गुरुग्राम बम धमाका मामले में एनआईए ने 9वें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की
सारांश
Key Takeaways
- गुरुग्राम बम धमाके में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई।
- रामदत्त का संबंध गोल्डी बराड़ से है।
- एनआईए की जांच में अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
- एनआईए अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान करने में लगी है।
- यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को 2024 में गुरुग्राम के दो क्लबों में हुए बम धमाकों के मामले में एक और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को चार्जशीट किया जा चुका है।
एनआईए द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, रामदत्त इस केस में 9वां आरोपी है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से संबंधित है। जांच के दौरान यह पता चला है कि इस साजिश के तार कनाडा में सक्रिय आतंकवादी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ से जुड़े हुए हैं। एजेंसी ने हरियाणा के पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में रामदत्त के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। जांच में यह भी सामने आया है कि रामदत्त का संबंध गोल्डी बराड़ के करीबी सहयोगी रोहित गोदारा और विदेश में बैठे गैंगस्टर रणदीप मलिक से था।
एनआईए ने पहले 2025 में गोल्डी बराड़ सहित सात अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। रामदत्त पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, रामदत्त इस बड़े आतंकी सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण सदस्य था। जांच में खुलासा हुआ है कि रामदत्त ने चंबल क्षेत्र में एक आरोपी को सुरक्षित ठिकाना प्रदान किया था, जो गुरुग्राम के दोनों क्लबों में विस्फोटक फेंकने की घटना में शामिल था।
महत्वपूर्ण है कि 10 दिसंबर 2024 को हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित द वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब को निशाना बनाकर बम हमले किए गए थे। इस घटना के तुरंत बाद एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। जांच के दौरान एजेंसी ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर काम करने वाले कई ऑपरेटिव शामिल हैं।
एनआईए ने कहा है कि वह इस मामले में अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान करने और इस साजिश में इस्तेमाल किए गए वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है, ताकि क्षेत्र में सक्रिय आतंकी तंत्र को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।