21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हरियाणा महिला आयोग की कार्रवाई: झूठी शिकायत दर्ज कराने वाली 10 महिलाओं पर हुआ एक्शन — रेणु भाटिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हरियाणा महिला आयोग की कार्रवाई: झूठी शिकायत दर्ज कराने वाली 10 महिलाओं पर हुआ एक्शन — रेणु भाटिया

सारांश

हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने साफ किया — झूठे आरोप लगाने वाली महिलाएँ भी कार्रवाई से नहीं बचेंगी। आयोग अब तक 10 ऐसी महिलाओं पर एक्शन ले चुका है। कुरुक्षेत्र की POSH कार्यशाला में दिया यह संदेश कार्यस्थल पर निष्पक्ष जाँच की माँग को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

हरियाणा महिला आयोग अध्यक्ष रेणु भाटिया ने 5 जून 2026 को कुरुक्षेत्र में POSH कार्यशाला को संबोधित किया।
झूठे आरोप सिद्ध होने पर आयोग अब तक 10 महिलाओं के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका है।
हर कार्यालय में ICC की जानकारी — फोन नंबरों सहित — प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
समितियों को हर माह एक बैठक करना जरूरी; POSH, POCSO, बाल विवाह, श्रम कानून पर चर्चा होगी।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने 5 जून 2026 को कुरुक्षेत्र के स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग अब तक ऐसी 10 महिलाओं के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका है जिनके आरोप जाँच में असत्य पाए गए।

कार्यशाला का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

महिला एवं बाल विकास विभाग, कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण में अधिकारियों, कर्मचारियों और महिलाओं को POSH अधिनियम 2013 की बारीकियों से अवगत कराया गया। रेणु भाटिया ने कहा कि जिस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार सकारात्मक होगा, वहाँ यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएँ नाममात्र रह जाएँगी।

आंतरिक शिकायत समितियों पर जोर

अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यालय में गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की पूरी जानकारी — अध्यक्ष व सदस्यों के फोन नंबरों सहित — प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित महिला को समिति की जानकारी नहीं होगी, वह शिकायत दर्ज कराने के अपने अधिकार से भी अनजान रहेगी।

मासिक बैठक और सम्मान का प्रावधान

रेणु भाटिया ने कहा कि प्रत्येक समिति को हर माह एक बैठक अनिवार्य रूप से करनी होगी, जिसमें POSH, बाल विवाह, POCSO, श्रम कानून सहित संबंधित विषयों पर चर्चा हो। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में जो समितियाँ उत्कृष्ट कार्य करेंगी, उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

विशेषज्ञों ने दी कानूनी जानकारी

कार्यशाला में अधिवक्ता रितु कपूर और डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की परीक्षा नियंत्रक डॉ. बलविंद्र कौर ने यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सीईओ वीरेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं।

यह कार्यशाला ऐसे समय में आयोजित हुई जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ रही है। आयोग का यह कदम POSH अधिनियम के निष्पक्ष और प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि इस प्रावधान का अत्यधिक उपयोग वास्तविक पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से हतोत्साहित कर सकता है। असली चुनौती यह है कि 'झूठी शिकायत' और 'साक्ष्य के अभाव में खारिज शिकायत' के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए — यह स्पष्टता कार्यशालाओं में भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी नीतिगत स्तर पर।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा महिला आयोग ने झूठी शिकायत पर कितनी महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की है?
आयोग अध्यक्ष रेणु भाटिया के अनुसार, अब तक 10 ऐसी महिलाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है जिनके आरोप जाँच में असत्य पाए गए। यह जानकारी उन्होंने 5 जून 2026 को कुरुक्षेत्र में आयोजित POSH कार्यशाला में दी।
POSH अधिनियम 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति (ICC) क्या होती है?
POSH अधिनियम 2013 के अंतर्गत प्रत्येक कार्यालय में एक आंतरिक शिकायत समिति (ICC) गठित करना अनिवार्य है, जो कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की निष्पक्ष जाँच करती है। रेणु भाटिया ने निर्देश दिया कि समिति के सदस्यों के नाम और फोन नंबर कार्यालय में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित हों।
क्या झूठी शिकायत दर्ज कराने पर महिला के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है?
हाँ, POSH अधिनियम 2013 में यह प्रावधान है कि यदि शिकायत जाँच में झूठी पाई जाती है तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हरियाणा महिला आयोग इस प्रावधान को लागू कर चुका है और 10 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है।
कुरुक्षेत्र POSH कार्यशाला में किन विशेषज्ञों ने भाग लिया?
कार्यशाला में अधिवक्ता रितु कपूर और डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की परीक्षा नियंत्रक डॉ. बलविंद्र कौर ने यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर और जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
हरियाणा में ICC समितियों के लिए मासिक बैठक क्यों अनिवार्य की गई है?
रेणु भाटिया ने स्पष्ट किया कि मासिक बैठक से POSH, POCSO, बाल विवाह और श्रम कानून जैसे विषयों पर नियमित समीक्षा होगी और कार्यस्थल की समस्याओं का समय पर समाधान निकाला जा सकेगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित करने की भी घोषणा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले