27 जून 2026
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गुंडा नियंत्रण बिल असंवैधानिक और जनविरोधी: TMC नेता कुणाल घोष ने किया कड़ा विरोध

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गुंडा नियंत्रण बिल असंवैधानिक और जनविरोधी: TMC नेता कुणाल घोष ने किया कड़ा विरोध

सारांश

TMC नेता कुणाल घोष ने गुंडा नियंत्रण बिल को ब्रिटिश औपनिवेशिक कानून का आधुनिक रूप बताते हुए खारिज किया — न वकील का अधिकार, न 24 घंटे में कोर्ट पेशी। ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC ने इस बिल के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।

मुख्य बातें

TMC नेता कुणाल घोष ने 27 जून 2026 को गुंडा नियंत्रण बिल को असंवैधानिक, जनविरोधी और अलोकतांत्रिक करार दिया।
बिल में 24 घंटे में अदालत में पेशी और वकील नियुक्त करने के अधिकार का कोई प्रावधान नहीं — घोष की मुख्य आपत्ति।
घोष ने फिरहाद हकीम की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की, यदि वे जिम्मेदार साबित होते हैं।
तारतला हादसे में केवल छोटे अधिकारियों की गिरफ्तारी को नाकाफी बताया; 'बड़ी मछलियों' पर कार्रवाई की माँग।
कमर्शियल निर्माण स्थलों पर काम रुकने से दैनिक मज़दूरों के रोज़गार पर संकट; बिल्डर की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई।
ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC ने इस बिल के विरोध का आधिकारिक ऐलान किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने 27 जून 2026 को कोलकाता में गुंडा नियंत्रण बिल को 'असंवैधानिक, जनविरोधी और अलोकतांत्रिक' करार देते हुए इसके खिलाफ पार्टी की ओर से विरोध दर्ज कराया। घोष ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC इस बिल का पुरज़ोर विरोध करेगी।

बिल पर मुख्य आपत्तियाँ

कुणाल घोष के अनुसार, यह बिल ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के उस कानून का आधुनिक प्रतिरूप है जिसका उपयोग मनमाने तरीके से गिरफ्तारियों के लिए किया जाता था। उन्होंने कहा, 'इस बिल में भी जिसे चाहे उसे गिरफ्तार करने की पूरी छूट दी गई है।'

घोष ने यह भी बताया कि बिल के प्रावधानों में 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश करने की कोई बाध्यता नहीं है और गिरफ्तार व्यक्ति को अपना वकील नियुक्त करने का अधिकार भी नहीं दिया गया है। उनका कहना था, 'कोर्ट को दरकिनार करते हुए इस तरह की व्यवस्था की जा रही है — आखिर ऐसी स्थिति में हम कैसे अपना केस लड़ेंगे?'

फिरहाद हकीम और जवाबदेही की माँग

घोष ने फिरहाद हकीम के मामले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व मेयर वास्तव में जिम्मेदार हैं, तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बयानों को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि आज यह स्पष्ट हो जाएगा कि अधिकारी न्याय के लिए बोल रहे हैं या राजनीतिक दबाव के लिए।

तारतला हादसे पर TMC का रुख

तारतला में हुई घटना पर कुणाल घोष ने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि केवल छोटे अधिकारियों को गिरफ्तार करने से काम नहीं चलेगा — 'बड़ी मछलियों' को भी जवाबदेह ठहराना होगा। उनका आरोप था कि कुछ लोगों को पार्टी तोड़ने का काम सौंपा गया है और यदि वे सफल रहे तो उनकी गलती माफ कर दी जाएगी।

निर्माण स्थलों पर काम रुकने से मज़दूरों की रोज़ी खतरे में

घोष ने बताया कि कमर्शियल निर्माण परियोजनाओं पर काम रोके जाने के कारण साइट पर काम करने वाले दैनिक मज़दूरों का रोज़गार संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया था। इसके बाद यह व्यवस्था की गई कि जो मज़दूर घर जाना चाहते हैं वे जा सकते हैं और जो रहना चाहते हैं, उन्हें बिल्डर की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूरे प्लान की ऑडिटिंग होने तक निर्माण कार्य स्थगित रहेगा।

आगे क्या होगा

TMC के इस आधिकारिक विरोध के बाद गुंडा नियंत्रण बिल पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है। पार्टी ने संकेत दिया है कि विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर इस बिल का विरोध जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें राजनीतिक हैं — वही पार्टी जो पश्चिम बंगाल में सत्ता में है, केंद्र या किसी अन्य राज्य सरकार के इस बिल पर आपत्ति जता रही है, जो संकेत देता है कि असली चिंता कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की है। फिरहाद हकीम पर कुणाल घोष का बयान पार्टी के भीतर की जवाबदेही की बहस को भी उजागर करता है। तारतला हादसे पर 'बड़ी मछलियों' वाली टिप्पणी TMC की आंतरिक दरारों की ओर इशारा करती है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुंडा नियंत्रण बिल क्या है और TMC इसका विरोध क्यों कर रही है?
गुंडा नियंत्रण बिल एक प्रस्तावित कानून है जो पुलिस को संदिग्ध गुंडों को बिना तत्काल न्यायिक समीक्षा के हिरासत में लेने का अधिकार देता है। TMC नेता कुणाल घोष के अनुसार, इसमें 24 घंटे में अदालत में पेशी और वकील नियुक्त करने का अधिकार नहीं है, जो इसे असंवैधानिक बनाता है।
कुणाल घोष ने बिल की तुलना ब्रिटिश कानून से क्यों की?
कुणाल घोष का कहना है कि यह बिल ब्रिटिश औपनिवेशिक दौर के उस कानून का प्रतिरूप है जिसके तहत मनमाने तरीके से गिरफ्तारियाँ होती थीं। उनके अनुसार, इस बिल में भी वही प्रावधान हैं जो किसी को भी बिना पर्याप्त कानूनी सुरक्षा के हिरासत में लेने की अनुमति देते हैं।
फिरहाद हकीम के बारे में कुणाल घोष ने क्या कहा?
कुणाल घोष ने कहा कि यदि पूर्व मेयर फिरहाद हकीम जिम्मेदार पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बयानों पर भी सवाल उठाया कि वे न्याय के लिए बोल रहे हैं या राजनीतिक दबाव के लिए।
तारतला हादसे पर TMC का क्या रुख है?
कुणाल घोष ने तारतला हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि केवल छोटे अधिकारियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है — 'बड़ी मछलियों' को भी जवाबदेह ठहराना होगा। उनका आरोप था कि कुछ लोगों को पार्टी तोड़ने का काम सौंपा गया है।
निर्माण स्थलों पर काम रुकने से मज़दूरों पर क्या असर पड़ा?
कमर्शियल निर्माण परियोजनाओं की ऑडिटिंग के कारण काम रुकने से दैनिक मज़दूरों का रोज़गार संकट में आ गया। घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद यह व्यवस्था की गई कि घर जाने के इच्छुक मज़दूर जा सकते हैं और रहने वालों को बिल्डर की ओर से भोजन मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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