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गुजरात में त्योहारी सीजन पर विधिक माप विभाग की बड़ी कार्रवाई, 860 प्रतिष्ठानों पर मुकदमा; ₹20.23 लाख जुर्माना वसूला

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गुजरात में त्योहारी सीजन पर विधिक माप विभाग की बड़ी कार्रवाई, 860 प्रतिष्ठानों पर मुकदमा; ₹20.23 लाख जुर्माना वसूला

सारांश

गुजरात में त्योहारी मौसम का फायदा उठाकर कम वजन देने और MRP से अधिक वसूलने वाले 860 प्रतिष्ठानों पर विधिक माप विभाग ने शिकंजा कसा। 1,597 दुकानों की जाँच में ₹20.23 लाख जुर्माना — यह अभियान उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में राज्य सरकार का सख्त संदेश है।

मुख्य बातें

गुजरात के विधिक माप विभाग ने नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के दौरान 1,597 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
860 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई; कुल जुर्माना ₹20.23 लाख ।
सबसे अधिक 515 मामले वजन यंत्रों का सत्यापन/मुहर न होने के — जुर्माना ₹6.61 लाख ।
MRP से अधिक वसूली और हेरफेर के 36 मामलों में ₹1.95 लाख वसूले गए।
उपभोक्ता शिकायत के लिए राज्य हेल्पलाइन 1800-233-0222 और राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1915 उपलब्ध।

गुजरात के विधिक माप विभाग ने नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के त्योहारी मौसम में किए गए विशेष छापामार निरीक्षणों के दौरान वजन और माप नियमों के उल्लंघन के लिए राज्यभर में 860 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इन अभियानों में कुल 1,597 प्रतिष्ठानों की जाँच की गई और जुर्माने के रूप में ₹20.23 लाख की वसूली की गई।

निरीक्षण अभियान का विवरण

यह अभियान दो चरणों में चलाया गया — पहला चरण 11 से 20 अक्टूबर के बीच नवरात्रि और दशहरे के दौरान, और दूसरा चरण 28 और 29 अक्टूबर को दिवाली के अवसर पर। जाँच के दायरे में मिठाई की दुकानें, सूखे मेवों की दुकानें, थोक व्यापारी, सुपरमार्केट और मॉल शामिल रहे।

उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रमन सोलंकी की देखरेख में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को घोषित मात्रा से कम सामान देने और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ऊपर कीमत वसूलने जैसी धोखाधड़ी से सुरक्षित करना था। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी मौसम में उपभोक्ता खरीदारी अपने चरम पर होती है और ऐसे उल्लंघनों की आशंका सबसे अधिक रहती है।

मुख्य उल्लंघन और जुर्माने का ब्योरा

कार्रवाई के अंतर्गत पकड़े गए 860 मामलों में सबसे बड़ी संख्या — 515 मामले — वजन मापने वाले यंत्रों के सत्यापन और मुहर न लगवाने या पुनः सत्यापन न कराने से जुड़े थे, जिनके लिए ₹6.61 लाख वसूले गए।

पैकर पंजीकरण न कराने के 69 मामलों में ₹5.08 लाख का जुर्माना लगाया गया। अन्य अनियमितताओं से जुड़े 145 मामलों में ₹3.46 लाख और कम वजन या कम मात्रा की आपूर्ति के 95 मामलों में ₹3.13 लाख की वसूली हुई। इसके अलावा, MRP से अधिक कीमत वसूलने या MRP संबंधी घोषणाओं में हेरफेर करने के 36 मामलों में ₹1.95 लाख वसूले गए।

सरकार की मंशा और उपभोक्ता सुरक्षा

गौरतलब है कि त्योहारी सत्र में खाद्य व मिठाई की माँग अचानक बढ़ने के साथ ही कुछ व्यापारी तराजू में हेराफेरी करके या गलत वज़न बताकर मुनाफाखोरी करते हैं। विधिक माप विभाग के इस अभियान को इसी प्रवृत्ति पर नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

पकड़े गए उल्लंघनों में निर्धारित वजन से कम सामान देना, तराजू-बाट का सत्यापन और सरकारी मुहर न होना, पैकेज्ड कमोडिटीज रूल्स (PCR) के तहत निर्माताओं और पैकरों का अनिवार्य पंजीकरण न कराना और MRP से अधिक दाम वसूलना प्रमुख रूप से शामिल थे।

आम जनता के लिए शिकायत की सुविधा

जिन उपभोक्ताओं को घोषित वजन से कम सामान दिया गया हो या MRP से अधिक कीमत वसूली गई हो, वे गुजरात सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-0222 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

आगे क्या होगा

विभाग की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि ऐसे निरीक्षण अभियान केवल त्योहारी सत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले समय में नियमित रूप से जाँच जारी रहेगी। उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रमन सोलंकी की निगरानी में चल रहे इस अभियान के व्यापक असर को लेकर व्यापार जगत में सतर्कता का माहौल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

597 निरीक्षणों में 860 उल्लंघन यानी 54% की दर चिंताजनक है। असली सवाल यह है कि क्या महज जुर्माना वसूली पर्याप्त है, या बार-बार उल्लंघन करने वालों पर लाइसेंस निलंबन और आपराधिक मुकदमे जैसी कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए। जब तक जुर्माने की रकम मुनाफे से कम रहेगी, यह अभियान निवारक कम और राजस्व संग्रह अधिक लगेगा।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में विधिक माप विभाग ने कितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की?
गुजरात के विधिक माप विभाग ने त्योहारी निरीक्षणों के दौरान 1,597 प्रतिष्ठानों की जाँच की और 860 पर कानूनी कार्रवाई शुरू की। जुर्माने के रूप में कुल ₹20.23 लाख की वसूली हुई।
त्योहारी सत्र में कौन-से उल्लंघन सबसे ज्यादा पाए गए?
सबसे अधिक 515 मामले वजन मापने वाले यंत्रों का सत्यापन और सरकारी मुहर न लगवाने के थे। इसके अलावा कम वजन की आपूर्ति, MRP से अधिक दाम वसूलना और PCR के तहत पैकर पंजीकरण न कराना भी प्रमुख उल्लंघन रहे।
यह निरीक्षण कब और कहाँ किए गए?
निरीक्षण दो चरणों में हुए — 11 से 20 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि और दशहरे के दौरान, और 28-29 अक्टूबर 2026 को दिवाली पर। इसमें मिठाई की दुकानें, सूखे मेवों की दुकानें, थोक व्यापारी, सुपरमार्केट और मॉल शामिल थे।
उपभोक्ता को कम वजन मिले या MRP से अधिक चार्ज हो तो शिकायत कहाँ करें?
ऐसे उपभोक्ता गुजरात सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-0222 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर भी मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध है।
इस अभियान की देखरेख किसने की?
यह अभियान गुजरात के उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रमन सोलंकी की देखरेख में चलाया गया। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को वजन में धोखाधड़ी और MRP उल्लंघन से बचाना था।
राष्ट्र प्रेस
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