11 अगस्त 2026
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'ऑपरेशन टाइगर' पर सियासी संग्राम: कांग्रेस सांसद वानखेड़े बोले — BJP में नेतृत्व संकट, लोकतंत्र खतरे में

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'ऑपरेशन टाइगर' पर सियासी संग्राम: कांग्रेस सांसद वानखेड़े बोले — BJP में नेतृत्व संकट, लोकतंत्र खतरे में

सारांश

महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' ने सियासी आग भड़का दी है। कांग्रेस सांसद वानखेड़े ने BJP पर नेतृत्व संकट और दूसरे दलों के नेताओं को प्रलोभन देने का आरोप लगाया, तो NCP (शरद पवार गुट) ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। युवाओं के असली मुद्दे — रोज़गार और शिक्षा — हाशिये पर हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद बलवंत वानखेड़े ने 17 जून को अमरावती में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
वानखेड़े का आरोप — BJP ने अपने संगठन में नेतृत्व नहीं बनाया और अब NCP, TMC व कांग्रेस के नेताओं को प्रलोभन देकर अपनी ओर खींच रही है।
NCP (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता अनिश गावंडे ने 'ऑपरेशन टाइगर' को पूरी तरह असफल करार दिया।
गावंडे ने कहा — NEET और CBSE से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और युवाओं की समस्याएँ असली मुद्दे हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
दोनों विपक्षी नेताओं ने माँग की कि राजनीतिक दल दल-बदल की बजाय विकास और शिक्षा पर ध्यान दें।

महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। कांग्रेस सांसद बलवंत वानखेड़े ने 17 जून को अमरावती में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संगठन के भीतर नेतृत्व विकसित करने में विफल रही है और इसीलिए वह अन्य दलों के नेताओं को अपनी पाँत में खींचकर अपनी ताकत बढ़ा रही है — जो लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विरुद्ध है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही गठबंधन-तोड़ और दल-बदल की अटकलों से घिरी हुई है।

BJP पर नेतृत्व संकट का आरोप

कांग्रेस सांसद बलवंत वानखेड़े ने कहा कि पूरे देश में BJP के भीतर नेतृत्व की कमी साफ़ दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, पार्टी ने अपने संगठन में नई पीढ़ी के नेताओं को तैयार करने पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) जैसे दलों से नेताओं को अपने खेमे में शामिल कर रही है। वानखेड़े ने कहा, 'यह स्थिति दर्शाती है कि BJP अपने विस्तार के लिए दूसरे दलों के नेताओं पर निर्भर हो गई है।'

दल-बदल की राजनीति पर तीखा प्रहार

वानखेड़े ने कहा कि पहले वोटों की चोरी की बात होती थी, फिर सीटों की चोरी की चर्चा हुई, और अब सांसदों को ही एक पार्टी से दूसरी पार्टी में ले जाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP नेताओं को प्रलोभन देकर अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वानखेड़े के अनुसार, 'यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है और जनता सब कुछ देख रही है।'

NCP (शरद पवार गुट) ने 'ऑपरेशन' को बताया विफल

NCP (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिश गावंडे ने कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को पूरी तरह असफल करार दिया। गावंडे ने कहा कि देश में युवा वर्ग सड़कों पर उतरकर रोज़गार, शिक्षा और परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान इन ज़रूरी मुद्दों पर नहीं है।

गावंडे ने आगे कहा कि NEET और CBSE से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोज़गारी और युवाओं की समस्याएँ देश की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। उनके अनुसार, 'इसके बजाय राजनीतिक दल एक-दूसरे के सांसदों और विधायकों को खरीदने-बेचने में व्यस्त हैं — यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और इससे जनता का विश्वास कमज़ोर हो रहा है।'

विपक्ष की माँग: विकास पर ध्यान दें

गावंडे ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसे विवादास्पद अभियानों से दूर रहकर देश के विकास, रोज़गार सृजन और शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में दल-बदल और गठबंधन टूटने की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में बार-बार सामने आई हैं, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या

कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और उठापटक देखने को मिल सकती है। विपक्षी दलों के तेज़ होते आरोपों के बीच यह देखना अहम होगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन इन दावों का किस प्रकार जवाब देता है और क्या यह मुद्दा विधानसभा या सड़क — दोनों स्तरों पर और गरमाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें 2022 की शिवसेना और NCP टूट सबसे बड़े उदाहरण हैं। असली सवाल यह है कि क्या दल-बदल विरोधी कानून की मौजूदा सीमाएँ इस तरह के 'ऑपरेशनों' को रोकने में सक्षम हैं। विपक्ष की आलोचना तब अधिक वज़नदार लगती है जब वह NEET विवाद और बेरोज़गारी जैसे ठोस मुद्दों से जोड़ती है — लेकिन यह भी देखना होगा कि कांग्रेस और NCP खुद ऐसे दल-बदल से कितनी दूर रहे हैं। जनता की असली चिंता शायद 'ऑपरेशन' के नाम से नहीं, बल्कि नीतिगत ठहराव से है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' क्या है?
कथित 'ऑपरेशन टाइगर' एक कथित राजनीतिक अभियान है जिसके तहत आरोप लगाए जा रहे हैं कि BJP अन्य दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को प्रलोभन देकर अपनी पाँत में शामिल कर रही है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया है, हालाँकि BJP की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस सांसद बलवंत वानखेड़े ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
वानखेड़े ने 17 जून को अमरावती में कहा कि BJP ने अपने संगठन में नेतृत्व विकसित नहीं किया और इसीलिए NCP, TMC व कांग्रेस जैसे दलों के नेताओं को प्रलोभन देकर अपनी ओर खींच रही है। उन्होंने इसे वोट, सीट और अब सांसदों की 'चोरी' की क्रमिक प्रक्रिया बताया।
NCP (शरद पवार गुट) ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर क्या कहा?
NCP (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिश गावंडे ने इसे पूरी तरह असफल बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवा रोज़गार, शिक्षा और NEET-CBSE से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर हैं, लेकिन राजनीतिक दल इन मुद्दों की बजाय एक-दूसरे के जनप्रतिनिधियों को खरीदने-बेचने में लगे हैं।
यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति को कैसे प्रभावित कर सकता है?
महाराष्ट्र पहले से ही 2022 में शिवसेना और NCP के विभाजन जैसी बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल का गवाह रह चुका है। कथित 'ऑपरेशन टाइगर' के आरोप राज्य में विपक्षी एकता की परीक्षा लेंगे और आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
विपक्षी दलों ने सरकार से क्या माँग की है?
कांग्रेस और NCP (शरद पवार गुट) दोनों ने माँग की है कि राजनीतिक दल दल-बदल और ऐसे विवादास्पद अभियानों से दूर रहें और देश के विकास, रोज़गार सृजन तथा शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करें।
राष्ट्र प्रेस
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