गौतमबुद्ध नगर में एलपीजी गैस कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- गौतमबुद्ध नगर में सघन जांच अभियान चल रहा है।
- अवधि रिफिलिंग और गैस कालाबाजारी पर रोक का उद्देश्य।
- संयुक्त टीमों का गठन विभिन्न विभागों द्वारा किया गया।
- जांच में सभी दस्तावेज अद्यतन पाए गए।
- आगे भी अभियान जारी रहेगा।
गौतमबुद्ध नगर, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनपद गौतमबुद्ध नगर में एलपीजी गैस के दुरुपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग को रोकने के लिए प्रशासन ने एक सघन जांच अभियान शुरू किया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों का निर्माण किया गया है, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर रही हैं। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, इस अभियान में उपजिलाधिकारी एवं नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बाट माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, और विभिन्न ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
हाल ही में, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में कई गैस एजेंसियों और अन्य संभावित स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान नोएडा के सेक्टर-54 में स्थित मिथिला गैस गोदाम, आराधिका भारत गैस गोदाम और गौरव इंटरप्राइजेज गैस गोदाम की भी जांच की गई।
इसके अलावा, नोएडा में सांई विनय भारत गैस एजेंसी, ग्रेटर नोएडा में महालक्ष्मी एचपी गैस एजेंसी और जेवर क्षेत्र में इण्डेन गैस एजेंसी का भी निरीक्षण किया गया। जांच में सभी गैस एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई और लाइसेंस, वेट एवं माप से संबंधित सभी दस्तावेज अद्यतन मिले। इसके साथ ही, घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग को रोकने के लिए प्रशासन ने दो परचून दुकानों पर भी छापेमारी की। हालांकि, छापेमारी के दौरान किसी भी दुकान पर गैस रिफिलिंग से संबंधित कोई उपकरण या घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिला।
बावजूद इसके, सभी दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडरों का भंडारण या अवैध रिफिलिंग न करें। जिला पूर्ति अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।