हरियाणा महिला आयोग की कार्रवाई: झूठी शिकायत दर्ज कराने वाली 10 महिलाओं पर हुआ एक्शन — रेणु भाटिया
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने 5 जून 2026 को कुरुक्षेत्र के स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग अब तक ऐसी 10 महिलाओं के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका है जिनके आरोप जाँच में असत्य पाए गए।
कार्यशाला का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
महिला एवं बाल विकास विभाग, कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण में अधिकारियों, कर्मचारियों और महिलाओं को POSH अधिनियम 2013 की बारीकियों से अवगत कराया गया। रेणु भाटिया ने कहा कि जिस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार सकारात्मक होगा, वहाँ यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएँ नाममात्र रह जाएँगी।
आंतरिक शिकायत समितियों पर जोर
अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यालय में गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की पूरी जानकारी — अध्यक्ष व सदस्यों के फोन नंबरों सहित — प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित महिला को समिति की जानकारी नहीं होगी, वह शिकायत दर्ज कराने के अपने अधिकार से भी अनजान रहेगी।
मासिक बैठक और सम्मान का प्रावधान
रेणु भाटिया ने कहा कि प्रत्येक समिति को हर माह एक बैठक अनिवार्य रूप से करनी होगी, जिसमें POSH, बाल विवाह, POCSO, श्रम कानून सहित संबंधित विषयों पर चर्चा हो। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में जो समितियाँ उत्कृष्ट कार्य करेंगी, उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने दी कानूनी जानकारी
कार्यशाला में अधिवक्ता रितु कपूर और डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की परीक्षा नियंत्रक डॉ. बलविंद्र कौर ने यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सीईओ वीरेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं।
यह कार्यशाला ऐसे समय में आयोजित हुई जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ रही है। आयोग का यह कदम POSH अधिनियम के निष्पक्ष और प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।