ग्वालियर सेंट्रल जेल अधीक्षक को व्हाट्सएप से ब्लैकमेल, निलंबित प्रहरी व पूर्व कैदी पर शक
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर केंद्रीय जेल के अधीक्षक विदित सरवैया को 15 जून 2026 को व्हाट्सएप कॉल, चैट संदेशों और कथित वीडियो क्लिप्स के माध्यम से ब्लैकमेल करने तथा धन उगाही का प्रयास किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। सरवैया ने बहोड़ापुर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जेल मुख्यालय को भी इसकी सूचना दी है। प्रारंभिक जांच में पवन शर्मा नामक एक निलंबित जेल प्रहरी और रिशपाल बघेल नामक एक पूर्व कैदी पर संदेह जताया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, जेल अधीक्षक विदित सरवैया को कुछ अज्ञात मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और संदेश प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने जेल परिसर के भीतर से कथित तौर पर बनाए गए वीडियो भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके साथ ही पैसों की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है।
सरवैया ने बताया, 'उन्हें भेजे गए वीडियो जेल के अंदर के हो सकते हैं, लेकिन उन्हें किसने बनाया और बाहर तक कैसे पहुंचाया गया, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर दो लोगों पर संदेह है — एक पवन शर्मा नामक निलंबित जेल प्रहरी, और दूसरा रिशपाल बघेल नामक पूर्व कैदी जो जेल से रिहा हो चुका है।'
धन उगाही और शिकायत की पृष्ठभूमि
अधीक्षक सरवैया के अनुसार, जिन लोगों पर संदेह है, उन्हीं की ओर से पैसों की मांग किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, 'जिस दिन पैसे मांगने की बात सामने आई, उसके अगले ही दिन पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई थी।' शिकायत पुलिस और जेल मुख्यालय दोनों को दे दी गई है।
सरवैया ने यह भी कहा कि वीडियो संभवतः सुनियोजित तरीके से तैयार किए गए हैं। हालांकि वीडियो में कोई स्पष्ट संवेदनशील गतिविधि दिखाई नहीं दे रही, किंतु जेल के भीतर से इस प्रकार का वीडियो बाहर आना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब जेलों की आंतरिक सुरक्षा और मोबाइल उपकरणों के अनधिकृत उपयोग को लेकर पहले से ही चिंताएं व्यक्त की जाती रही हैं। गौरतलब है कि जेल परिसर के भीतर मोबाइल फोन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, ऐसे में वीडियो का बाहर आना सुरक्षा तंत्र में सेंध का संकेत देता है।
सरवैया ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं भी पूरे मामले की जांच करेंगे।
पुलिस की प्रतिक्रिया
बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि जेल अधीक्षक की ओर से एक शिकायती आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, 'शिकायत में दो अज्ञात नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है। पुलिस तकनीकी जांच कर रही है और कॉल करने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।'
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध नंबरों की पहचान की जा रही है। जेल मुख्यालय और एसएसपी कार्यालय दोनों स्तरों पर जांच समानांतर रूप से चल रही है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो निलंबित प्रहरी पवन शर्मा और पूर्व कैदी रिशपाल बघेल के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है।