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जीडीपी विवाद: संजय राउत बोले— 'PM मोदी अपने सलाहकार बदलें, गलत जानकारी जा रही है देश तक'

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जीडीपी विवाद: संजय राउत बोले— 'PM मोदी अपने सलाहकार बदलें, गलत जानकारी जा रही है देश तक'

सारांश

मोदी सरकार के पूर्व वित्त सचिव के 2.6% GDP दावे ने नई बहस छेड़ दी है। शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने PM को सलाहकार बदलने की नसीहत दी, जबकि पीयूष गोयल ने आँकड़ों को राजनीति से परे बताया। राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्ति पर भी राउत ने कॉर्पोरेटकरण का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 3 सितंबर को कहा कि PM मोदी को अपने सलाहकार बदलने चाहिए।
मोदी सरकार के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने दावा किया कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर सिर्फ 2.6% है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ACMA कार्यक्रम में कहा कि आँकड़े एकत्र करने में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार CEO नियुक्त किया — सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह ज़िम्मेदारी दी गई।
राउत ने ट्रस्ट में CEO नियुक्ति को मंदिर के कॉर्पोरेटकरण की संज्ञा दी।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 3 सितंबर को मुंबई में जीडीपी आँकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सलाहकार बदलने चाहिए, क्योंकि देश के सामने गलत जानकारी परोसी जा रही है। यह प्रतिक्रिया मोदी सरकार के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर मात्र 2.6% है।

राउत का केंद्र पर हमला

राउत ने सवाल उठाया कि यदि जीडीपी का आँकड़ा इतना मज़बूत है, तो रोज़गार कहाँ है और निवेश कहाँ है। उन्होंने कहा, 'गरीबी और महंगाई साफ दिख रही है — यह जीडीपी के मज़बूत होने का लक्षण नहीं है।' राउत ने आगे कहा कि इस तरह की भ्रामक सूचना देश की जनता को गुमराह करती है और इसकी जड़ प्रधानमंत्री के सलाहकार मंडल में है।

गोयल का पलटवार

इससे पहले बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि आँकड़े एकत्र करने की यह व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है और इसमें किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका नहीं होती। गोयल ने यह भी कहा कि आँकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से सच्चाई नहीं छिपाई जा सकती और इस तरह की नकारात्मक सोच 140 करोड़ भारतीयों के परिश्रम और सामर्थ्य का अपमान है।

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्ति पर भी निशाना

राउत ने उसी दिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह पद सौंपा है। राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्त किया गया है — इसका मतलब है कि मंदिर का कॉर्पोरेटकरण हो गया है। जब बिज़नेस होता है तो CEO आता है, मैनेजिंग डायरेक्टर आता है, डायरेक्टर आते हैं।'

विपक्ष का व्यापक रुख

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल जीडीपी आँकड़ों की विश्वसनीयता और सरकारी सांख्यिकीय तंत्र की स्वायत्तता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। पूर्व वित्त सचिव गर्ग का बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वे स्वयं मोदी सरकार के कार्यकाल में शीर्ष पद पर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति को लेकर भी विपक्ष इसे धार्मिक संस्था के 'कॉर्पोरेटकरण' के रूप में देख रहा है और इस पर सियासी बहस तेज़ होती दिख रही है।

आगे क्या

जीडीपी आँकड़ों की प्रामाणिकता और सरकारी सांख्यिकी प्रणाली की विश्वसनीयता पर यह बहस संसद के आगामी सत्र में भी गूँजने की संभावना है। राम मंदिर ट्रस्ट में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर विपक्ष का दबाव बढ़ता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली मुद्दा यह है कि GDP आँकड़ों की पद्धति पर बहस को अब सत्तापक्ष के अपने लोग ही हवा दे रहे हैं — यह मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति का मुद्दा अलग है, लेकिन दोनों को एक ही दिन उठाकर राउत ने सरकार को दो मोर्चों पर घेरने की कोशिश की है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभाष चंद्र गर्ग ने जीडीपी को लेकर क्या कहा?
मोदी सरकार के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2.6% है। यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि गर्ग स्वयं मोदी सरकार के कार्यकाल में शीर्ष पद पर रहे हैं।
संजय राउत ने PM मोदी को सलाहकार बदलने की नसीहत क्यों दी?
राउत का तर्क है कि यदि GDP मज़बूत होती तो रोज़गार और निवेश दिखते, जबकि गरीबी और महंगाई स्पष्ट है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के सलाहकार गलत जानकारी देश के सामने पेश कर रहे हैं, इसलिए उन्हें बदला जाना चाहिए।
पीयूष गोयल ने जीडीपी विवाद पर क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ACMA कार्यक्रम में कहा कि आँकड़े एकत्र करने की व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है और इसमें कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता। उन्होंने विपक्ष की आलोचना को 140 करोड़ भारतीयों के परिश्रम का अपमान बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति क्यों विवादास्पद है?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार CEO नियुक्त किया है और यह ज़िम्मेदारी सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को दी गई है। विपक्ष इसे मंदिर के 'कॉर्पोरेटकरण' के रूप में देख रहा है और इस पर सवाल उठा रहा है।
क्या जीडीपी आँकड़ों पर यह विवाद संसद में उठेगा?
राजनीतिक संकेत यही हैं कि यह मुद्दा संसद के आगामी सत्र में भी गूँजेगा। पूर्व वित्त सचिव के बयान और विपक्ष की माँगों को देखते हुए सरकारी सांख्यिकीय पद्धति पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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