्बिया प्रोस्ट्राटा जैसे तत्व हैं, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक (हेल्थ सप्लीमेंट) विनियम, 2022 के तहत अनुमत नहीं हैं। इसके अलावा उत्पाद की लेबलिंग भ्रामक थी और विटामिन-सी की मात्रा आईसीएमआर-एनआईएन की आरडीए सीमा से अधिक पाई गई।
मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस किस कारण निलंबित हुआ?
त्रिपुरा स्थित मातृ ड्रिंकिंग वाटर का लाइसेंस गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के आधार पर एफएसएसएआई ने निलंबित किया। हालाँकि उल्लंघन का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, नियामक ने इसे खाद्य सुरक्षा नियमों के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में रखा है।
एफएसएसएआई ने यह कार्रवाई किस कानूनी प्रावधान के तहत की?
वेनोलेक्स फोर्टे पर प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36(3)(बी) के तहत लगाया गया है, जो नियामक को तत्काल प्रभाव से किसी उत्पाद के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक लगाने का अधिकार देता है।
क्या उपभोक्ताओं को वेनोलेक्स फोर्टे का उपयोग बंद कर देना चाहिए?
एफएसएसएआई के प्रतिबंध के बाद वेनोलेक्स फोर्टे की बिक्री और वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। जो उपभोक्ता इस उत्पाद का उपयोग कर रहे थे, उन्हें अपने चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।
हेल्थ सप्लीमेंट उत्पादों में एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर प्रदर्शित करने के क्या नियम हैं?
एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर उत्पाद की पंजीकरण स्थिति दर्शाता है, न कि नियामक की विशेष मंजूरी या समर्थन। वेनोलेक्स फोर्टे के मामले में लाइसेंस नंबर को इस तरह प्रदर्शित किया गया था जिससे उपभोक्ताओं को गलत संदेश मिल सकता था — यह प्रस्तुति भ्रामक लेबलिंग की श्रेणी में आती है।
राष्ट्र प्रेस
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