गांदरबल मुठभेड़: एनसी और कांग्रेस ने न्यायिक जांच की उठाई मांग
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श्रीनगर, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए 'मुठभेड़' को लेकर राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस के विधायकों ने इस घटना पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। इस मुठभेड़ में एक व्यक्ति की जान गई है, जिसे विधायकों ने निर्दोष नागरिक बताया है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एनसी के विधायकों ने खड़े होकर आरोप लगाया कि गांदरबल में हुई फर्जी मुठभेड़ में एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या कर दी गई। एनसी के वरिष्ठ नेता और विधायक मुबारक गुल ने कहा कि ऐसी घटनाओं की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि उपराज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन गृह विभाग को स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि इस संवेदनशील राज्य में किसी भी निर्दोष की जान नहीं जानी चाहिए। आतंकवादियों और आम नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए।"
इस पर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि मामले में पहले से ही जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन ने सदन में प्लेकार्ड उठाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं एनसी के विधायक हसनैन मसूदी ने बताया कि मृतक का शव अभी तक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए नहीं सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक दफन का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया एक मूल अधिकार है।
कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने कहा कि केवल मजिस्ट्रेट जांच पर्याप्त नहीं है और इस मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "न्याय तभी संभव है जब मामले का जल्दी और निष्पक्ष समाधान हो।"
एनसी के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी घटना के बाद परिवार का पक्ष सुनने की बात कही है और अब आवश्यक है कि पूरे मामले की गहन जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं मीर सैफुल्लाह ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बलों पर नियंत्रण आवश्यक है।
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक आगा सैयद मुंतजिर ने कहा कि इस तरह के मामलों में उठ रहे सवालों का समाधान होना आवश्यक है और उपराज्यपाल द्वारा जांच के आदेश एक स्वागत योग्य कदम है।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के विधायक आरएस पठानिया ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह मामला सदन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की संभावना है।