हरियाणा NCR में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र 22 से बढ़ाकर 45 करेगा, 30 सितंबर तक पूर्ण नेटवर्क का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक व्यापक बहुक्षेत्रीय कार्ययोजना जारी की है, जिसके तहत सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या मौजूदा 22 से बढ़ाकर 45 करने का लक्ष्य रखा गया है। 26 जून 2026 को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के ढाँचे के अंतर्गत आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इन पहलों की प्रगति का जायज़ा लिया।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में स्वच्छ वायु अभियान के चार प्रमुख स्तंभों की समीक्षा की गई — वायु निगरानी नेटवर्क का विस्तार, इलेक्ट्रिक बस बेड़े में वृद्धि, 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति का क्रियान्वयन और लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का पुनर्निर्माण। मुख्य सचिव रस्तोगी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सर्दियों के प्रदूषण मौसम से पहले ये उपाय पूरी तरह लागू हो जाने चाहिए।
निगरानी नेटवर्क विस्तार
अधिकारियों के अनुसार, NCR में फ़िलहाल 22 निगरानी केंद्र परिचालन में हैं और 23 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से दो केंद्रों के लिए कार्य आदेश जुलाई के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है, जबकि शेष केंद्रों के लिए निविदाएँ शीघ्र आमंत्रित की जाएंगी। पूरे विस्तारित नेटवर्क को 30 सितंबर 2026 से पहले पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य है, जिससे सर्दियों में वास्तविक समय की व्यापक निगरानी सुनिश्चित हो सके।
925 इलेक्ट्रिक बसें और परिवहन सुधार
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) राजा शेखर वुंद्रू ने बताया कि हरियाणा ने इस वर्ष गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना बनाई है। वर्तमान में 70 इलेक्ट्रिक बसें पहले से परिचालन में हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों के लिए खरीद आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस पहल से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति
वाहन उत्सर्जन नियंत्रण की दिशा में 1 अक्टूबर 2026 से 'नो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC), नो फ्यूल' नीति लागू की जाएगी। इसके लिए NCR जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) प्रणाली स्थापित की जा रही है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंप शामिल होंगे, जबकि शेष 2,005 पंपों को निर्धारित समय-सीमा से पहले कवर कर लिया जाएगा। एक बार चालू होने के बाद यह प्रणाली ईंधन भरने से पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन करेगी।
आगे की राह
बैठक में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। यह रोडमैप ऐसे समय में आया है जब NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुँचना एक वार्षिक चुनौती बन चुकी है। समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया ज़ोर संकेत देता है कि राज्य इस बार मानसून के बाद के महीनों से पहले ही तैयारी पूरी करना चाहता है।