जेबी माथेर का तीखा हमला: जॉर्ज कुरियन इस्तीफा, ऑपरेशन टाइगर और टीएमसी विवाद पर BJP को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद जेबी माथेर ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर एक साथ निशाना साधा — जॉर्ज कुरियन के मंत्रिमंडल से इस्तीफे, महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी उठापटक को लेकर। उनका कहना है कि देश में राजनीतिक नैतिकता का क्षरण हो रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर दबाव बन रहा है।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे पर माथेर की प्रतिक्रिया
माथेर ने जॉर्ज कुरियन के मंत्रिमंडल से बाहर होने पर कहा कि मंत्रिपरिषद में किसे रखना है और किसे नहीं, यह सरकार और सत्तारूढ़ दल का विशेषाधिकार है। हालाँकि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदायों को शासन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व और सम्मान नहीं मिल रहा। उनके अनुसार, हर वर्ग को उचित भागीदारी मिलनी चाहिए — यह लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है।
ऑपरेशन टाइगर और सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोप
महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' और विधायकों-सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर माथेर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर BJP सांसदों को खरीदने का काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ता में बैठे लोग हर संभव तरीके से व्यक्तिगत लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। माथेर ने कहा कि उनके अनुसार भ्रष्टाचार अब शीर्ष स्तर तक पहुँच चुका है और इसकी गंभीर जाँच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के मुकदमे चलाए जाते हैं, लेकिन जैसे ही वे BJP में शामिल होते हैं, सभी मामले जादुई तरीके से ठंडे पड़ जाते हैं। माथेर ने इस प्रवृत्ति को 'वाशिंग मशीन राजनीति' की संज्ञा दी और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक मिसाल है।
लखनऊ-दिल्ली अग्निकांड पर चिंता
लखनऊ और दिल्ली में हाल ही में हुई आग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए माथेर ने कहा कि 15 छात्रों की मौत बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा मानकों की निगरानी करने वाली व्यवस्थाएँ कहाँ हैं और ऐसी घटनाएँ बार-बार क्यों दोहराई जा रही हैं। माथेर ने कहा कि चाहे 'डबल इंजन सरकार' हो या कोई भी प्रशासनिक ढाँचा, यदि नागरिकों की जान नहीं बचाई जा सकती तो यह गंभीर विफलता है।
उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पर्याप्त मुआवजे की माँग की और कहा कि हादसों की जड़ तक जाने वाली निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियाँ न दोहराई जाएँ।
टीएमसी विवाद और राजनीतिक नैतिकता का सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हाल के घटनाक्रम पर माथेर ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन इसे व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार देश एक ऐसे दौर में है जहाँ नेता पैसे, सत्ता और दबाव के जाल में फँसकर निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने इसे 'लोकतांत्रिक भ्रष्टाचार' कहा — जिसमें पद का दुरुपयोग, संविधान की शपथ का उल्लंघन और राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं का इस्तेमाल शामिल है।
माथेर के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल जारी है और कई राज्यों में दलबदल की घटनाएँ सुर्खियों में हैं। उनके अनुसार राजनीतिक मूल्यों का यह क्षरण लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रहा है।