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हीटवेव में गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता ज़रूरी: एम्स दिल्ली की डॉ. अनभूति राणा की अहम सलाह

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हीटवेव में गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता ज़रूरी: एम्स दिल्ली की डॉ. अनभूति राणा की अहम सलाह

सारांश

भीषण हीटवेव के बीच एम्स दिल्ली की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनभूति राणा ने गर्भवती महिलाओं को सतर्क किया है — डिहाइड्रेशन से बचाव, दोपहर में घर से न निकलना और हल्का भोजन लेना इस मौसम में माँ और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

मुख्य बातें

एम्स दिल्ली की गायनेकोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ.
अनभूति राणा ने 23 मई को गर्भवती महिलाओं के लिए हीटवेव में विशेष सावधानियाँ बताईं।
हीटवेव माँ और गर्भस्थ शिशु — दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है।
पर्याप्त पानी, नींबू पानी और शिकंजी से इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है।
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें; बेहद ज़रूरी होने पर ही जाएँ।
ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें और हल्का, ताज़ा भोजन लें; तला-भुना खाने से परहेज़ करें।
लंबे समय तक लगातार काम न करें — बीच-बीच में आराम लेना अनिवार्य है।

एम्स दिल्ली के गायनेकोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. अनभूति राणा ने 23 मई को चेतावनी दी कि भीषण हीटवेव के बीच गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतना अनिवार्य है, क्योंकि अत्यधिक गर्मी माँ और गर्भस्थ शिशु — दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है। नई दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में इस समय तापमान चरम पर है और विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है।

गर्भावस्था में हीटवेव क्यों है ज़्यादा खतरनाक

डॉ. राणा के अनुसार, गर्भावस्था स्वयं में एक संवेदनशील शारीरिक अवस्था है जिसमें शरीर को सामान्य से कहीं अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। जब बाहरी तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो इसका सीधा प्रभाव माँ की शारीरिक प्रणाली और गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में किसी भी लापरवाही को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

हाइड्रेशन सबसे पहली प्राथमिकता

डॉ. राणा ने बताया कि गर्मी के मौसम में गर्भवती महिलाओं को डिहाइड्रेशन यानी शरीर में जल की कमी का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक रहता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना अनिवार्य है। उन्होंने सुझाया कि केवल सादे पानी तक सीमित न रहें — नींबू पानी, शिकंजी और अन्य तरल पदार्थ भी लाभकारी हैं, क्योंकि ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं।

आराम और दिनचर्या में संतुलन ज़रूरी

डॉ. राणा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को एक साथ लंबे समय तक काम करने से बचना चाहिए और बीच-बीच में पर्याप्त विश्राम लेना चाहिए। लगातार परिश्रम से थकान और कमज़ोरी बढ़ सकती है, जो गर्भावस्था में हानिकारक साबित हो सकती है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच — जब सूर्य की तीव्रता सर्वाधिक होती है — घर से बाहर निकलने से पूरी तरह परहेज करें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही और पूरी सावधानी के साथ बाहर जाएँ।

खानपान और पहनावे पर विशेषज्ञ की सलाह

आहार के संदर्भ में डॉ. राणा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को हल्का, ताज़ा और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। हल्का भोजन शरीर को ऊर्जा देता है और गर्मी में पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव नहीं डालता। बाहर का तला-भुना या भारी भोजन इस मौसम में नुकसानदेह हो सकता है, अतः उससे बचना उचित है। पहनावे के मामले में उन्होंने ढीले-ढाले सूती (कॉटन) कपड़े पहनने की सलाह दी, जिससे शरीर को पर्याप्त वायु-संचार मिले और पसीना आसानी से सूख सके। तंग कपड़े गर्मी में असुविधा और परेशानी को और बढ़ा सकते हैं।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत में तापमान में कोई उल्लेखनीय गिरावट की संभावना नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की यह सलाह न केवल गर्भवती महिलाओं, बल्कि उनके परिजनों के लिए भी उतनी ही प्रासंगिक है। एम्स दिल्ली जैसे अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की ओर से आने वाली यह जानकारी जन-स्वास्थ्य जागरूकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नियम बनती जा रही हैं। एम्स जैसे संस्थान की विशेषज्ञ की सलाह का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य जागरूकता की पहुँच अभी भी सीमित है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार और स्वास्थ्य तंत्र इस जानकारी को केवल मीडिया साक्षात्कार तक सीमित रखेंगे, या इसे ज़मीनी स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँचाने की कोई ठोस योजना भी बनेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हीटवेव में गर्भवती महिलाओं को सबसे बड़ा खतरा क्या है?
एम्स दिल्ली की डॉ. अनभूति राणा के अनुसार, हीटवेव में गर्भवती महिलाओं को सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी का है। अत्यधिक गर्मी माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकती है।
गर्भवती महिलाओं को गर्मी में क्या पीना चाहिए?
डॉ. राणा की सलाह है कि गर्भवती महिलाएँ सादे पानी के साथ-साथ नींबू पानी, शिकंजी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहता है और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है।
हीटवेव के दौरान गर्भवती महिलाओं को कब घर से नहीं निकलना चाहिए?
डॉ. अनभूति राणा के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच — जब धूप सबसे तेज़ होती है — गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना अत्यंत आवश्यक हो, तो पूरी सावधानी के साथ ही जाएँ।
गर्मी में गर्भवती महिलाओं को कैसा भोजन लेना चाहिए?
एम्स दिल्ली की विशेषज्ञ डॉ. राणा ने हल्का, ताज़ा और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी है। बाहर का तला-भुना या भारी भोजन पाचन पर बोझ डालता है और इस मौसम में नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए उससे परहेज़ करना चाहिए।
गर्भावस्था में हीटवेव से बचाव के लिए कैसे कपड़े पहनने चाहिए?
डॉ. अनभूति राणा ने ढीले-ढाले और सूती (कॉटन) कपड़े पहनने की सलाह दी है। इससे शरीर को पर्याप्त वायु-संचार मिलता है और पसीना आसानी से सूखता है। तंग कपड़े गर्मी में परेशानी और असुविधा बढ़ा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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