6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गांदरबल एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने जांच के फैसले का किया स्वागत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गांदरबल एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने जांच के फैसले का किया स्वागत

सारांश

गांदरबल एनकाउंटर ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेताओं ने इस पर सवाल उठाए, लेकिन उपराज्यपाल द्वारा जांच के आदेश का स्वागत किया। क्या यह जांच सच को उजागर कर पाएगी?

मुख्य बातें

गांदरबल एनकाउंटर ने सामाजिक ताने-बाने में तनाव पैदा किया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने जांच के आदेश का स्वागत किया है।
जांच का उद्देश्य मृतक के परिवार को न्याय दिलाना है।

जम्मू, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए एनकाउंटर ने स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी पीडीपी के नेताओं ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं, लेकिन उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के द्वारा मामले की जांच कराने के फैसले का स्वागत किया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जस्टिस हसनैन मसूदी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हर तरफ से यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि यह एक फर्जी मुठभेड़ है और मृतक एक आम नागरिक था।"

उन्होंने जोड़ा, "उपराज्यपाल द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं, जो एक सकारात्मक कदम है। यह आवश्यक है कि यह स्पष्ट किया जाए कि इसके पीछे किसकी साजिश थी और कौन जिम्मेदार है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।"

पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने भी जांच के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, "गांदरबल मुठभेड़ पर जांच के आदेश दिए गए हैं, हम इसके परिणामों का इंतजार करेंगे।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में निर्दोष नागरिकों को जेलों में डालने और उनके प्रमोशन या पोस्टिंग के नाम पर हत्या करने की यह एक दुखद परंपरा बन गई है।

कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन ने कहा, "हम चाहते हैं कि सच सामने आए। परिवार की बातों को सुना जाए और एक सही जांच हो।"

गांदरबल में 1 अप्रैल की शाम को एक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें राशिद अहमद मुगल, निवासी चुंटवालीवार लार, की मौत हो गई। सुरक्षा बलों ने दावा किया कि इस एनकाउंटर में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया, जबकि मृतक के परिवार का कहना है कि राशिद का आतंकवाद या किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं था।

स्थानीय लोगों के आक्रोश के बाद जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग ने गांदरबल के जिलाधिकारी को आदेश दिया कि वे एक निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराएं। इस जांच का उद्देश्य राशिद अहमद मुगल की मौत से संबंधित सभी तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाना है। जांच को सात दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है और रिपोर्ट सीधे गृह विभाग को सौंपी जाएगी।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस मुठभेड़ के संबंध में मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और व्यापक होगी और हर पहलू पर ध्यान दिया जाएगा ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्थानीय लोगों का विश्वास बहाल करना एक बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांदरबल एनकाउंटर में कौन मारा गया?
गांदरबल एनकाउंटर में राशिद अहमद मुगल की मौत हुई, जो एक आम नागरिक थे।
क्या एनकाउंटर फर्जी था?
स्थानीय नेताओं ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताने के लिए संदेह व्यक्त किया है।
जांच के आदेश किसने दिए?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जांच के आदेश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले