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हरियाणा NCR में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र 22 से बढ़ाकर 45 करेगा, 30 सितंबर तक पूर्ण नेटवर्क का लक्ष्य

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हरियाणा NCR में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र 22 से बढ़ाकर 45 करेगा, 30 सितंबर तक पूर्ण नेटवर्क का लक्ष्य

सारांश

सर्दियों के प्रदूषण मौसम से पहले हरियाणा ने NCR में बड़ा कदम उठाया है — 45 निगरानी केंद्र, 925 इलेक्ट्रिक बसें और 2,780 पेट्रोल पंपों पर ANPR से PUCC सत्यापन। यह रोडमैप दिखाता है कि राज्य इस बार कागज़ी वादों से आगे बढ़कर तकनीक-आधारित प्रवर्तन की ओर जा रहा है।

मुख्य बातें

हरियाणा NCR में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या 22 से बढ़ाकर 45 करेगा; पूर्ण नेटवर्क 30 सितंबर 2026 तक चालू होगा।
इस वर्ष गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना; अभी 70 परिचालन में, 385 के आदेश जारी।
1 अक्टूबर 2026 से 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति लागू होगी; NCR के 2,780 पेट्रोल पंपों पर ANPR प्रणाली स्थापित होगी।
पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंप कवर होंगे।
लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का पुनर्निर्माण और पुराने वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई भी योजना में शामिल।

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक व्यापक बहुक्षेत्रीय कार्ययोजना जारी की है, जिसके तहत सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या मौजूदा 22 से बढ़ाकर 45 करने का लक्ष्य रखा गया है। 26 जून 2026 को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के ढाँचे के अंतर्गत आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इन पहलों की प्रगति का जायज़ा लिया।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में स्वच्छ वायु अभियान के चार प्रमुख स्तंभों की समीक्षा की गई — वायु निगरानी नेटवर्क का विस्तार, इलेक्ट्रिक बस बेड़े में वृद्धि, 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति का क्रियान्वयन और लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का पुनर्निर्माण। मुख्य सचिव रस्तोगी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सर्दियों के प्रदूषण मौसम से पहले ये उपाय पूरी तरह लागू हो जाने चाहिए।

निगरानी नेटवर्क विस्तार

अधिकारियों के अनुसार, NCR में फ़िलहाल 22 निगरानी केंद्र परिचालन में हैं और 23 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से दो केंद्रों के लिए कार्य आदेश जुलाई के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है, जबकि शेष केंद्रों के लिए निविदाएँ शीघ्र आमंत्रित की जाएंगी। पूरे विस्तारित नेटवर्क को 30 सितंबर 2026 से पहले पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य है, जिससे सर्दियों में वास्तविक समय की व्यापक निगरानी सुनिश्चित हो सके।

925 इलेक्ट्रिक बसें और परिवहन सुधार

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) राजा शेखर वुंद्रू ने बताया कि हरियाणा ने इस वर्ष गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना बनाई है। वर्तमान में 70 इलेक्ट्रिक बसें पहले से परिचालन में हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों के लिए खरीद आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस पहल से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति

वाहन उत्सर्जन नियंत्रण की दिशा में 1 अक्टूबर 2026 से 'नो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC), नो फ्यूल' नीति लागू की जाएगी। इसके लिए NCR जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) प्रणाली स्थापित की जा रही है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंप शामिल होंगे, जबकि शेष 2,005 पंपों को निर्धारित समय-सीमा से पहले कवर कर लिया जाएगा। एक बार चालू होने के बाद यह प्रणाली ईंधन भरने से पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन करेगी।

आगे की राह

बैठक में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। यह रोडमैप ऐसे समय में आया है जब NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुँचना एक वार्षिक चुनौती बन चुकी है। समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया ज़ोर संकेत देता है कि राज्य इस बार मानसून के बाद के महीनों से पहले ही तैयारी पूरी करना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — NCR में हर सर्दी से पहले ऐसी योजनाएँ घोषित होती हैं और अक्सर अधूरी रह जाती हैं। ANPR-आधारित PUCC सत्यापन एक तकनीकी छलाँग है, परंतु 2,780 पेट्रोल पंपों पर 1 अक्टूबर की समय-सीमा महत्वाकांक्षी है जबकि पहले चरण के 775 पंपों के लिए भी आदेश अभी प्रक्रिया में हैं। 925 इलेक्ट्रिक बसों में से केवल 70 परिचालन में हैं — यह अंतर बताता है कि घोषणा और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई अभी भी चौड़ी है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा NCR में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या कितनी होगी?
हरियाणा NCR में निगरानी केंद्रों की संख्या मौजूदा 22 से बढ़ाकर 45 की जाएगी। 23 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और पूरे नेटवर्क को 30 सितंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य है।
'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति क्या है और यह कब लागू होगी?
यह नीति 1 अक्टूबर 2026 से NCR में लागू होगी, जिसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना किसी भी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। NCR के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ANPR प्रणाली से इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन किया जाएगा।
हरियाणा में कितनी इलेक्ट्रिक बसें आएंगी और किन शहरों में?
हरियाणा इस वर्ष गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करेगा। अभी 70 बसें परिचालन में हैं और 385 के लिए खरीद आदेश जारी हो चुके हैं।
CAQM की बैठक में और क्या निर्णय हुए?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के ढाँचे में हुई बैठक में लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों के पुनर्निर्माण और पुराने वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को सर्दियों से पहले उपाय पूरे करने के निर्देश दिए।
NCR में नए निगरानी केंद्र कब तक स्थापित होंगे?
दो केंद्रों के लिए कार्य आदेश जुलाई के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है और शेष केंद्रों के लिए निविदाएँ शीघ्र आमंत्रित की जाएंगी। पूरा विस्तारित नेटवर्क 30 सितंबर 2026 से पहले पूरी तरह चालू होने का लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
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